सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत बनेगा बादशाह, इन 5 कंपनियों को हो सकता है सबसे ज्यादा फायदा!
भारत का सेमीकंडक्टर सेक्टर एक नए मोड़ पर है. ISM 2.0 के तहत सरकार घरेलू निर्माण और इनोवेशन को बढ़ावा दे रही है. ये 5 कंपनियां इस बदलाव से फायदा उठा सकती हैं.

भारत का सेमीकंडक्टर सपना अब नए चरण में पहुंच रहा है. सरकार ने 'सेमीकॉन 2.0' के तहत अपने लक्ष्यों को और मजबूत किया है, जिसमें 2030 तक वैश्विक चिप उत्पादन में 5 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है.
2021 में, भारत ने अपने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए 10 अरब डॉलर (करीब 83,000 करोड़ रुपये) का प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया था. अब यह फंड आवंटित होने लगा है और इस योजना के तहत चिप फैब्रिकेशन, OSAT और ATMP से जुड़े 5 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है.
5 कंपनियों को हो सकता है सबसे ज्यादा फायदा
सरकार का लक्ष्य वैश्विक चिप कंपनियों को आकर्षित करने के साथ-साथ घरेलू खिलाड़ियों को भी बढ़ावा देना है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो भारत के सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में निवेशकों के लिए बड़े अवसर खुल सकते हैं. यहां 5 ऐसे स्टॉक्स हैं जो इस बदलाव से फायदा उठा सकते हैं.
1. IZMO
IZMO ऑटोमोटिव सेक्टर में इंटरएक्टिव मार्केटिंग और विजुअलाइजेशन टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यह सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में भी अपनी पकड़ बना रहा है.
क्यों खास?
IZMO की सहायक कंपनी, Izmo Microsystems, 3D पैकेजिंग और System-in-Package (SiP) सॉल्यूशंस प्रदान करती है.
इसके 10+ ग्लोबल क्लाइंट्स में ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर शामिल हैं.
Q3FY25 में कंपनी का राजस्व 16.8 फीसदी बढ़कर 58.7 करोड़ रुपये हुआ, हालांकि EBITDA मार्जिन 14.1 फीसदी पर सिमट गया क्योंकि कंपनी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में निवेश कर रही है.
IZMO AI, EV सॉफ्टवेयर और वर्चुअल रिटेलिंग जैसे नए प्रोडक्ट्स पर भी काम कर रहा है.
स्टॉक परफॉर्मेंस: पिछले 1 साल में IZMO के शेयर में उछाल देखने को मिला है.
2. MosChip Technologies
MosChip टेक्नोलॉजीज भारत के सेमीकंडक्टर डिज़ाइन इकोसिस्टम का एक अहम हिस्सा है.क्यों खास?
20+ साल का अनुभव, ASIC, SoC और VLSI डिज़ाइन में माहिर.
सरकार की Design Linked Incentive (DLI) योजना का लाभ उठा रहा है.
जुलाई 2024 में, C-DAC से 5 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी पर आधारित HPC चिप डिज़ाइन करने का 50,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला.
अक्टूबर 2024 में Renesas के AI/ML डिज़ाइन पार्टनर नेटवर्क में शामिल हुआ.
RISC-V आर्किटेक्चर और HPC प्रोसेसर डेवलपमेंट पर फोकस.
स्टॉक परफॉर्मेंस: पिछले साल MosChip के शेयर में तेजी देखी गई.
3. Cyient
Cyient इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस में 30+ साल के अनुभव के साथ अब सेमीकंडक्टर डिज़ाइन पर जोर दे रहा है.
क्यों खास?
इसकी नई सहायक कंपनी Cyient Semiconductors, चिप डिज़ाइन और ASIC डेवलपमेंट पर काम कर रही है.
300+ ग्लोबल क्लाइंट्स (दुनिया के टॉप 100 इनोवेटर्स में से 30 फीसदी) के साथ काम करता है.
FY25 में DET बिजनेस का राजस्व $688 मिलियन रहा.
स्टॉक परफॉर्मेंस: Cyient के शेयर ने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया.
4. HCL Technologies
HCL टेक्नोलॉजीज, भारत की टॉप IT कंपनियों में से एक, अब सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और टेस्टिंग में भी हाथ आजमा रही है.
क्यों खास?
ER&D (इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट) सेगमेंट में FY25 में 5.5 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की.
NVIDIA और Google जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप.
AI Labs के जरिए चिप वैलिडेशन और IoT सॉल्यूशंस पर काम.
FY25 में कंपनी का राजस्व 13.84 बिलियन डॉलर रहा.
स्टॉक परफॉर्मेंस: HCL Tech के शेयर में पिछले साल स्थिरता देखी गई.
5. Tata Electronics (अनलिस्टेड)
Tata ग्रुप की यह कंपनी भारत के पहले कमर्शियल सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (Dholera, गुजरात) का निर्माण कर रही है.
क्यों खास?
91,000 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से 50,000 वेफर्स प्रति माह का उत्पादन होगा.
OSAT (असेम्बली, टेस्टिंग) और फाउंड्री सर्विसेज पर फोकस.
ग्लोबल पार्टनरशिप्स के साथ एक्सपेंशन की योजना.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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