सितंबर में दिखा महंगे हवाई टिकट का असर, 6.5% घटी यात्रियों की संख्या
सितंबर के महीने में हवाई यात्रियों की संख्या में कमी देखी गई है. महंगा टिकट और महंगा ATF होने के कारण इस महीने में 6.5% घटी तक यात्री संख्या गिर चुकी है.

भारत में वैसे तो हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या अच्छी खासी है. लेकिन सितंबर 2026 में ये आंकड़ा काफी कम हो गया है. देश में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या एक साल पहले के मुकाबले 6.5% घट गई है. ये कोरोना महामारी के बाद सालाना आधार पर सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है.
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में घरेलू एयरलाइंस से 1.182 करोड़ यात्रियों ने सफर किया. सितंबर 2025 में ये संख्या 1.264 करोड़ थी. तो वहीं अगस्त 2026 के मुकाबले भी सितंबर में यात्रियों की संख्या 2.5% कम रही. इससे साफ है कि देश के एविएशन सेक्टर की तेजी पर फिलहाल दबाव बना हुआ है.
क्यों आई ये गिरावट?
भारत का घरेलू विमानन बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल रहा है. लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसमें सुस्ती देखने को मिल रही है. सितंबर में यात्रियों की संख्या घटने की एक बड़ी वजह हवाई किराये में बढ़ोतरी है. विमान ईंधन महंगा होने के कारण एयरलाइंस ने टिकटों पर अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू किया है. इससे उन यात्रियों पर ज्यादा असर पड़ा है, जो कीमत देखकर यात्रा का फैसला करते हैं.
मौसम के कारण भी हो सकती है कमी
आमतौर पर सितंबर में मानसून और गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के कारण हवाई यात्रा की मांग कम रहती है. अक्टूबर से त्योहारों का मौसम शुरू होने पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद रहती है. हालांकि, इस बार महंगे टिकटों के कारण एयरलाइंस के सामने यात्रियों को आकर्षित करने की चुनौती है.
2026 में अब तक यात्रियों की संख्या घटी
घरेलू विमानन क्षेत्र में कमजोरी केवल सितंबर तक सीमित नहीं है. DGCA के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच घरेलू एयरलाइंस से करीब 12.235 करोड़ यात्रियों ने सफर किया. पिछले साल इसी अवधि में ये संख्या 12.337 करोड़ थी. इस तरह साल के पहले नौ महीनों में यात्रियों की संख्या में 0.82% की गिरावट दर्ज की गई. ये गिरावट ऐसे समय में आई है, जब भारत में हवाई यात्रा की मांग लंबे समय से तेजी से बढ़ रही थी.
ये भी पढ़ें: Microsoft: नौकरी छोड़ने का ऑफर ठुकराया तो क्या होगा? भारत में भी बड़ी छंटनी






















