कार का इंजन गर्म हो रहा, पहले कार बंद करें या AC? जानें तरीका
इंजन ओवरहीट होने पर जल्दबाजी में कार बंद करना नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में जानिए कार इंजन गर्म होने पर AC और इंजन को लेकर किन गलतियों से बचना चाहिए और इसके सही तरीके के बारे में.

गर्मी के मौसम में लंबे ट्रैफिक जाम, लगातार ड्राइविंग या कूलिंग सिस्टम में खराबी के कारण कार का इंजन सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. डैशबोर्ड पर Temperature Warning Light जलना या तापमान गेज का रेड जोन में पहुंचना इसका संकेत है. ऐसे समय में कई लोग घबराकर तुरंत इंजन बंद कर देते हैं या गर्म इंजन का बोनट खोल देते हैं. हालांकि यह बिलकुल भी सही नहीं है.
अगर आपको लगे कि इंजन ओवरहीट हो रहा है तो सबसे पहले AC बंद करना चाहिए. इससे इंजन पर पड़ रहा अतिरिक्त लोड कम होता है. इसके बाद कार को सुरक्षित जगह पर ले जाकर कुछ देर चलने दें या जरूरत के अनुसार रोक दें. यदि कार चलाने की स्थिति में है, तो हीटर को थोड़ी देर के लिए ऑन करना भी इंजन से अतिरिक्त गर्मी निकालने में मदद कर सकता है.
इंजन तुरंत बंद करने से बचें
यदि तापमान गेज रेड जोन में पहुंच गया है, चेतावनी लाइट लगातार जल रही है, भाप निकल रही है या इंजन से असामान्य आवाज आ रही है, तो सुरक्षित स्थान पर कार रोकना और इंजन बंद करना बेहतर है. लेकिन यदि तापमान केवल थोड़ा बढ़ा है और कार अभी सामान्य रूप से चल रही है तो तुरंत सड़क के बीच में इंजन बंद करने के बजाय पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचना जरूरी है. हाईवे या चलती सड़क पर अचानक कार रोकना एक्सिडेंट का कारण बन सकता है.
बोनट तुरंत न खोलें
ओवरहीटिंग के बाद इंजन और कूलेंट बेहद गर्म हो सकते हैं. ऐसे में बोनट खोलते समय गर्म भाप बाहर निकल सकती है और जलने का खतरा हो सकता है. इसलिए कार रोकने के बाद कुछ समय इंतजार करें और इंजन को ठंडा होने दें. गर्म इंजन में रेडिएटर कैप या कूलेंट रिजर्वायर का ढक्कन तुरंत न खोलें, क्योंकि अंदर दबाव बना हो सकता है, जिससे गर्म कूलेंट बाहर निकल सकते हैं और गंभीर चोट पहुंचा सकता है.
यह भी पढ़ें: ट्रेन की तरह बस में कहां होता है इमरजेंसी ब्रेक, कैसे करता है काम?
पानी डालना सही नहीं
बहुत ज्यादा गर्म इंजन पर अचानक ठंडा पानी डालना सही तरीका नहीं है. इससे तापमान में अचानक बदलाव के कारण इंजन के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है. बेहतर है कि इंजन को पहले पर्याप्त ठंडा होने दें. इंजन ठंडा होने के बाद कूलेंट लेवल चेक करें. अगर कूलेंट बार-बार कम हो रहा है, तो लीकेज, रेडिएटर, वाटर पंप या अन्य कूलिंग सिस्टम की समस्या हो सकती है.
ओवरहीटिंग को नजरअंदाज न करें
एक बार तापमान सामान्य हो जाने का मतलब यह नहीं है कि समस्या खत्म हो गई. बार-बार इंजन गर्म होना गंभीर मैकेनिकल समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में कार को लगातार चलाने के बजाय मैकेनिक से कूलिंग सिस्टम की जांच करवाना बेहतर है.
यह भी पढ़ें: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा आसान! खत्म हो सकती है पता बदलने की फीस





















