37% युवा निवेशक घाटे में, फिर भी Gen-Z नहीं छोड़ रहे ट्रेडिंग
भारत में Gen Z यानी नई युवा पीढ़ी के बीच शेयर बाजार में निवेश का काफी क्रेज है. लेकिन क्लियर टैक्स की रिपोर्ट बताती है कि 25 साल से कम उम्र के 37% निवेशकों को नुकसान भी उठाना पड़ा है.

भारत में युवाओं के बीच शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. 25 साल से कम उम्र के युवा भी कम उम्र में ही शेयर बाजार में पैसा लगाने लगे हैं. लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से एक बड़ी संख्या को निवेश में नुकसान भी हो रहा है.
क्लियर टैक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 साल से कम उम्र के करीब 37% युवा निवेशकों को शेयर बाजार में नुकसान हुआ है. इसके बावजूद युवाओं की बाजार में दिलचस्पी कम नहीं हो रही है.
क्या आया रिपोर्ट में सामने?
क्लियर टैक्स की How India Filed in 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2026-27 में 25 साल से कम उम्र के 37% निवेशकों ने शेयर बाजार से जुड़े निवेश में नुकसान उठाया है. अलग-अलग उम्र के निवेशकों में नुकसान का प्रतिशत इस प्रकार रहा:
| निवेशकों की उम्र | नुकसान उठाने वालों का प्रतिशत |
| 25 साल से कम | 37% |
| 25 से 30 साल | 29% |
| 30 से 35 साल | 26% |
| 35 से 40 साल | 26% |
| 40 से 50 साल | 25% |
| 50 से 60 साल | 24% |
| 60 साल से ज्यादा | 21% |
इस आंकड़े से पता चलता है कि उम्र कम होने के साथ निवेश में नुकसान की आशंका ज्यादा दिखाई दे रही है. इसका मतलब है कि युवा निवेशकों के मुकाबले उम्रदराज निवेशक कम नुकसान में हैं.
नुकसान के बाद भी कर रहे निवेश
रिपोर्ट के मुताबिक, शेयर बाजार में नुकसान होने के बावजूद युवा निवेशक पीछे हटने के बजाय इसमें अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं. इसका अंदाजा इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है. 25 साल से कम उम्र के ऐसे पहली बार टैक्स रिटर्न भरने वाले युवा, जिन्होंने क्लियर टैक्स की एक्सपर्ट-असिस्टेड सर्विस ली, उनमें से 82% ने असेसमेंट ईयर 2026-27 में कॉम्प्लेक्स ITR फाइल किया. जबकि असेसमेंट ईयर 2024-25 में ये आंकड़ा 68% था और 2025-26 में 76% था.
ट्रेडिंग और फ्रीलांसिंग से हो रही कमाई
रिपोर्ट में एक और दिलचस्प बात सामने आई है कि युवा अब केवल नौकरी के भरोसे नहीं हैं, बल्कि वो कमाई के लिए कई दूसरे रास्ते भी अपना रहे हैं, जैसे शेयर बाजार में ट्रेडिंग, फ्रीलांसिंग, कंसल्टिंग, छोटे डिजिटल बिजनेस, ऑनलाइन काम आदि. इसका असर उनके इनकम टैक्स रिटर्न में भी दिखाई दे रहा है. 25 साल से कम उम्र के युवाओं में ITR-3 फाइल करने वालों की संख्या बढ़ी है.
बता दें कि ITR-3 उन लोगों के लिए होता है, जिनकी कमाई बिजनेस या प्रोफेशन से होती है. इसके अलावा ITR-4 फाइल करने वाले युवाओं की हिस्सेदारी भी 2024-25 के 8.9% से बढ़कर 2026-27 में 15.2% हो गई. ITR-4 का इस्तेमाल कुछ पात्र छोटे कारोबारियों, फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स द्वारा प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत किया जाता है.
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