टाटा संस के डायरेक्टर पद से साइरस मिस्त्री की छुट्टी

नई दिल्लीः देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल घराने में से एक टाटा संस से साइरस मिस्त्री का नाम पूरी तरह हटा दिया गया है. टाटा संस के निदेशक मंडल से साइरस मिस्त्री की आधिकारिक तौर पर छुट्टी पर मुहर लगा दी गई है. आज टाटा संस ने अपने अपदस्थ चेयरमैन साइरस मिस्त्री को टाटा संस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से भी हटा दिया. शेयरधारकों की ईजीएम में बहुमत से साइरस मिस्त्री को हटाने का फैसला हो गया. मीटिंग से पहले ही माना जा रहा था कि मिस्त्री को हटाने के प्रस्ताव पर आसानी से मुहर लग जाएगी.
टाटा संस में टाटा ट्रस्ट की बड़ी हिस्सेदारी होने के नाते मिस्त्री का बोर्ड से हटना लगभग तय माना जा रहा था. बैठक में रतन टाटा के अलावा, एन चंद्रशेखरन और अजय पीरामल भी शामिल थे. टाटा संस ने सोमवार को मुंबई में ईजीएम के बाद जारी एक बयान में कहा, टाटा संस लिमिटेड के शेयरधारकों ने पर्याप्त बहुमत से साइरस पी. मिस्त्री को टाटा संस लिमिटेड के निदेशक पद से हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है. एनसीएलएटी (NCLAT) ने उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें मिस्त्री ने इस बोर्ड मीटिंग को रोकने की मांग की थी. इसके बाद टाटा संस ने आज एक विशेष बोर्ड मीटिंग के दौरान पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री को निदेशक मंडल से हटा दिया है.
पिछले साल अक्टूबर में उन्हें टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से हटाने के बाद ग्रुप की कुछ कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से हटाया गया था जबकि दिसंबर में बाकी कंपनियों के डायरेक्टर पद से मजबूरन उन्होंने खुद इस्तीफा दे दिया था. हटाये जाने से पहले वह 4 साल तक टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष पद पर रहे. टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनियों के शेयरधारकों ने उन्हें कंपनी के चेयरमैन पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया था. अब टाटा संस के शेयरहोल्डर्स ने प्रस्ताव पास कर उन्हें सीईओ के पद से हटाए जाने पर औपचारिक मुहर लगा दी है. कंपनी ने मीटिंग के बाद बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी.
टाटा संस में साइरस मिस्त्री की कंपनी शापूरजी पॉलोन मिस्त्री की हिस्सेदारी 18.4 फीसदी है जो इसका सबसे बड़ा सिंगल शेयरहोल्डर है. टाटा संस में 66 फीसदी से भी ज्यादा शेयर तीन टाटा ट्रस्ट्र के नाम हैं. अक्टूबर में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से बर्खास्त किया गया था. पिछले साल ही रतन टाटा ने साइरस मिस्त्री को अचानक टाटा ग्रुप के सीईओ के पद से अपदस्थ कर अंतरिम चेयरमैन के तौर पर खुद संभाल ली थी. जिसके बाद बारी-बारी से उन्हें टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों के चेयरमैन और निदेशक पद से हटाया गया था.
देश के सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों में से एक टाटा संस के चेयरमैन पद से मिस्त्री को 24 अक्टूबर 2016 को हटाने के बाद मिस्त्री और टाटा समूह के बीच लंबी कॉपोर्रेट लड़ाई चल रही है. दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाये और पिछले साल दिसंबर में मिस्त्री ने समूह की सभी कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफा दे दिया.
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