ईंधन कीमतों और सप्लाई चेन संकट से नहीं डरेगा भारत! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने RBI की नीति पर जताया भरोसा
RBI Dividend: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरबीआई के डिविडेंड फ्रेमवर्क का समर्थन किया हैं. उन्होंने इसके बारे में बात करते हुए कहा है कि भारत किसी भी ईंधन या सप्लाई चेन संकट से लड़ने में सक्षम है.

FM Nirmala Sitharaman on RBI Dividend: बीते शुक्रवार को आरबीआई ने घोषणा की थी कि वो इस आर्थिक संकट के दौर में भारत सरकार की मदद करने को तत्पर है. जिसके लिए बैंक की तरफ से 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश देने की मंजूरी दी गई है. अब आरबीआई के इस फैसले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस फैसले की तारीफ की है.
क्या बोली वित्त मंत्री?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 25 मई, सोमवार को मीडिया के बातचीत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सरकार को दिए गए रिकॉर्ड डिविडेंड का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि ये भुगतान एक तय और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया है. सीएनबीसी-TV18 से बातचीत में उन्होंने कहा कि 'RBI की गणनाएं स्पष्ट नियमों और समिति आधारित प्रक्रिया पर आधारित होती हैं. हर साल इन्हीं गणनाओं के आधार पर तय किया जाता है कि सरकार को कितना डिविडेंड दिया जाएगा.'
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'मुझे RBI पर भरोसा है'
आगे उन्होंने कहा कि, 'कुछ लोगों का मानना है कि RBI सरकार को और ज्यादा राशि दे सकता था, लेकिन केंद्रीय बैंक ने अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधान भी बनाए हैं.' उन्होंने RBI के फैसले पर भरोसा जताते हुए कहा कि 'मुझे RBI की इन गणनाओं और डिविडेंड तय करने की प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है. तो मैं कह सकती हूं कि ये फैसला पूरी तरह से एस्टेबलिश प्रोसेस के जरिए ही आया है'.
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम पर चल रहा विचार
वित्त मंत्री ने ये भी बताया कि सरकार गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम को और आकर्षक बनाने पर विचार कर रही है, ताकि सोने के आयात को कम किया जा सके. साथ ही उन्होंने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है.
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बता दें कि RBI ने 22 मई, शुक्रवार के दिन घोषणा की थी कि वो FY25-26 के लिए केंद्र सरकार 2.87 लाख करोड़ रुपये देने जा रहा है. ये पैसा RBI अपने मुनाफे में से सरकार को देता है, जिसे लाभांश (डिविडेंड) कहा जाता है.
Source: IOCL

























