सोने की कीमतों में फिर उछाल, जानें 24 दिसंबर को दिल्ली से मुंबई-कोलकाता तक… अपने शहर के ताजा रेट
चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर इन धातुओं की कीमत पर पड़ता है.

Gold Price Today: एक दिन पहले सोने की कीमतों में जोरदार उछाल के बाद दूसरे दिन भी गोल्ड को लेकर यही सकारात्मक रुझान बना रहा और बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को शुरुआती कारोबार में सोने के दाम एक बार फिर बढ़ते नजर आए. अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत संकेतों और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के बीच घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी देखी गई. गोल्डमैन सैक्स की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 70 प्रतिशत वैश्विक संस्थागत निवेशकों को उम्मीद है कि अगले साल सोने की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है. इसी उम्मीद का असर भारतीय बाजारों में भी दिख रहा है.
आपके शहर का ताजा भाव
आज देश में 24 कैरेट सोने की कीमत 380 रुपये की बढ़त के साथ 1,38,930 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई, जबकि 22 कैरेट सोना 350 रुपये महंगा होकर 1,27,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है. वहीं 18 कैरेट सोने के दाम भी 290 रुपये बढ़कर 1,04,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए हैं.
शहरों के हिसाब से देखें तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,39,080 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,27,500 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,04,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. दूसरी ओर मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल और पुणे जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,38,930 रुपये, 22 कैरेट सोना 1,27,350 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,04,200 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है.
कैसे तय होती है सोने-चांदी की कीमत?
सोने और चांदी की कीमतें रोजाना कई अहम कारकों के आधार पर तय होती हैं. सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर-रुपया विनिमय दर है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी के दाम अमेरिकी डॉलर में तय होते हैं. अगर डॉलर मजबूत होता है या रुपया कमजोर पड़ता है, तो भारत में इन कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं. इसके अलावा, भारत में सोने का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है, इसलिए आयात शुल्क, जीएसटी और अन्य टैक्स भी कीमतों को प्रभावित करते हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध, आर्थिक मंदी, भू-राजनीतिक तनाव या ब्याज दरों में बदलाव जैसी स्थितियां भी सोने की कीमतों पर सीधा असर डालती हैं. जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी संपत्तियों से निकलकर सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं.
इसके साथ ही भारत में सोने का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी इसकी कीमतों को प्रभावित करता है. शादी-ब्याह, त्योहारों और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है, जिससे इसकी मांग बनी रहती है. महंगाई के दौर में भी सोना निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है, क्योंकि यह लंबे समय में मुद्रास्फीति के मुकाबले बेहतर सुरक्षा और रिटर्न देने की क्षमता रखता है. यही वजह है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, निवेश के सुरक्षित विकल्प की तलाश और मजबूत मांग के चलते आने वाले समय में भी सोने की कीमतों में मजबूती बने रहने की उम्मीद की जा रही है.
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Source: IOCL





















