एक्सप्लोरर

प्राइवेट गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती लगाई तो भारी पड़ेगा! जानें नियम और कितना कटेगा चालान?

लाल और नीली बत्ती का इस्तेमाल केवल इमरजेंसी सेवाओं के लिए ही है. प्राइवेट गाड़ी पर ये लगाना गैरकानूनी है और इससे सख्त कार्रवाई हो सकती है. आइए जानें नियम, जुर्माना और किन्हें इसकी अनुमति मिलती है.

भारत में सड़क पर वीआईपी जैसा दिखने के लिए कई लोग अपनी गाड़ियों पर लाल या नीली बत्ती लगा लेते हैं, लेकिन यह पूरी तरह गैरकानूनी है. केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के अनुसार किसी भी निजी वाहन पर इस तरह की बत्ती लगाना मना है. अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ पकड़ा जाता है, तो ट्रैफिक पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है.

साल 2017 में सरकार ने वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए बड़ा फैसला लिया था, जिसके तहत मंत्रियों और अधिकारियों की गाड़ियों से भी लाल बत्ती हटा दी गई थी. इसका मकसद सड़क पर समानता बनाए रखना और लोगों में डर या भ्रम की स्थिति को खत्म करना था. इसलिए अब आम लोगों के लिए ऐसी बत्तियों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है.

किन वाहनों को है बत्ती लगाने की अनुमति?

लाल और नीली बत्ती का इस्तेमाल केवल कुछ खास सरकारी और इमरजेंसी सेवाओं के वाहनों तक सीमित है. इसमें एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियां शामिल हैं. इन वाहनों को ही सड़क पर जल्दी रास्ता मिलने और आपात स्थिति में काम करने के लिए यह सुविधा दी जाती है. आम नागरिकों को अपनी निजी गाड़ी पर किसी भी तरह की फ्लैश लाइट, लाल या नीली बत्ती लगाने की अनुमति नहीं है. यहां तक कि अगर कोई अधिकृत व्यक्ति भी गाड़ी में मौजूद नहीं है, तो उस स्थिति में बत्ती को ढकना जरूरी होता है. इससे नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाता है.

नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?

अगर कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है. मोटर वाहन अधिनियम के तहत ट्रैफिक पुलिस भारी जुर्माना लगा सकती है. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर गाड़ी को सीज भी किया जा सकता है. मौके पर ही गाड़ी से अवैध बत्ती को हटवाया जाता है ताकि दोबारा इसका इस्तेमाल न हो सके. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है और कहा है कि ऐसी बत्तियों का गलत इस्तेमाल सड़क पर डर और भ्रम पैदा करता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है.

क्यों जरूरी है इस नियम का पालन

लाल-नीली बत्ती का गलत इस्तेमाल सड़क पर अनुशासन को बिगाड़ता है. इससे आम लोग भ्रमित हो सकते हैं और कई बार दुर्घटना की संभावना भी बढ़ जाती है. इसलिए सरकार ने इसे पूरी तरह से नियंत्रित किया है. अगर हर कोई अपनी गाड़ी पर ऐसी बत्ती लगाने लगे, तो असली इमरजेंसी वाहनों को रास्ता मिलने में परेशानी हो सकती है. इसी वजह से यह नियम सख्ती से लागू किया गया है ताकि सड़क पर सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे.

यह भी पढ़ें:- 600 KM रेंज, शानदार फीचर्स और बहुत कुछ, मार्केट में एंट्री की तैयारी कर रही ये इलेक्ट्रिक कारें 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अब 10 लाख से सस्ती कारें नहीं खरीद रहे लोग, चौंका देगा 6 साल का आंकड़ा
अब 10 लाख से सस्ती कारें नहीं खरीद रहे लोग, चौंका देगा 6 साल का आंकड़ा
Yamaha का दिवाली गिफ्ट, मात्र 2,499 रुपये में घर लाएं स्कूटर
Yamaha का दिवाली गिफ्ट, मात्र 2,499 रुपये में घर लाएं स्कूटर
Audi Q3 की लॉन्चिंग 16 अक्टूबर को, 204 PS की Power वाली SUV तैयार
Audi Q3 की लॉन्चिंग 16 अक्टूबर को, 204 PS की Power वाली SUV तैयार
नोएडा में Tesla का नया ठिकाना, जानें क्या मिलेगी सुविधा?
नोएडा में Tesla का नया ठिकाना, जानें क्या मिलेगी सुविधा?

वीडियोज

CJP का 'चलो दिल्ली' मार्च...पूरी तरह फ्लॉप!
फसल तबाह...कौन देगा सहारा? महाराष्ट्र से राजस्थान...परेशान किसान
'वोट चोरी' पर सियासत...हल है हिरासत!
सख्ती का असर...'जंतर-मंतर 2.0' बेअसर!
SIR पर लड़ाई...मीर जाफर तक कैसे आई? बड़ा विश्लेषण

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
Embed widget