जिस डेटा से दुनिया में है हलचल, भारत ने उसे बनाया हथियार… वैश्विक बाजार में किया चमत्कार
Unemployment Rate: शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं के बीच वेतनभोगी नौकरियों में कमी दर्ज की गई है. हालांकि आकस्मिक श्रमिकों का प्रतिशत 18.9 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है.

India's Unemployment Rate Decline: बढ़ती बेरोजगारी को लेकर अमेरिका जैसे सुपरपावर देश के सामने भी चुनौतियां बनी हुई हैं. वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत में अमेरिका की बेरोजगारी दर करीब 4.3 से 4.6 प्रतिशत के बीच बनी हुई है, जो अक्टूबर 2021 के बाद का उच्चतम स्तर माना जा रहा है. हालांकि यह दर अमेरिका के ऐतिहासिक औसत 4-5 प्रतिशत के आसपास ही है, इसलिए इसे बहुत गंभीर संकट की स्थिति नहीं कहा जा सकता. श्रम बाजार में यह दर समय-समय पर थोड़ी ऊपर-नीचे होती रहती है, लेकिन फिलहाल इसे अपेक्षाकृत स्थिर माना जा रहा है.
वहीं भारत के लिए हालिया आंकड़े कुछ राहत लेकर आए हैं. साल 2025 की अंतिम तिमाही में देश की बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है. सितंबर तिमाही में जहां बेरोजगारी दर 5.2 प्रतिशत थी, वहीं दिसंबर तिमाही में यह घटकर 4.8 प्रतिशत पर आ गई. यह गिरावट संकेत देती है कि श्रम बाजार में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.
भारत के लिए राहत
भारतीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) रिपोर्ट (अक्टूबर–दिसंबर 2025) के अनुसार, लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) में बढ़ोतरी हुई है, यानी अधिक लोग रोजगार की तलाश या रोजगार में शामिल हो रहे हैं. हालांकि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में वेतनभोगी (रेगुलर) नौकरियों का प्रतिशत घटकर 24.9 प्रतिशत रह गया है, जो जुलाई-सितंबर 2025 में 25.4 प्रतिशत और अप्रैल-जून 2025 में 25.5 प्रतिशत था. वेतनभोगी रोजगार को आकस्मिक या स्व-रोजगार की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें नियमित आय और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता है.
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं के बीच वेतनभोगी नौकरियों में कमी दर्ज की गई है. हालांकि आकस्मिक श्रमिकों का प्रतिशत 18.9 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है. दूसरी ओर, स्व-रोजगार में बढ़ोतरी देखी गई है, जो जुलाई-सितंबर 2025 के 55.8 प्रतिशत से बढ़कर अक्टूबर–दिसंबर 2025 में 56.3 प्रतिशत हो गया है. यह संकेत देता है कि अधिक लोग खुद का रोजगार या छोटे व्यवसाय की ओर रुख कर रहे हैं.
शहर और गांवों में क्या हालात
कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि दर्ज की गई है. 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में कृषि क्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत अक्टूबर–दिसंबर 2025 में बढ़कर 43.2 प्रतिशत हो गया, जो पिछली तिमाही में 42.2 प्रतिशत था. यह बढ़ोतरी ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में देखी गई, साथ ही पुरुषों और महिलाओं दोनों के आंकड़ों में सुधार दर्ज हुआ. कुल मिलाकर, भारत के श्रम बाजार में कुछ सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं, हालांकि वेतनभोगी रोजगार में गिरावट नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
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Source: IOCL

























