कब-कब कितना बढ़ा DA, शुरुआत से समझें पूरा हिसाब, अब कितनी होगी बढ़ोतरी?
2016 से अब तक केंद्रीय कर्मचारियों का DA कब-कब और कितना बढ़ा है? आइये पिछले 10 साल का पूरा हिसाब- किताब समझते हैं और जानते हैं कि मौजूदा 60% दर में इस बार कितनी बढ़ोतरी हो सकती है.

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता यानी DA सिर्फ सैलरी का एक हिस्सा नहीं है, बल्कि बढ़ती महंगाई के बीच खर्च संभालने का सहारा भी है. जब बाजार में राशन, दूध, सब्जियों और दूसरे सामानों के दाम बढ़ते हैं तो कर्मचारियों को राहत देने के लिए सरकार समय-समय पर DA में बढ़ोतरी करती है. यही कारण है कि हर साल जनवरी और जुलाई में होने वाली DA की समीक्षा पर लाखों कर्मचारियों की नजर रहती है.
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 60% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है. ये 1 जनवरी 2026 से लागू है. अब जुलाई 2026 से लागू होने वाली अगली किस्त का इंतजार है. इस बार DA में 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. अगर सरकार इसे मंजूरी देती है तो DA 60% से बढ़कर 63% हो सकता है. ऐसे में आइए शुरुआत से समझते हैं कि DA क्या होता है, इसकी कैलकुलेशन कैसे की जाती है और 2016 से अब तक इसमें कब-कब कितनी बढ़ोतरी हुई है.
महंगाई भत्ता क्या है?
महंगाई भत्ता यानी DA केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी के अलावा दिया जाने वाला भत्ता है. जैसे अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपए और DA 60% है, तो उसे हर महीने 18,000 रुपए महंगाई भत्ते के रूप में मिलेंगे. यानी बेसिक सैलरी और DA मिलाकर सैलरी 48,000 रुपए हुई. इसमें HRA और दूसरे भत्ते शामिल नहीं हैं.
DA कितनी बार बढ़ता है?
केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार DA की दर में बदलाव करती है. ये किस्तें जनवरी और जुलाई से प्रभावी होती हैं. लेकिन जनवरी से लागू बढ़ोतरी का ऐलान मार्च या अप्रैल में भी हो सकता है. सरकार हमेशा से ही एक तय फॉर्मूले के बेसिस पर DA की दर में बदलाव करती है. इसलिए DA में हर बार एक समान बढ़ोतरी नहीं होती है.
कब हुई DA की शुरुआत?
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं. उस समय नई वेतन व्यवस्था में DA की दर जीरो से शुरू हुई थी. इसके बाद इसमें समय-समय पर बढ़ोतरी की गई.
2016 से 2026 तक महंगाई भत्ते का हिसाब-
| तारीख | महंगाई भत्ता बढ़ोतरी दर |
| जनवरी 2016 | 0% |
| जुलाई 2016 | 2% |
| जनवरी 2017 | 4% |
| जुलाई 2017 | 5% |
| जनवरी 2018 | 7% |
| जुलाई 2018 | 9% |
| जनवरी 2019 | 12% |
| जुलाई 2019 | 17% |
| जनवरी 2020 | 21% |
| जुलाई 2021 | 31% |
| जनवरी 2022 | 34% |
| जुलाई 2022 | 38% |
| जनवरी 2023 | 42% |
| जुलाई 2023 | 46% |
| जनवरी 2024 | 50% |
| जुलाई 2024 | 53% |
| जनवरी 2025 | 55% |
| जुलाई 2025 | 58% |
| जनवरी 2026 | 60% |
| जुलाई 2026 | ऐलान बाकी है |
कोरोना के समय DA क्यों रोक दिया गया था?
DA के इतिहास में 2020 और 2021 का समय सबसे खास रहा है. कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की DA किस्तों को फ्रीज कर दिया था. उस दौरान कर्मचारियों को पहले से लागू दर के हिसाब से पेमेंट मिला लेकिन नई किस्ते नहीं दी गई. बाद में जुलाई 2021 से DA को 28% किया गया. इसके बाद 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के साथ फाइनल दर 31% हुई.
अब कितना बढ़ेगा DA?
अब बात जुलाई 2026 से लागू होने वाली किस्त की. फिलहाल कर्मचारियों को 60% DA मिल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स और महंगाई के आंकड़ों पर आधारित अनुमानों में इस बार 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. अगर सरकार 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो DA की दर 60% से बढ़कर 63% हो जाएगी. लेकिन ये आखिरी फैसला नहीं है. सरकार की आधिकारिक घोषणा अभी बाकि है.
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