8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पहले DA-DR मर्जर पर बड़ा अपडेट, सरकार ने दे दिया बड़ा बयान
8th Pay Commission DA Merger: 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तैयारियां जोरो पर है. इस बीच, सरकार ने डियरनेस अलाउंस (DA) या डियरनेस रिलीफ (DR) को बेसिक पे के साथ मर्ज करने के सवाल पर बड़ा बयान दिया है.

8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज होती जा रही हैं. इसमें खासकर महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी में जोड़ दिए जाने की भी मांग लगातार उठ रही हैं. पिछले कुछ दिनों से यह अनुमान भी लगाया जा रहा था कि सरकार डीए और डीआर को न बढ़ाते हुए इसे बेसिक पे में मर्जकर देगी. इस पर अब सरकार ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया है. कई अलग-अलग यूनियनों की उम्मीदों के उलट सरकार ने मौजूदा डियरनेस अलाउंस (DA) या डियरनेस रिलीफ (DR) को बेसिक पे के साथ मर्ज करने के किसी भी प्रपोजल से मना कर दिया है.
क्यों उठ रही थी यह मांग?
दरअसल, कर्मचारियों यूनियनों का तर्क था कि जिस दर से DA और DR बढ़ाई जाएगी वह आज के समय में महंगाई को काबू में रखने के लिए नाकाफी है इसलिए इन दोनों को बेसिक पे में मर्जकर दिया जाए. इससे बेसिक सैलरी बढ़ेगी और इस हिसाब से HRA, TA जैसे दूसरे अलाउंस का भी कैलकुलेशन किया जाएगा. कुल मिलाकर कर्मचारियों की सैलरी ज्यादा बढ़ जाएगी.
सरकार की तरफ से क्या बात कही गई?
1 दिसंबर 2025 को लोकसभा में एक लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि मौजूदा डीए को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है. यह जवाब सांसद आनंद भदौरिया के पूछे गए एक सवाल पर दिया गया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स अभी 30 साल में सबसे अधिक महंगाई का सामना कर रहे हैं, जबकि DA और DR रियल-टाइम रिटेल महंगाई (real-time retail inflation.) से मेल नहीं खा रहे.
दिवाली से पहले बढ़ा था DA-DR
इस साल दिवाली से पहले महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 परसेंट की बढ़ोतरी के बाद अभी कर्मचारियों के लिए DA और पेंशनर्स के लिए DR उनकी बेसिक सैलरी या पेंशन का 55 परसेंट है.
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर साल में दो बार DA/DR में बदलाव करती है. पहली बार जनवरी और दूसरी बार जुलाई में. कर्मचारी फेडरेशन बढ़ती महंगाई के असर को कम करने के लिए DA को बेसिक पे के साथ मिलाने की मांग कर रहे थे. हालांकि, इन मांगों के बावजूद सरकार एक बार के मर्जर के बजाय, समय-समय पर होने वाले एडजस्टमेंट के मौजूदा स्ट्रक्चर के लिए कमिटेड लगती है.
ये भी पढ़ें:
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























