2 अक्टूबर को No UPI Day मनाकर ही दम लेंगे व्यापारी, दिल्ली में उठी विरोध की चिंगारी
आज सितंबर का आखिरी दिन है और आने वाले 2 अक्टूबर को देशभर के व्यापारी UPI पेमेंट पर लगने वाले चार्ज को लेकर बड़ा विरोध करने की तैयारी में है. व्यापारियों ने 2 अक्टूबर को No UPI Day का ऐलान किया है.

आज के समय में यूपीआई के जरिए पेमेंट करना लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गया है. जब से यूपीआई पेमेंट की शुरुआत हुई है, तब से लोगों ने कैश लेकर बाहर जाना कम कर दिया है. ऐसे में 15 अक्टूबर 2026 से यूपीआई के जरिए 2 हजार से ज्यादा की पेमेंट करने पर चार्ज लगने की बात सामने आई है. इसके लिए 2 अक्टूबर को देशभर के व्यापारी UPI को लेकर बड़ा विरोध दर्ज कराने जा रहे हैं.
No UPI Day के जरिए व्यापारी 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR शुल्क के प्रस्ताव का विरोध करेंगे. इस मुहिम को दिल्ली के मोबाइल कारोबारियों का मिला समर्थन. दिल्ली मोबाइल एसोसिएशन और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने भी 2 अक्टूबर को No UPI Day का ऐलान किया है. देश के बड़े मोबाइल हब करोल बाग में भी व्यापारी इस दिन UPI से लेनदेन नहीं करेंगे.
साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढका जाएगा
CTI ने व्यापारियों से UPI QR कोड, स्कैनर और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढकने की अपील की है. 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR शुल्क लगाने का प्रस्ताव है. CTI का कहना है कि इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. संगठन ने शुल्क लागू होने के बाद बड़े UPI भुगतानों में 50 फीसदी तक की गिरावट की आशंका जताई है.
संगठनों की मांग क्या है?
CTI ने सरकार से MDR शुल्क का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की है. यानी विरोध कर रहे संगठनों की मुख्य मांग यही है कि यूपीआई पर जीरो MDR की व्यवस्था ही जारी की जाए. उनका साफ कहना है कि यूपीआई के जरिए पेमेंट करने से डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिलता है तो इस पर किसी भी तरह का चार्ज नहीं लगाना चाहिए. इसी बात को लेकर 2 अक्टूबर को देशभर के व्यापारी UPI को लेकर बड़ा विरोध करने की तैयारी में हैं.
15 अक्टूबर से Apple Pay पर भी लगेगा MDR? जानें UPI से कितना अलग है इसका हिसाब- किताब






















