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Budget 2026: ऑटो इंडस्ट्री को ड्यूटी में कटौती की उम्मीद, भारत के EV पुश को मिल सकता है बड़ा सपोर्ट
Budget 2026 से ऑटो और EV इंडस्ट्री को बड़ी उम्मीदें हैं. आइए विस्तार से जानते हैं कि ड्यूटी में कटौती, EV इंसेंटिव, लोकलाइजेशन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उद्योग क्या चाहता है.

EV सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद
Source : google gemini
भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले केंद्रीय बजट 2026 से इस सेक्टर को एक मजबूत पॉलिसी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. ऑटोमोबाइल कंपनियां चाहती हैं कि सरकार EV कंपोनेंट्स पर लगने वाली ड्यूटी को तर्कसंगत बनाए, ताकि लागत कम हो और गाड़ियां आम लोगों के लिए सस्ती बन सकें. इसके साथ ही कंज्यूमर इंसेंटिव और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा फोकस की मांग भी की जा रही है.
EV अपनाने के लिए कंज्यूमर इंसेंटिव की मांग
- JSW MG मोटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग मेहरोत्रा ने कहा है कि EV को तेजी से अपनाने के लिए कंज्यूमर-आधारित इंसेंटिव को और मजबूत किया जाना चाहिए. उनके अनुसार, अगर सरकार सब्सिडी और योजनाओं के जरिए ग्राहकों को ज्यादा प्रोत्साहन देती है, तो EV की मांग में तेजी आ सकती है. साथ ही EV कंपोनेंट्स पर ड्यूटी कम करने से मैन्युफैक्चरर्स पर लागत का दबाव भी घटेगा.
लोकलाइजेशन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
- अनुराग मेहरोत्रा ने यह भी माना कि भारत में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार हुआ है, लेकिन अब भी यह EV ग्रोथ में एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. इंडस्ट्री चाहती है कि बजट 2026 में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा वित्तीय सहायता दी जाए. इसके अलावा EV मैन्युफैक्चरिंग के लोकलाइजेशन को बढ़ावा देने से आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी.
ग्रीन मोबिलिटी के लिए पॉलिसी
- टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वरिष्ठ अधिकारी विक्रम गुलाटी का मानना है कि ऑटोमोबाइल और EV सेक्टर के लंबे समय के विकास के लिए पॉलिसी में निरंतरता बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर फोकस बनाए रखना चाहिए और कई ग्रीन एनर्जी विकल्पों को लगातार सपोर्ट देना चाहिए, जिससे भारत अपने एनर्जी सिक्योरिटी और नेट-जीरो एमिशन टारगेट को हासिल कर सके.
EV सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर
- इंडस्ट्री लीडर्स का कहना है कि EV टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन का गहरा लोकलाइजेशन जरूरी है. इससे न सिर्फ लागत कम होगी, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग ज्यादा मजबूत और लचीली बनेगी. इससे भारत की वैश्विक EV बाजार में मुकाबला भी बढ़ेगी.JK टायर के CMD रघुपति सिंघानिया के अनुसार, एक दूरदर्शी और निवेश-आधारित Budget 2026 ऑटो और EV इंडस्ट्री के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है.
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Source: IOCL























