वाह आईपीओ हो तो ऐसा! जिसने लगाया पैसा उसे मिले 2.5 लाख रुपये, 90 परसेंट के प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग
Airfloa IPO Listing: एयरफ्लोआ रेल टेक आईपीओ की लिस्टिंग है. बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर आईपीओ की लिस्टिंग 90 परसेंट के प्रीमियम पर हुई. इसी के साथ कंपनी ने मार्केट में अपना धमाकेदार डेब्यू किया.

Airfloa IPO Listing: शेयर बाजार में कब कौन सा निवेश कमाल कर जाए इसका कोई भरोसा नहीं है. आज हम आपको एक ऐसे ही शेयर के बारे में जिसने अपने निवेशकों को जोरदार रिटर्न दिया है. यहां एयरफ्लोआ रेल टेक के शेयरों की बात की जा रही है, जिसने अपनी लिस्टिंग पर निवेशकों की मौज करा दी है. बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर आईपीओ की लिस्टिंग 90 परसेंट के प्रीमियम पर हुई. इसी के साथ कंपनी ने मार्केट में अपना धमाकेदार डेब्यू किया.
आईपीओ को मिला 300 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन
11-15 सितंबर के बीच प्राइमरी मार्केट में 91.10 करोड़ रुपये के इश्यू को 300 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला. एयरफ्लोआ रेल टेक्नोलॉजी के शेयर बीएसई पर 266 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए, जबकि इसका इश्यू प्राइस 140 रुपये था. 90 परसेंट के मुनाफे पर लिस्टिंग से निवेशकों की लॉटरी लग गई है. शेयरों की लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप 637.60 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. एयरफ्लोआ रेल टेक के आईपीओ की लिस्टिंग ग्रे मार्केट में उम्मीदों के लगभग बराबर रही. ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर 125 परसेंट के जीएमपी पर कारोबार करदरहे थे, जो लिस्टिंग पर अधिक मुनाफे की ओर इशारा करता है.
कितना रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम?
एयरफ्लोआ रेल टेक के आईपीओ की लिस्टिंग ग्रे मार्केट में उम्मीदों के लगभग बराबर रही। अनियमित बाजार में कंपनी के शेयरों का जीएमपी 125 प्रतिशत रहा, जो अधिकतम लिस्टिंग लाभ को दर्शाता है। सेबी के नियमों के अनुसार, एसएमई प्लेटफॉर्म के इनिशियल पब्लिक ऑफर्स (आईपीओ) के लिए इश्यू प्राइस पर इश्यू प्राइस से 90 परसेंट तक की कुल सीलिंग लगाने का नियम है.
IPO से मिली रकम का क्या करेगी कंपनी?
तमिलनाडु बेस्ड कंपनी एयरफ्लो रेल टेक की चेन्नई और कांचीपुरम में दो मैन्युफैक्चरिंग फेसिलिटी है. 1998 में बनी यह कंपनी रोलिंग स्टॉक, एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के लिए फोर्ज्ड और मशीनरी कॉम्पोनेंट्स का उत्पादन करती है. इसके अलावा, टर्नकी रेलवे इंटीरियर प्रोजेक्ट्स के कामकाज भी संभालती है. आईपीओ से मिली रकम में से 13.7 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मशीनरी खरीदने में, 59.3 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी के लिए, 6 करोड़ रुपये बकाए कर्ज के भुगतान के लिए किए जाएंगे. जबकि बाकी बचे पैसे सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए अलग रखी जाएगी.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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Source: IOCL





















