एक्सप्लोरर

Health Insurance होने पर भी चुकाना पड़ सकता है अस्पताल का खर्च, जान लें ये जरूरी बातें

हर परिस्थिति में बीमा कंपनी आपके इलाज का खर्च उठाए ऐसा जरुरी नहीं है. कुछ ऐसे प्वाइंट्स भी हैं जहां पर बीमा कंपनियां इलाज का खर्च उठाने के लिए बाध्य नहीं होती है.

कोरोना काल के दौरान लोग अब ज्यादा से ज्यादा हेल्थ इंश्योरेंस(Health Insurance) करा रहे हैं. ताकि स्वास्थ्य संंबंधी किसी भी मुसीबत के वक्त आसानी से इलाज हो सके. लेकिन हर परिस्थिति में बीमा कंपनी आपके इलाज का खर्च उठाए ऐसा जरुरी नहीं है. कुछ ऐसे प्वाइंट्स भी हैं जहां पर बीमा कंपनियां इलाज का खर्च उठाने के लिए बाध्य नहीं होती हैं. और किसी भी हेल्थ इंश्योरेंस या पॉलिसी को लेने से पहले उन बातों की जानकारी होना बहुत ही जरुरी है. अगर आपने हाल ही में कोई हेल्थ पॉलिसी ली है या फिर कोई बीमा पॉलिसी लेने के बारे में विचार कर रहे हैं तो इन खास बातों का पहले जान लें.

वेटिंग पीरियड में नहीं कर सकते क्लेम
पॉलिसी लेने पर शुरुआती कुछ समय तक के लिए बीमा कंपनियों द्वारा एक निश्चित अवधि निर्धारित की जाती है. जिसमें कोई भी पॉलिसी धारक किसी भी परिस्थिति में खर्च के लिए क्लेम नहीं कर सकता. इस अवधि को वेटिंग पीरियड के नाम से जाना जाता है. ये अवधि 1 महीने या 3 महीने तक की हो सकती है. इसका सीधा सा अर्थ ये है कि अगर आपने कोई पॉलिसी आज खरीदी है तो वेटिंग पीरियड तक आप उस पॉलिसी के तहत क्लेम नहीं कर सकते हैं.

इन बीमारियों के पहले से होने पर ये हैं नियम
अगर आपका शरीर पहले से ही कई बीमारियों का घर है और आपने हाल ही में हेल्थ इंश्योरेंस लिया है या लेने जा रहे हैं तो घबराने की जरुरत नहीं हैं क्योंकि बीमा कंपनियां पहले से बीमारी होने पर भी उन्हें कवर करती हैं लेकिन पेंच ये है कि इसके लिए आप 36 से 48 महीनों के बाद ही कवर कर सकते हैं. यानि कुछ कंपनिया इसके लिए 36 महीनों का वेटिंग पीरियड रखती हैं तो कुछ 48 महीनों का. इसका मतलब ये है कि आपको इस सुविधा के लिए एक लंबा इंतज़ार करना पड़ता है. ऐसे में अगर बीच में आपके स्वास्थ्य में गिरावट आती है तो अस्पताल का खर्चा आपको खुद ही उठाना पड़ेगा.

24 घंटे एडमिट रहने का नियम है जरुरी
अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस के तहत क्लेम करना चाहते हैं तो इसके लिए जरुरी है कि आप अस्पताल में कम से कम 24 घंटे एडमिट रहे हो. यानि तबीयत खराब होने पर अस्पताल में 1 दिन तो जरुर एडमिट रहना होगा. इसके दस्तावेज़ सब्मिट करने के बाद ही आप बीमा कंपनी से राशि क्लेम कर सकते हैं.

महंगा पड़ सकता है को पे का विकल्प
को पे(Co Pay) नाम से इसका मतलब स्पष्ट है. जिसका अर्थ है खर्च में हिस्सेदारी. हेल्थ इंश्योरेंस लेते वक्त यह विकल्प भी मिलता है. इसका अर्थ है कि अगर किसी की तबीयत खराब होती है तो अस्पताल का खर्च बीमा कंपनियों के साथ साथ बीमा धारक व्यक्ति भी उठाता है. मान लीजिए अस्पताल में कुल खर्च का 90 फीसदी हिस्सा बीमा कंपनी देगी तो वहीं 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसी खरीदने वाले को देना होता है. लेकिन चूंकि इसमें आपको ज्यादा डिस्काउंट नहीं मिलता इसीलिए ये विकल्प आपको महंगा पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें:

हर परिस्थिति में बीमा कंपनी आपके इलाज का खर्च उठाए ऐसा जरुरी नहीं है. कुछ ऐसे प्वाइंट्स भी हैं जहां पर बीमा कंपनियां इलाज का खर्च उठाने के लिए बाध्य नहीं होती है.

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह पर कार्रवाई की मांग करने वाले को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, भारत-चीन झड़प पर बयान के लिए की थी पद से हटाने की मांग

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

UPI Transaction: 1 रुपया UPI करो या 1000, हर ट्रांजैक्शन पर कितनी आती है लागत? समझिए
1 रुपया UPI करो या 1000, हर ट्रांजैक्शन पर कितनी आती है लागत? समझिए
अब बदलेगा बैंकिंग सिस्टम, RBI गवर्नर ने AI पर खर्च बढ़ाने को कहा
अब बदलेगा बैंकिंग सिस्टम, RBI गवर्नर ने AI पर खर्च बढ़ाने को कहा
BOI: ये काम नहीं किया तो बंद होगा Bank of India का खाता! सरकार ने क्या बताया?
ये काम नहीं किया तो बंद होगा Bank of India का खाता! सरकार ने क्या बताया?
EV Subsidy: सरकार ने बढ़ाई EV सब्सिडी, मंजूर किए 1000 करोड़, कैसे मिलेगा फायदा?
सरकार ने बढ़ाई EV सब्सिडी, मंजूर किए 1000 करोड़, कैसे मिलेगा फायदा?

वीडियोज

The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama
Lock Upp 2 की Success Party में Shreya Kalra का जलवा, Farhana Bhatt समेत सितारों ने बिखेरा Glamour
Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी
Govinda ने मां Nirmala Devi को खोने का दर्द किया बयां, बोले- लगा सब कुछ खत्म हो गया

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पाकिस्तान-तुर्किए और सऊदी डिफेंस डील पर आया भारत सरकार का जवाब, जानें क्या कहा
पाकिस्तान-तुर्किए और सऊदी डिफेंस डील पर आया भारत सरकार का जवाब, जानें क्या कहा
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
'तृषा को डिप्टी CM...', AIADMK विधायक ने CM विजय पर कसा तंज
'तृषा को डिप्टी CM...', AIADMK विधायक ने CM विजय पर कसा तंज
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
आरोप से बेदाग बरी होने तक: कैसे अडानी शेयर्स और मार्केट कैप ने की वापसी?
आरोप से बेदाग बरी होने तक: कैसे अडानी शेयर्स और मार्केट कैप ने की वापसी?
Embed widget