एयर इंडिया से उड़ने वाले सावधान, घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कर दी भारी कटौती, सफर से पहले देखें लिस्ट
Air India Flight: एयर इंडिया ने जून–अगस्त 2026 के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतों और एयरस्पेस चुनौतियों के कारण कई घरेलू व अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों में अस्थायी कटौती की है.

- यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट, तारीख बदलने या वापसी का विकल्प मिलेगा।
Air India Flight: एयर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 के बीच अपने कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानें कम करने का फैसला किया है. एयरलाइन ने इसे अस्थायी बताया है और कहा है कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी.
एयर इंडिया के मुताबिक पहले से जो अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर बदलाव किए जा रहे थे उसी कड़ी में अब घरेलू रूट्स पर भी कुछ उड़ानें कम की गई हैं. एयरलाइन का कहना है कि यह फैसला ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से लेना पड़ा है
घरेलू रूट्स पर क्या-क्या बदला
- दिल्ली–मुंबई: 176 से 165 साप्ताहिक उड़ानें
- मुंबई–कोलकाता: 42 से 30 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली–गोवा (डाबोलिम/मोपा): उड़ानों में भारी कटौती
- दिल्ली–बेंगलुरु: 116 से 113 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली–कोलकाता: 70 से 63 साप्ताहिक उड़ानें
- मुंबई–बेंगलुरु: 91 से 84 साप्ताहिक उड़ानें
- मुंबई–हैदराबाद: 63 से 59 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली–इंदौर: 21 से 14 साप्ताहिक उड़ानें
- बेंगलुरु–चंडीगढ़: 14 से 7 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली–काठमांडू: 42 से 28, फिर 21 साप्ताहिक उड़ानें
अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर पहले ही हो चुका था बड़ा कटौती
यह घरेलू कटौती उस बड़े फैसले के बाद आई है जो एयर इंडिया ने पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर लिया था. दिल्ली से शंघाई की उड़ान पूरी तरह बंद है. दिल्ली-सिंगापुर 24 साप्ताहिक से घटकर 14, मुंबई-सिंगापुर 14 से 7, दिल्ली-बैंकॉक 28 से 21, दिल्ली-कुआलालंपुर 10 से 5, दिल्ली-पेरिस रोजाना दो से घटकर एक उड़ान, और दिल्ली-शिकागो पूरी तरह बंद कर दिया गया है. लंदन, फ्रैंकफर्ट, न्यूयॉर्क जैसे लंबे रूट्स पर भी 15 से 30 फीसद तक की कटौती की गई है.
बताया जा रहा है कि दिल्ली से काठमांडू की उड़ानें जून में 42 साप्ताहिक से घटकर 28 और जुलाई-अगस्त में 21 साप्ताहिक हो जाएंगी. एयरलाइन का कहना है कि इन सब बदलावों के बावजूद वह हर महीने 1,200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रखेगी और पांच महाद्वीपों से जुड़ी रहेगी.
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ईंधन और एयरस्पेस दोनों हैं असली वजह
एयरलाइन के इस बार के बयान में सिर्फ ईंधन की कीमतों को जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन असल तस्वीर थोड़ी अलग है. मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की वजह से ईरान, इराक और इजराइल के एयरस्पेस से बचकर उड़ना पड़ रहा है जिससे रूट लंबे हो गए हैं और खर्च भी बढ़ा है. पाकिस्तान का एयरस्पेस भी भारतीय एयरलाइंस के लिए बंद है जिससे यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों का समय और ईंधन दोनों ज्यादा लग रहे हैं. इन दोनों कारणों ने मिलकर एयरलाइंस के ऑपरेशन को काफी महंगा कर दिया है.
यात्रियों के लिए क्या विकल्प
एयर इंडिया ने कहा है कि जिन यात्रियों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं उन्हें वैकल्पिक फ्लाइट पर बैठाया जाएगा मुफ्त में तारीख बदलने का विकल्प मिलेगा या पूरा रिफंड दिया जाएगा. एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी बुकिंग की स्थिति लगातार एयर इंडिया के ऐप या वेबसाइट पर जांचते रहें क्योंकि आने वाले हफ्तों में और बदलाव भी संभव हैं. एयरलाइन ने यह भी साफ किया है कि सभी उड़ानें रद्द होने की जो खबरें सोशल मीडिया पर फैली थीं वे पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं
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