ऑटो मार्केट को नहीं भा रहा फेस्टिव सीजन! पुणे में घटी गाड़ियों की खरीदारी
पुणे में फेस्टिव सीजन के दौरान कुल वाहन रजिस्ट्रेशन में 25.6 परसेंट की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग ने कस्टमर्स की बदलती पसंद के बारे में बताया. जानें RTO के आंकड़ों के बारे में.

पुणे में फेस्टिव सीजन को हर साल ऑटोमोबाइल बाजार के लिए बिक्री का बड़ा अवसर माना जाता है. नवरात्रि से लेकर दिवाली तक कस्टमर नई कार, बाइक और दूसरे वाहनों की खरीदारी करते हैं. हालांकि, इस साल पुणे के वाहन बाजार में फेस्टिवल मांग का असर पिछले साल जैसा देखने को नहीं मिला. रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में शहर में कुल 10,534 नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि अक्टूबर 2025 में यह संख्या 14,168 थी. यानी एक साल में कुल वाहन रजिस्ट्रेशन में करीब 25.6 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई.
इस गिरावट का असर अलग-अलग वाहन सेगमेंट में अलग-अलग स्तर पर दिखाई दिया. खासतौर पर पैसेंजर कारों की मांग में तेज कमी आई, जबकि दोपहिया वाहनों में भी पिछले साल के मुकाबले रजिस्ट्रेशन कम रहे. हालांकि, इसी बीच इलेक्ट्रिक वाहनों ने जरूर उम्मीद जगाई है. EV रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी दर्ज होना इस बात का संकेत है कि कुल ऑटो बाजार में गिरावट के बावजूद पुणे के कुछ कस्टमर पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.
कारों की बिक्री में सबसे बड़ी गिरावट
फेस्टिव सीजन में सबसे ज्यादा असर पैसेंजर कार सेगमेंट पर दिखाई दिया. अक्टूबर 2025 में पुणे में 4,813 कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जो अक्टूबर 2026 में घटकर 2,595 रह गया. इस तरह कार रजिस्ट्रेशन में करीब 46.1 परसेंट की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. यह आंकड़ा बताता है कि त्योहारों के दौरान कार खरीदने को लेकर इस बार कस्टमर्स का उत्साह पिछले साल के मुकाबले काफी कमजोर रहा. कारों के मुकाबले दोपहिया वाहनों का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहा, हालांकि इस सेगमेंट में भी गिरावट दर्ज हुई. पिछले साल के 8,007 रजिस्ट्रेशन के मुकाबले इस साल 7,046 दोपहिया वाहन रजिस्टर्ड हुए. यानी टू-व्हीलर सेगमेंट में करीब 12 परसेंट की कमी आई. इस दौरान मोटरसाइकिल रजिस्ट्रेशन में ही 961 यूनिट की गिरावट दर्ज की गई.
यह भी पढ़ें: Renault Duster हाइब्रिड भारत में लॉन्च, कम कीमत में सबसे दमदार एसयूवी का दावा
कमर्शियल वाहनों पर भी असर
पुणे के ऑटो बाजार में कमजोरी केवल पर्सनल वाहनों तक सीमित नहीं रही. आंकड़ों में ऑटो-रिक्शा, टूरिस्ट टैक्सी, गुड्स व्हीकल और ट्रैक्टर जैसी वाहनों में भी कमी दिखाई दी. ऑटो-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन पिछले साल के 183 से घटकर सिर्फ 41 रह गया. वहीं टूरिस्ट टैक्सी की संख्या 423 से घटकर 229 और गुड्स व्हीकल का रजिस्ट्रेशन 577 से घटकर 507 हो गया. ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन भी 100 से घटकर 42 पर आ गया. हालांकि सभी कैटेगरी में गिरावट नहीं रही. बस रजिस्ट्रेशन में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली और यह 33 से बढ़कर 36 हो गई.
इलेक्ट्रिक वाहनों ने दिखाई उम्मीद
पुणे के ऑटो सेक्टर में गिरावट के बीच इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट ने अच्छ संकेत दिए हैं. कुल EV रजिस्ट्रेशन अक्टूबर 2025 के 1566 से बढ़कर अक्टूबर 2026 में 1638 हो गए. यानी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में करीब 4.6 परसेंट की बढ़ोतरी हुई. वाहन बाजार में गिरावट के बावजूद EV सेगमेंट का ऊपर जाना कस्टमर्स की बदलती पसंद का संकेत है. वहीं इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों का रजिस्ट्रेशन 1,152 से बढ़कर 1,182 और इलेक्ट्रिक कारों का आंकड़ा 355 से बढ़कर 382 हो गया. इलेक्ट्रिक गुड्स व्हीकल में भी 16 से 44 तक की बढ़ोतरी हुई, जबकि इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन 5 से बढ़कर 14 हो गया.
यह भी पढ़ें: पांच साल चलने के बाद ऐसे कम हो जाती है नई कार की कीमत, यहां समझिए





















