क्या रेल आरक्षण केंदों को बंद करने जा रही है सरकार? यहां जानें
रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन से सवाल किया गया था कि क्या सरकार रेल टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग बढ़ने रहने के कारण आरक्षण केंदों को बंद करने का विचार रखती है.

नई दिल्लीः कई दिनों से इस बात को लेकर सवाल उठ रहे थे कि क्या रेल मंत्रालय देशभर में रेल आरक्षण केंद्रों को बंद करने जा रही है. इसी को लेकर रेल मंत्रालय ने आज इस बात से साफ इंकार किया कि रेल टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग बढ़ने के कारण आरक्षण केंदों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है. रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने ए विजय कुमार के एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी.
गोहेन से सवाल किया गया था कि क्या सरकार रेल टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की संख्या के बढ़ने रहने के कारण आरक्षण केंदों को बंद करने का विचार रखती है.
इसके जवाब में गोहेन ने कहा, ‘‘जी नहीं, इस समय ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.’ उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में फरवरी, 2018 तक के दौरान आरक्षण केंद्रों से 11 करोड़ 62 लाख 55 हजार 931 टिकटें बुक की गयीं जबकि 2016-17 में यह संख्या 14 करोड़ 03 लाख 30 हजार 264 थी. उन्होंने बताया कि अभी देश भर में कुल 3458 आरक्षण केंद्र काम कर रहे हैं.
दरअसल देश में रेल टिकटों की बुकिंग के लिए अधिकांश यात्री आईआरसीटीसी की ऑनलाइन सुविधा से टिकट बुक कराने लगे हैं जिसके चलते रेलवे टिकट काउंटर से टिकटों की बुकिंग की संख्या में कमी आई है. जैसा कि ऊपर बताए गए आंकड़ें में बताया गया है.
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ग्राहक ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं और ऑनलाइन पेमेंट के लिए नेटबैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के ऑप्शन को इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं रेलवे आरक्षण केंद्रों पर ज्यादातर कैश माध्यमों से ग्राहक टिकट बुक कराते हैं.
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