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Corona Health Insurance Policy: जानें, कोरोना कवच और कोरोना रक्षक में कौन सी पॉलिसी है बेहतर

कोरोना कवच या कोरोना रक्षक पॉलिसी में से कौन सी पॉलिसी लें यह तय करने के लिए इन दोनों पॉलिसी की पूरी जानकारी होना जरूरी है.

नई दिल्ली: कोरोना संकट को देखते हुए बाजार में विशेष कोरोना पॉलिसी उपलब्ध हैं. कोरोना कवच और कोरोना रक्षक ऐसी ही विशेष पॉलिसी हैं.  दोनों ही कोरोना के इलाज के दौरान अस्पताल का खर्च कवर करने वाली पॉलिसियां हैं. यह दोनों ही छोटी अवधि वाली पॉलिसियां हैं.

कोरोना कवच या कोरोना रक्षक पॉलिसी में से कौन सी पॉलिसी लें यह तय करने के लिए इन दोनों पॉलिसी की पूरी जानकारी होना जरूरी है.

कोरोना कवज और कोरोना रक्षक पॉलिसी की विभिन्न पहलुओं पर बात करें तो कोरोना रक्षक इनडेम्निटी (क्षतिपूर्ति) की कैटेगरी का इंश्योरेंस है, जो अस्पताल में कोरोना के इलाज में हुए उस पूरे खर्च का भुगतान करता है, जितने का सम एश्योर्ड है.

कोरोना कवच अस्पताल में इलाज के दौरान हुए वास्तविक खर्च का भुगतान करता है, जिसमें कमरे का किराया, रहने तथा नर्सिंग के खर्च शामिल हैं. दोनों पॉलिसियों में न्यूनतम 15 दिनों का वेटिंग पीरियड है, जिसके बाद ही पॉलिसीधारक दावा कर सकते हैं.

कोरोना कवच बीमा कंपनी ऑल हेल्थ इंश्योरेंस की यह पॉलिसी है. इसकी अवधि 105, 195 और 285 दिन है. बात पॉलिसी कवर की करें तो न्यूनतम - 50,000 रुपये और अधिकतम - पांच लाख रुपये हैं.

लाभ:1. अस्पताल में न्यूनतम 24 घंटे भर्ती रहने पर पॉलिसी का लाभ, 2.  अस्पताल में भर्ती होने पर एश्योर्ड राशि का भुगतान होगा.

कवर: एक व्यक्ति या पूरा परिवार,  अस्पताल में भर्ती होने पर 15 दिनों तक अस्पताल खर्च का दैनिक भुगतान, जो एश्योर्ड सम का 0.5 फीसदी है.

कोरना सुरक्षा हेल्थ एज वेल एज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की यह पॉलिसी है. इस पॉलिसी की अवधि 105, 195 और 285 दिन है. इसमें न्यूनतम - 50,000 रुपये और अधिकतम - 2.5 लाख रुपये पॉलिसी कवर है.

लाभ:  1. अस्पताल में न्यूनतम 72 घंटे भर्ती रहने पर पॉलिसी का लाभ,  2. पॉजिटिव पाए जाने और अस्पताल में भर्ती पर खर्च हुई पूरी राशि का भुगतान

कवर: सिर्फ एक व्यक्ति

सामान्य पॉलिसी की सीमाएं वैसे कोरोना को सभी सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी  कवर करती है. हालांकि इनकी कुछ सीमाएं हैं क्योंकि अस्पताल में बड़ा खर्च कनज्यूमेबल्स पर होता है, जिसे कोई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह कवर नहीं करती.

सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी धारक अगर कोरोना कवच पॉलिसी भी लेते हैं और अस्पताल में इलाज कराकर इसका लाभ लेते हैं, तब भी अगले साल पहले से ली गई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से उन्हें नो क्लेम बोनस मिलेगा, क्योंकि कोरोना कवच छोटी अवधि वाली पॉलिसी है।

कोरोना कवच और कोरोना रक्षक दोनों छोटी अवधि वाली पॉलिसियां होने का एक लाभ यह भी है कि पॉलिसीधारक को लंबे समय तक प्रीमियम अदा नहीं करना पड़ेगा.

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