एक्सप्लोरर

ऑफ-रोडिंग के लिए कितनी दमदार साबित हुई Tata Sierra QWD? ऐसा रहा गाड़ी का एक्सपीरियंस

Tata Sierra EV QWD: ऑफ-रोडिंग में सबसे जरूरी बात यह होती है कि ड्राइवर जल्दबाजी न करे. तेज एक्सीलेरेशन या अचानक ब्रेक लगाने से गाड़ी फंस सकती है. इसलिए हर इनपुट बहुत सोच-समझकर और धीरे देना पड़ता है.

आमतौर पर ऑफ-रोड इवेंट्स में ऐसे ट्रैक बनाए जाते हैं जो चुनौतीपूर्ण तो दिखते हैं, लेकिन ज्यादार गाड़ियों की कैपेसिटी के भीतर ही रहते हैं. हालांकि, Sierra EV QWD के साथ एक्सपीरियंस कुछ अलग था. यह किसी भी मजबूत ऑफ-रोड कार के लिए के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा सकती थी.

शुरुआत बड़े-बड़े पत्थरों वाले रास्ते से की गई. Sierra EV की 205 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस ने यहां शानदार काम किया और गाड़ी बिना किसी परेशानी के इन चट्टानों को पार करती चली गई. इसके बाद बेहद खड़ी चढ़ाई और ढलान वाले सेक्शन आए, जहां गाड़ी को धीरे-धीरे ऊपर चढ़ाना और फिर बेहद सावधानी से नीचे उतारना था.

कुछ जगहों पर तो ऐसा महसूस होता था कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह आसमान की ओर उठ गया है. ऐसे समय पर हल्के ब्रेक और शांत ड्राइविंग की जरूरत होती है. Sierra EV ने इन सभी मुश्किलों को पूरी आसानी से संभाल लिया.

किन बातों का ध्यान रखना जरूरी?

ऑफ-रोडिंग में सबसे जरूरी बात यह होती है कि ड्राइवर जल्दबाजी न करे. तेज एक्सीलेरेशन या अचानक ब्रेक लगाने से गाड़ी फंस सकती है. इसलिए हर इनपुट बहुत सोच-समझकर और धीरे देना पड़ता है. Sierra EV QWD ने यहां भी प्रभावित किया. इसकी कॉम्पैक्ट शेप और छोटे ओवरहैंग्स तंग और कठिन रास्तों पर काफी मददगार साबित हुए. वहीं, इलेक्ट्रिक मोटर्स से मिलने वाला इंस्टेंट टॉर्क और तुरंत मिलने वाला पावर रिस्पॉन्स भी मुश्किल चढ़ाइयों पर गाड़ी को आसानी से आगे बढ़ाने में काम आया.

ऑफ-रोड ट्रैक के दौरान अलग-अलग टेरेन मोड्स का भी इस्तेमाल किया गया. खास तौर पर Mud और Sand मोड ने फिसलन भरे और रेतीले हिस्सों में बेहतर पकड़ बनाने में मदद की. इससे गाड़ी का कंट्रोल बना रहा और कठिन रास्तों को पार करना और आसान हो गया.

कैसा रहा गाड़ी चलाने का एक्सपीरियंस?

सवाल यह है कि क्या Sierra EV खरीदने वाले सभी लोग इसकी इतनी एडवांस ऑफ-रोड कैपेसिटी का इस्तेमाल करेंगे? शायद नहीं. लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सिस्टम की वजह से Sierra EV अपने कई राइवल्स की तुलना में ज्यादा भरोसेमंद साबित होती है. यह उन लोगों के लिए भी बेहतर ऑप्शन बनती है जो कभी-कभी एडवेंचर ट्रिप या ऑफ-रोडिंग का मजा लेना चाहते हैं.

इस दौरान 540-डिग्री कैमरा भी काफी उपयोगी साबित हुआ. इसकी मदद से गाड़ी के नीचे का हिस्सा भी आसानी से देखा जा सकता था, जिससे बड़े पत्थरों या दूसरी समस्याओं से बचने में सुविधा मिली. पूरे ऑफ-रोड एक्सपीरियंस के दौरान गाड़ी के नीचे से किसी तरह की तेज आवाज, रगड़ या नुकसान महसूस नहीं हुआ, जो इसकी मजबूत बिल्ड क्वालिटी को दिखाता है.

अक्सर यह माना जाता है कि इलेक्ट्रिक कारें मुश्किल रास्तों के लिए सही नहीं होतीं या ज्यादा मजबूत नहीं होतीं. लेकिन Sierra EV QWD ने इस सोच को काफी हद तक बदल दिया है. हालांकि, यह भी सच है कि लगातार ऑफ-रोडिंग करने से बैटरी की खपत सामान्य ड्राइविंग की तुलना में ज्यादा होती है और ड्राइविंग रेंज कम हो सकती है. फिर भी, अगर आसपास चार्जिंग की सुविधा मौजूद हो तो आधुनिक इलेक्ट्रिक एसयूवी अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोमांचक ऑफ-रोड सफर के लिए भी एक बेहतरीन ऑप्शन बनती जा रही हैं. 

यह भी पढ़ें:-

EV चलाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनेगा देश का सबसे एडवांस चार्जिंग नेटवर्क 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

ऑफ-रोडिंग के लिए कितनी दमदार साबित हुई Tata Sierra QWD? ऐसा रहा गाड़ी का एक्सपीरियंस
ऑफ-रोडिंग के लिए कितनी दमदार साबित हुई Sierra QWD? ऐसा रहा गाड़ी का एक्सपीरियंस
E20 Compatible Car: E20 पेट्रोल आपकी कार के लिए सही है या नहीं? कुछ सेकेंड में ऐसे करें चेक
E20 पेट्रोल आपकी कार के लिए सही है या नहीं? कुछ सेकेंड में ऐसे करें चेक
Diwali 2026 में होगा बड़ा SUV धमाका, लॉन्च होंगी 2 दमदार Hybrid SUVs
Diwali 2026 में होगा बड़ा SUV धमाका, लॉन्च होंगी 2 दमदार Hybrid SUVs
EV चलाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनेगा देश का सबसे एडवांस चार्जिंग नेटवर्क
EV चलाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनेगा देश का सबसे एडवांस चार्जिंग नेटवर्क
Advertisement

वीडियोज

गुटखाबाज बीवी की डिमांड डायरी!
Shehnaaz Gill बोलीं- अभी सक्सेस नहीं मिली, मेरा सपना है लोग टिकट खरीदकर मेरी फिल्में देखने आएं
Bollywood News: '3 Idiots' की कहानी पर आमिर का नया खुलासा, सोनम वांगचुक कनेक्शन पर छिड़ी नई बहस (17-07-2026)
Udne ki Asha: Sailee-Sachin की बदली किस्मत; Ganpatipule में मिला पैसा, पर खो गया सुकून!
Tata Altroz diesel long term review and mileage: E20 ka best solution? #autolive
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रूसी तेल खरीद पर अमेरिका लगाएगा 100 फीसदी टैरिफ? भारतीय विदेश मंत्रालय ने सवाल पर क्या कहा
रूसी तेल खरीद पर अमेरिका लगाएगा 100 फीसदी टैरिफ? भारतीय विदेश मंत्रालय ने सवाल पर क्या कहा
'BJP वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन...', सोनम वागंचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर बोलीं डिंपल यादव
'BJP वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन...', सोनम वागंचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर बोलीं डिंपल यादव
पाक के सिंध में बच्चों में तेजी से फैला HIV, WHO का अनुमान- पूरे देश में साढ़े 3 लाख लोग ऐसे ही जीने को मजबूर
पाक के सिंध में बच्चों में तेजी से फैला HIV, WHO का अनुमान- पूरे देश में साढ़े 3 लाख लोग ऐसे ही जीने को मजबूर
'बंटवारा 1947' से पहले बड़े पर्दे पर दहाड़ते नजर आएंगे सनी देओल, री रिलीज हो रही एक्टर की तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में, नोट कर लें तारीख!
'बंटवारा 1947' से पहले सनी देओल की री रिलीज हो रही तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में, नोट कर लें तारीख!
FIFA World Cup Prize Money: आज फ्रांस और इंग्लैंड की भिड़ंत, हारने वाली टीम को भी मिलेंगे 259 करोड़ रुपये
FIFA वर्ल्ड कप में आज फ्रांस और इंग्लैंड की भिड़ंत, हारने वाली टीम को भी मिलेंगे 259 करोड़ रुपये
Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?
क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले मानसून सत्र की तस्वीर बदल गई?
मानसून सत्र में पेश नहीं हो पाएगा 130वां संविधान संशोधन बिल? JPC सदस्यों में नहीं बनी एक राय, कहा- ‘अभी चर्चा की जरूरत’
मानसून सत्र में पेश नहीं हो पाएगा 130वां संविधान संशोधन बिल? JPC सदस्यों में नहीं बनी एक राय
दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से क्यों भेजा अस्पताल? सामने आई बड़ी वजह
दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से क्यों भेजा अस्पताल? सामने आई बड़ी वजह
Embed widget