एक्सप्लोरर

वक़्फ़ संशोधन बिल पसमांदा मुस्लिम समाज व मुस्लिम महिलाओं के है हित में

भारत में इस्लाम के ठेकेदारों की समय-समय पर पोल खुलती रही है, फिर चाहे मुस्लिम महिलाओं के सशक्तीकरण का मामला हो, उनको तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति दिलाने का क़ानून हो जो कि सऊदी अरब सहित सभी मुस्लिम देशों में दशकों पहले से क़ानून था. या वक़्फ़ अधिनियमों में संशोधन कर वक़्फ़ संपत्तियों पर गैर क़ानूनी क़ब्ज़ा व वक़्फ़ क़ानूनों का दुरुपयोग कर आम जनमानस के हितों का हनन करना. वक़्फ़ बोर्डों से महिलाओं और पसमांदा मुसलमानों को दूर रखना और वक़्फ़ की स्थापना के मूल मक़सद यानी कि ग़रीब और बेवाओं व यतिमों को इसकी आय से लाभ होना से वंचित रखना हो, जब-जब भारतीय मूल के दलित पसमांदा मुसलमानों को और मुस्लिम महिलाओं को केंद्रित कर मोदी सरकार ने सकारात्मक पहल की, तब तब यह अशरफिया मुसलमान मज़हब का चोला पहन कभी मुस्लिम पर्सनल लॉ की शक्ल में तो कभी तथाकथित छदम धर्म निरपेक्ष सेक्युलर राजनैतिक पार्टियों की शक्ल में मुस्लिम समाज को अटकाने लटकाने और भटकाने के लिए सड़कों पर आ जाता है.

पसमांदा मुसलमानों को बनानी होगी अपनी राह

पसमांदा मुसलमानों व मुस्लिम महिलाओं को तथाकथित सेक्युलर पार्टियों और धंधेबाज़ इस्लाम धर्म के ठेकेदार तंज़ीमो की वफादारियों से बचकर सोचना होगा और अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा. जिस तरह मुस्लिम बहनों के हित के लिए लाए गए मोदी सरकार के सकारात्मक कार्यों का अशराफ मुसलमानों ने विरोध किया था, सीएए के समय मुस्लिम समाज को यह समझाने की कोशिश की गई थी कि यह आपकी नागरिकता छीनने का क़ानून है जबकि सरकार बार-बार कह रही थी कि सीएए किसी भी हिन्दू या मुस्लिम की नागरिकता छीनने का नहीं बल्कि पड़ोसी देशों में प्रताड़ित किए गए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का क़ानून है, लेकिन इन अशरफिया मुसलमानों ने मुसलमानों की ठेकेदार संस्थाओं ने तथा कांग्रेस व अन्य तथाकथित सेक्युलर पार्टियों ने देश के सैंकड़ों ग़रीब मुसलमानों को उनके मूल मुद्दे रोज़ी रोटी और शिक्षा से भटका कर उनको धर्म का चश्मा पहना कर सड़कों पर उतार कई शाहीन बाग़ खड़े कर दिए कि बस इन लोगों को अपने वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया जा सके.

वक्फ की खामियों को दूर करने का समय

ठीक उसी प्रकार से वक़्फ़ की बेहतरी के लिए वक़्फ़ की संपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए, वक़्फ़ की समत्तियों को डिजटलाइज्ड कर रिकॉर्ड मे रखने के लिए, वक़्फ़ की इनकम को उसके जायज़ हक़दारों तक लाभ दिलाने के लिए वक़्फ़ बोर्ड में महिलाओं और पसमांदा मुस्लिम समाज को हिस्सेदारी दिलाने के लिए मोदी सरकार द्वारा लाए जा रहे संशोधनों को अशराफ मुसलमान व छदम धर्म निरपेक्ष राजनैतिक पार्टियां अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने व वक़्फ़ पर अपना क़ब्ज़ा जमाए रखने और करोड़ो की संपत्तियों को हड़पने के लिए मुस्लिम समाज को मज़हब का चश्मा पहना कर अपनी पुरानी नीति पर चलते हुए मुसलमानो के ग़रीब वर्ग यानी पसमांदा मुसलमानों को अटकाना, लटकाना और भटकाना वाली नीति से सड़कों पर लाकर खड़ा करने की साज़िश रच रहे हैं, ताकि वक़्फ़ की करोड़ों की जायदाद पर इसी वर्ग का क़ब्ज़ा स्थापित रह सके. यह एक चिंताजनक विषय है जो पसमांदा मुसलमानों को भारत की मुख्यधारा से जोड़ने वाली सरकार की कोशिशों से उनको भटकाता है इसलिए, पसमांदा मुसलमानों और मुस्लिम बहनों को देश की मुख्यधारा से जुड़ कर अपने बेहतर मुस्तक़बिल के लिए व अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा और इनकी साज़िश से बचना होगा और अशरफिया मुसलमानों के नियंत्रण से वक़्फ़ को और उससे पहले खुद को मुक्त करना होगा.

 जय भारत जय पसमांदा!

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही ज़िम्मेदार है.] 

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

भाजपा ने अब तक किसे-किसे बनाया अध्यक्ष, नितिन नबीन को क्यों सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, जानें सब कुछ
भाजपा ने अब तक किसे-किसे बनाया अध्यक्ष, नितिन नबीन को क्यों सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, जानें सब कुछ
केएल राहुल ने लिया महादेव का आशीर्वाद, IND-NZ तीसरे वनडे से पहले किए महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन
केएल राहुल ने लिया महादेव का आशीर्वाद, IND-NZ तीसरे वनडे से पहले किए महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन
फिल्मों के लिए मनहूस है जनवरी महीना? सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ का क्या होगा? एक्सपर्ट की राय
फिल्मों के लिए मनहूस है जनवरी महीना? सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ का क्या होगा? एक्सपर्ट की राय
BJP का कब चुना जाएगा अध्यक्ष? सामने आई तारीख, नोटिफिकेशन जारी
BJP का कब चुना जाएगा अध्यक्ष? सामने आई तारीख, नोटिफिकेशन जारी
ABP Premium

वीडियोज

Maharashtra BMC Municipal Election Poll Results : मुंबई BJP दफ्तर में फडणवीस के स्वागत की तैयारी
Maharashtra BMC Municipal Election Poll Results : बोली BJP, नकारात्मक राजनीति करने वालों की हार हुई | Mumbai
Maharashtra BMC Municipal Election Poll Results : बोली BJP, नकारात्मक राजनीति करने वालों की हार हुई
Laalo | Gujarat की वो फिल्म जिसने कमाए 100 Crore | Reeva Rachh, Ankit SakhiYa, Karan Joshi, Shruhad
Maharashtra BMC Municipal Election Poll Results : शिवसेना का मुंबई में सूपड़ा साफ !

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भाजपा ने अब तक किसे-किसे बनाया अध्यक्ष, नितिन नबीन को क्यों सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, जानें सब कुछ
भाजपा ने अब तक किसे-किसे बनाया अध्यक्ष, नितिन नबीन को क्यों सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, जानें सब कुछ
केएल राहुल ने लिया महादेव का आशीर्वाद, IND-NZ तीसरे वनडे से पहले किए महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन
केएल राहुल ने लिया महादेव का आशीर्वाद, IND-NZ तीसरे वनडे से पहले किए महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन
फिल्मों के लिए मनहूस है जनवरी महीना? सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ का क्या होगा? एक्सपर्ट की राय
फिल्मों के लिए मनहूस है जनवरी महीना? सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ का क्या होगा? एक्सपर्ट की राय
BJP का कब चुना जाएगा अध्यक्ष? सामने आई तारीख, नोटिफिकेशन जारी
BJP का कब चुना जाएगा अध्यक्ष? सामने आई तारीख, नोटिफिकेशन जारी
BJP National President Election: क्या आम आदमी भी लड़ सकता है BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव, जानें कौन-कौन सी शर्तें करनी होती हैं पूरी?
क्या आम आदमी भी लड़ सकता है BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव, जानें कौन-कौन सी शर्तें करनी होती हैं पूरी?
दो साल में 9.68 लाख सड़क हादसों के साथ टॉप पर भारत, चीन-अमेरिका भी पीछे छूटे
दो साल में 9.68 लाख सड़क हादसों के साथ टॉप पर भारत, चीन-अमेरिका भी पीछे छूटे
क्या यूपी वाले दिल्ली में करवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड से इलाज, क्या हैं योजना के नियम?
क्या यूपी वाले दिल्ली में करवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड से इलाज, क्या हैं योजना के नियम?
बिहार बोर्ड ने जारी किया इंटर परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, स्टूडेंट्स जान लें जरूरी निर्देश
बिहार बोर्ड ने जारी किया इंटर परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, स्टूडेंट्स जान लें जरूरी निर्देश
Embed widget