अब विदेश पैसे भेजने से पहले सावधान, पहले जान लें LRS लिमिट और टैक्स के नियम
क्या आप अक्सर विदेश में पैसा भेजते हैं? अगर हां तो अब पहले इसके नियमों के बारे में जान लें, वरना मुश्किल में पड़ सकते हैं. क्योंकि सरकार ने इसकी लिमिट तय की है और टैक्स को लेकर भी अलग नियम हैं.

कई भारतीय विदेशों में जाकर बस गए हैं, तो कई छात्र वहां जाकर पढ़ाई करते हैं. तो वहीं कई लोग इलाज भी करवाने के लिए जाते हैं, ऐसे में उनके भारत में रहने वाले परिजन अक्सर उन्हें पैसे भेजते हैं. ये अब आम बात हो गई है. कई बार लोग निवेश या संपत्ति खरीदने जैसे कामों के लिए भी विदेश पैसे भेजते हैं. लेकिन इसके भी अपने कुछ अलग नियम हैं, जिनका पालन करना भी बेहद जरूरी है.
कितनी है पैसे भेजने की लिमिट?
भारत में रहने वाला कोई व्यक्ति लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत एक वित्त वर्ष यानी अप्रैल से मार्च के बीच अधिकतम 2.50 लाख डॉलर विदेश भेज सकता है. ये सीमा सभी बैंकों और अलग-अलग विदेशी करेंसी के रूप में ट्रांसफर की जा सकती है. इस पैसे का इस्तेमाल विदेश में पढ़ाई, इलाज, ट्रैवल, बिजनेस, रिश्तेदारों की मदद, गिफ्ट या दान के लिए किया जा सकता है. विदेश में निवेश, बैंक अकाउंट खोलने या प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भी कुछ शर्तों के साथ पैसे भेजे जा सकते हैं.
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किन दस्तावेजों की है जरूरत?
विदेश पैसे भेजते समय बैंक को पैन कार्ड, पैसे भेजने का कारण, रकम, पैसे का स्रोत और जिसे पैसा भेजा जा रहा है उसकी जानकारी देनी होती है. बैंक KYC और दूसरे जरूरी नियमों की भी जांच करता है. जरूरत पड़ने पर बैंक आय, बैंक स्टेटमेंट या निवेश से जुड़े दस्तावेज मांग सकता है.
10 लाख रुपये से ज्यादा भेजने पर TCS
अगर एक वित्त वर्ष में LRS के तहत विदेश भेजी गई रकम 10 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो TCS यानी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स लग सकता है. 1 अप्रैल 2026 से शिक्षा और इलाज के लिए 10 लाख रुपये से जयादा की रकम पर 2% TCS है, जबकि अन्य चीजों के लिए ये दर 20 प्रतिशत है. हालांकि विदेश यात्रा के पैकेज पर अलग नियम लागू होते हैं.
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विदेश में संपत्ति है तो देनी होगी जानकारी
अगर आपने विदेश में संपत्ति या निवेश किया है, तो कुछ मामलों में इनकी जानकारी आयकर रिटर्न में देना जरूरी होता है. भारत में सामान्य रूप से निवासी करदाताओं को विदेशी संपत्ति और विदेश से हुई आय की जानकारी संबंधित टैक्स फॉर्म में बतानी होती है.























