वैश्विक तनाव के बीच रुपये ने दिखाया कमाल, 'करेंसी की रिंग' में अमेरिकी डॉलर को बताई औकात
Indian Currency: अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.22 प्रति डॉलर पर खुला और बाद में मजबूत होकर 90.12 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 18 पैसे की बढ़त दर्शाता है.

Dollar vs Rupee: दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय रुपये में मजबूती देखने को मिली है. हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 6 जनवरी 2026 की सुबह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे की बढ़त के साथ 90.12 पर पहुंच गया. डॉलर में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला.
हालांकि, विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर शुल्क संबंधी टिप्पणियां, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी और घरेलू शेयर बाजारों में जारी कमजोरी ने रुपये की तेजी को सीमित रखा.
रुपये में मजबूती
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.22 प्रति डॉलर पर खुला और बाद में मजबूत होकर 90.12 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 18 पैसे की बढ़त दिखाता है. एक दिन पहले सोमवार को भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते डॉलर में मजबूती के बीच रुपया 10 पैसे टूटकर 90.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति बताने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत बढ़कर 98.21 पर रहा.
घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी का रुख बना रहा. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 431.95 अंक टूटकर 85,007.67 पर आ गया, जबकि निफ्टी 105.6 अंक फिसलकर 26,144.70 पर पहुंच गया. मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी के मुताबिक, अमेरिका-वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के कारण सोमवार को रुपये पर दबाव बना था, क्योंकि सुरक्षित निवेश की मांग से डॉलर मजबूत हुआ. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी पूंजी प्रवाह से रुपये को निचले स्तरों पर सहारा मिला है.
क्रूड ऑयल में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61.57 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. वहीं, शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को एफआईआई बिकवाल रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
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Source: IOCL






















