'सुबह खाता हूं तो शाम की चिंता सताती है...' पंडित जी ने बताई बिन सैलरी दुबई में कैसे कटती जिंदगी
शास्त्री नीरज पंडित जी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह दुबईमें रहने के अपने अनुभव पर खुलकर बात करते नजर आ रहे हैं.

- दुबई में एक भारतीय पंडित ने कमाई की सच्चाई बताई.
- पूजा-पाठ से आय भक्तों की दक्षिणा पर ही निर्भर.
- अनिश्चित आय के कारण, शुरुआती दिनों में भोजन की चिंता.
- पंडित जी ने मिलजुल कर रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया.
हम में से कई लोग ऐसा सोचते हैं कि अगर एक बार विदेश में कमाई करने का मौका मिल जाए, तो फिर पूरी जिंदगी मौज में कटेगी. इंसान को बाहरी चकाचौंध आसानी से दिख जाती है, लेकिन हकीकत वही बता पाता है, जिसने खुद अनुभव किया है. दुबई में काम करने वाले एक भारतीय 'पंडित जी' ने भी कुछ ऐसी ही हकीकत बयां की है. उनका यही वीडियो अभी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर एक वीडियो में शास्त्री नीरज पंडित जी यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि बिना किसी फिक्स्ड सैलरी के दुबई जैसे शहर में रहना काफी मुश्किल है. उन्होंने बताया कि वह दुबई में पूजा-अर्चना का काम करते हैं और यही उनकी आजीविका है. इस काम में उनके लिए पहले से तय कोई तनख्वाह नहीं है. उनकी कमाई का एक ही जरिया भक्तों से मिलने वाली दक्षिणा (भेंट) है.
अनिश्चितता में कटती है जिंदगी
मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले शास्त्री नीरज पंडित जी दुबई में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में कंटेंट क्रिएटर जगदीश चावला ने उनसे उनके काम, कमाई और विदेश में रहने के अनुभव के बारे में बात की.
जब उनसे उनकी कमाई के बारे में पूछा गया, तो शास्त्री नीरज ने बताया कि उनकी कमाई इस बात पर निर्भर करती है कि उन्हें कैसा काम मिलता है. उन्होंने कहा, "कभी मुझे 500 AED (लगभग 12,800 रुपये) मिलते हैं, तो कभी 200 AED (लगभग 5,000 रुपये). कोई फिक्स्ड सैलरी नहीं है." इस दौरान उन्हें यहां अपने उस मुश्किल दौर के भी बारे में बताया, जब यहां पहली बार आए थे. वह कहते हैं, ''सबसे मुश्किल समय वह था जब मैं यहां पहली बार आया था. अगर सुबह कुछ खा लेता, तो शाम के खाने की चिंता सताती थी.''
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मिलजुल कर रहने का दिया संदेश
वह एक ऐसा दौर था, जब उन्हें यह तक पता नहीं था कि अपनी बुनियादी जरूरतें कैसे पूरी होगी. इन्हीं अनिश्चितताओं ने शुरुआती दौर को और भी मुश्किल बनाया. इस वीडियो में उन्होंने लोगों को आपस में मिलजुलकर और प्यार से रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा,''भारत और अन्य देशों के लोगों को मिल-जुलकर और प्यार से रहना चाहिए. कोई त्योहार आए तो साथ में मिलकर मनाना चाहिए.''
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