Share Market Today: शेयर बाजार में फिर बिकवाली, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में फिसले
Share Market Today: 2 जून 2026 को शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आ रहे हैं और निवेशकों की चिंता बढ़ती जा रही है.

Share Market Today: शेयर बाजार में आज एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली. कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में आ गए. विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया. कई दिग्गज शेयरों में गिरावट से बाजार का माहौल कमजोर बना रहा. ऐसे में निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. यहां से आप पूरा आकड़ा समझ सकते हैं.
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
आज बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी दबाव देखने को मिला. पिछले सत्र में बीएसई सेंसेक्स 508 अंकों की गिरावट के साथ 74,267 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 165 अंक टूटकर 23,382 पर आ गया. 2 जून को भी बाजार पर इसी कमजोरी का असर दिखाई दिया.
बीएसई का 30 शेयर वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आज 74000 के नीचे खुला, वहीं इसमें 322 अंकों का नुकसान रहा. एनएसई 50 शेयरों वाला बेंचमार्च इंडेक्स निफ्टी 153 अंक नीचे गिरकर 23229 के लेवल से कारोबार की शुरुआत कर रहा है.
आज सुबह क्या है रेट, जानें अपने शहर में 18K, 22K, 24K सोना और चांदी का भाव
क्यों टूटा बाजार?
ईरान और अमेरिका से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाने लगते हैं. ब्रेंट क्रूड करीब 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. तेल महंगा होने से भारत की आयात लागत बढ़ती है और महंगाई का खतरा भी बढ़ जाता है. FII लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. केवल एक दिन में हजारों करोड़ रुपये की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया.
कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे?
बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली. निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑटो इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि आईटी सेक्टर ने कुछ मजबूती दिखाई, जिससे बाजार की गिरावट और गहरी नहीं हुई.
आपके शहर में आज 14 और 19 किलो के गैस सिलेंडर का क्या है दाम? जानें 2 जून 2026 का ताजा रेट
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत कंपनियों पर फोकस रखना चाहिए.

























