SUV से पिकअप तक, Jeep-Citroen लाएंगी 12 नए मॉडल
स्टेलेंटिस भारत में 4,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने जा रही है. जानिए 2030 तक लॉन्च होने वाले जीप और सिट्रोन के 12 नए मॉडल्स और फीचर्स की पूरी जानकारी.

हमारे देश में अभी कई कंपनियां हैं जो इन दिनों ऑटोमोबाइल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं. इसके चलते कंपनियां नई-नई तकनीक अपना रही हैं. आज हम भी एक ऐसी ही कंपनी की बात करेंगे जो की वर्ल्ड लेवल पर बेहद मजबूत है लेकिन अब इंडिया में अपना मार्केट बनाने के लिए बहुत बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है.
दरअसल हम बात कर रहें स्टेलेंटिस की जिसने भारत में अपने दो प्रमुख ब्रांड्स जीप और सिट्रोन के तहत अगले कुछ सालों में एक-दो नहीं बल्कि पूरे 12 नए मॉडल पेश करने की प्लानिंग कर रही है. तो चलिए इस आर्टिकल में हम आपको आसान भाषा में समझाते हैं कि स्टेलेंटिस का यह बड़ा प्लान क्या है और भारतीय ग्राहकों को इसका क्या लाभ मिलेगा.
12 गाड़ियां होंगी लॉन्च
आपको बता दें कि स्टेलेंटिस द्वारा नए प्लान में 12 नए प्रॉडक्ट्स में से 7 बिल्कुल नए व्हीकल होंगे जबकि 5 मौजूदा गाड़ियों को बड़े फैसलिफ्ट या नए अवतार में पेश किया जाएगा. इस पूरी प्रोडक्ट सीरीज में 7 मॉडल सिट्रोन ब्रांड के तहत और 5 मॉडल जीप ब्रांड के तहत उतारे जाएंगे. जबकि कंपनी का पहला नया मॉडल साल 2027 की दूसरी तिमाही तक भारतीय सड़कों पर देखने को मिल सकता है.
आपको बता दें कि सिट्रोन का फोकस जहां आम बजट और मध्यम वर्गीय खरीदारों के लिए किफायती गाड़ियां तैयार करना होगा. वहीं जीप अपने प्रीमियम और एडवेंचरस एसयूवी पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी. इसके साथ ही कंपनी टाटा मोटर्स के साथ व्हीकल प्लेटफॉर्म शेयरिंग पर भी विचार कर रही है.

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कंपनी का है बड़ा पोर्टफोलियो
जानकारी दें कि स्टेलेंटिस का यह नया प्लान केवल साधारण गाड़ियों तक ही सीमित नहीं रहेगा. कंपनी भारत में एंट्री-लेवल A-सेगमेंट कारों से लेकर B, C और D-सेगमेंट की बड़ी एसयूवी, एक फैमिली एमपीवी और एक प्रीमियम पिकअप ट्रक तक लॉन्च करने की तैयारी में है.
जिसका मतलब है कि अब भारतीय ग्राहकों को महिंद्रा और टाटा जैसी देसी कंपनियों के साथ-साथ टोयोटा और इसुजु के पिकअप ट्रक्स को कड़ी टक्कर देने वाला नया ग्लोबल ऑप्शन भी देखने को मिलेगा. सिट्रोन के जरिए ज्यादा माइलेज वाली और कम्फर्ट पर ध्यान देने वाली गाड़ियां मिलेंगी. जबकि जीप ब्रांड अपनी दमदार 4x4 क्षमता और मस्कुलर लुक्स के साथ नए सेगमेंट में एंट्री लेगा.

मल्टी-एनर्जी पावरट्रेन स्ट्रेटजी
वहीं कंपनी ने साफ किया है कि इंडियन बाजार में केवल एक ही तरह के इंजन पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. इसीलिए स्टेलेंटिस एक मल्टी-एनर्जी तकनीक अपनाने जा रही है. इसके तहत आने वाली गाड़ियों में पारंपरिक पेट्रोल/डीजल इंजन, हाइब्रिड सिस्टम, प्लग-इन हाइब्रिड और फुली इलेक्ट्रिक ऑप्शन ग्राहकों को अपनी पसंद के हिसाब से मिलेंगे. जो लोग बिना चार्जिंग के ज्यादा माइलेज चाहते हैं वे हाइब्रिड मॉडल चुन सकेंगे. जबकि जो लोग जीरो-एमिशन गाड़ियां पसंद करते हैं उनके लिए इलेक्ट्रिक वेरिएंट्स मौजूद रहेंगे.
लोकल ही बनेंगी गाड़ियां
आपको बता दें कि अक्सर विदेशी ब्रांड्स की गाड़ियों के साथ स्पेयर पार्ट्स की महंगी कीमतें और सर्विस नेटवर्क की कमी एक बड़ी समस्या मानी जाती रही है. लेकिन इस बार स्टेलेंटिस भारत में ही गाड़ियों के सभी पार्ट्स तैयार करके 90% तक लोकल कंटेंट का इस्तेमाल करने का लक्ष्य रख रही है.
भारत में कंपनी के तमिलनाडु और महाराष्ट्र में तीन मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट मौजूद हैं. लोकलाइजेशन बढ़ने से गाड़ियों की एक्स-शोरूम कीमतें काफी कम रहेंगी और स्पेयर पार्ट्स भी सस्ते मिलेंगे. जबकि इसके अलावा कंपनी देश के छोटे शहरों में अपने Stellantis Brand House के जरिए जीप और सिट्रोन के जुड़ा हुआ शोरूम और सर्विस सेंटर खोलेगी ताकि ग्राहकों को आफ्टर-सेल्स सर्विस के लिए परेशान न होना पड़े.
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