Laalo | Gujarat की वो फिल्म जिसने कमाए 100 Crore | Reeva Rachh, Ankit SakhiYa, Karan Joshi, Shruhad
यह Interview एक Low-Budget गुजराती फिल्म “लालो” की असाधारण Journey और सफलता की कहानी है। फिल्म बहुत Limited Resources, कम Screen और बिना किसी बड़े प्रचार के बनी, फिर भी धीरे-धीरे Mouth To Mouth पब्लिसिटी से ऐतिहासिक सफलता हासिल की। शुरुआत में पूरी गुजरात और मुंबई मिलाकर सिर्फ तीन Screen पर फिल्म लगी थी, लेकिन 21वें दिन के बाद फिल्म ने जबरदस्त उछाल लिया और हजारों Shows तक पहुच गई। फिल्म के Makers और कलाकारों ने बताया कि उनका भरोसा सिर्फ इस बात पर था कि जो भी फिल्म देखेगा, उसे फिल्म पसंद आएगी। Budget लगभग एक करोड़ से थोड़ा ऊपर गया, लेकिन शुरुआत में सोच बहुत साधारण थी एक कैमरा, ईमानदार एक्टर्स और सच्ची कहानी। Theatre बैकग्राउंड ने एक्टर्स को टिके रहने की ताकत दी और Performance को बेहद रॉ और नेचुरल बनाया। जूनागढ़ की लोकेशन, वहा का माहौल और आध्यात्मिक Energy फिल्म के लिए बहुत अहम रही। फिल्म को सिर्फ “फिल्म” नहीं बल्कि “अनुभूति” माना गया। इसी वजह से हिंदी डबिंग भी खुद कलाकारों ने की, ताकि किरदारों की आत्मा और स्थानीयपन बना रहे। फिल्म की सफलता को टीम ने अपनी नहीं, बल्कि दर्शकों, थिएटर और ईश्वर की कृपा बताया। कलाकारों के साथ भावनात्मक जुड़ाव इतना गहरा रहा कि लोग आशीर्वाद लेने लगे, रोने लगे और अपनी निजी बातें साझा करने लगे। यह सफलता किसी Plan या Marketing का नहीं, बल्कि ईमानदारी, दोस्ती, Theatre की तपस्या और सिनेमा के प्रति सच्चे विश्वास का परिणाम मानी गई। Interview का सार यही है कि बड़े Budget और बड़े नामों के बिना भी, अगर vision साफ हो और नीयत सच्ची हो, तो सिनेमा Blockbuster हो सकता है।

























