देश में LPG की मांग 12% घटी, लेकिन पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी
अक्टूबर के महीने में एलपीजी सिलेंडर की खपत में गिरावट दर्ज की गई है. वहीं पेट्रोल और डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली है. जानिए आखिर एलपीजी की खपत में गिरावट क्यों आई?

- अक्टूबर में एलपीजी खपत 12% घटी, मध्य पूर्व तनाव मुख्य कारण।
- अक्टूबर में पेट्रोल-डीजल मांग सड़क परिवहन बढ़ने से मजबूत हुई।
- पेट्रोल मांग 3.11% और डीजल मांग 11.69% की वृद्धि दर्ज।
- सरकार एलपीजी के बजाय पीएनजी उपयोग को बढ़ावा दे रही है।
ज्यादातर घर में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, कुछ समय से एलपीजी सिलेंडर से लेकर पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसका सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होना है. ऐसे में बड़ी बात ये है कि पिछले महीने यानी अक्टूबर में एलपीजी की खपत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
अहम बात तो ये है कि एलपीजी सिलेंडर की खपत में गिरावट दर्ज की गई है तो वहीं पेट्रोल और डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली है. ऐसे में अब सवाल यही है कि आखिर एलपीजी की खपत में गिरावट क्यों आई? आखिर इसके पीछे क्या कारण है.
पेट्रोल की मांग में इजाफा
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सबसे पहले बात करते हैं कि पेट्रोल की मांग में कितना इजाफा देखने को मिला है. अक्टूबर के महीने में पिछले साल के मुकाबले पेट्रोल की खपत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ये बढ़ोतरी पिछले साल के मुकाबले में 3.11 प्रतिशत से बढ़कर 3.77 मिलियन टन हो गई.
डीजल की मांग में बढ़ोतरी
अहम बात ये है कि केवल पेट्रोल की मांग में बढ़ोतरी नहीं हुई है, बल्कि डीजल की मांग में भी इजाफा देखने को मिला है. डीजल की मांग पिछले साल के मुकाबले 11.69 प्रतिशत से बढ़कर 8.15 मिलियन टन पहुंच गई है.
LPG की खपत में कितनी गिरावट आई?
अक्टूबर 2026 में देश में LPG की खपत में गिरवट देखने को मिली है. आकंड़ों की बात करें तो एलपीजी की खपत सालाना आधार पर 12.11 प्रतिशत घट गई है और ये घटकर 2.64 मिलियन टन रह गई. ऐसे में ये जानना काफी जरूरी है कि आखिर एलपीजी की खपत में गिरावट आने के पीछे कारण क्या है?
LPG की खपत में गिरावट आने की वजह
एलपीजी की खपत में गिरावट आने की वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव है, जिसकी वजह से एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ा. बड़ी बात ये है कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा एलपीजी दूसरे देशों से आयात करता है, लेकिन तनाव के कारण सप्लाई पर असर पड़ने से देश में एलपीजी सिलेंडर के दाम में कई बार बढ़ोतरी की गई. ऐसे में सवाल ये है कि अगर एलपीजी की खपत में गिरावट दर्ज की गई है तो पेट्रोल-डीजल की मांग में बढ़ोतरी के पीछे का कारण क्या है?
पेट्रोल-डीजल की मांग क्यों बढ़ी?
अगर बात करें पेट्रोल और डीजल की मांग में बढ़ोतरी होने के पीछे की तो देश में सड़क परिवहन और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने के साथ वाहनों का इस्तेमाल भी मजबूत बना हुआ है. यही कारण है कि पेट्रोल और डीजल की मांग में इजाफा देखने को मिला है.
LPG से PNG अपना रहे लोग?
मिडिल ईस्ट में तनाव के बाद सप्लाई में आई दिक्कत के बाद सरकार ने भी एलपीजी सिलेंडर की जगह PNG पाइप्ड नेचुरल गैस को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है. इसलिए जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्शन मौजूद है तो वहां पर लोगों को एलपीजी गैस की जगह पीएनजी का इस्तेमाल करने के लिए कहा जा रहा है.
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