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कैसे काम करती है प्लग-इन हाइब्रिड कार? पढ़ें Mercedes-AMG E53 का रिव्यू

Mercedes-AMG E53 Drive Review: गाड़ी में 3.0 लीटर टर्बो पेट्रोल 6-सिलेंडर इंजन दिया गया है. इसके साथ ही इसमें 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सिस्टम मिलता है.

अगर आपको एक ऐसी कार चाहिए जो शहर में इलेक्ट्रिक कार की तरह शांत और स्मूद चले, लेकिन हाईवे या खाली सड़क पर स्पोर्ट्स कार जैसी दमदार परफॉर्मेंस दे तो Mercedes-AMG E53 Plug-in Hybrid इस जरूरत को काफी हद तक पूरा करती है. कंपनी ने भारत में यह अपना दूसरा प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल पेश किया है.

इसकी खासियत यह है कि इसमें पेट्रोल इंजन के साथ बड़ा बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक मोटर मिलती है. यानी जरूरत के हिसाब से यह कार इलेक्ट्रिक मोड में भी चल सकती है और जब ज्यादा पावर चाहिए तो इसका पेट्रोल इंजन भी पूरी ताकत के साथ काम करता है. 

3.0 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर

  • Mercedes-AMG E53 में 3.0 लीटर टर्बो पेट्रोल 6-सिलेंडर इंजन दिया गया है. इसके साथ 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सिस्टम मिलता है. पेट्रोल इंजन के अलावा इसमें एक इलेक्ट्रिक मोटर और 21.2kWh का लिथियम-आयन बैटरी पैक दिया गया है. दोनों पावरट्रेन मिलकर करीब 585hp की पावर और 750Nm का पीक टॉर्क पैदा करते हैं. इस वजह से कार में दमदार परफॉर्मेंस के साथ रोजाना इस्तेमाल की सुविधा भी मिलती है.
  • इस प्लग-इन हाइब्रिड की सबसे बड़ी खासियत इसका इलेक्ट्रिक मोड है. कंपनी के मुताबिक बैटरी फुल चार्ज होने पर कार करीब 100 किलोमीटर तक इलेक्ट्रिक रेंज दे सकती है. इससे करीब 80 किलोमीटर की रेंज मिलने की उम्मीद की जा सकती है. शहर में रोजाना आने-जाने के लिए यह रेंज काफी उपयोगी हो सकती है. खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक मोड में कार 100 किमी/घंटा से ज्यादा की स्पीड पर भी आराम से चल सकती है.

कैसे काम करती है प्लग-इन हाइब्रिड कार? पढ़ें Mercedes-AMG E53 का रिव्यू

शहर में EV जैसी ड्राइविंग

  • E53 को स्टार्ट करने पर अगर EV मोड चुना गया है तो कार लगभग पूरी तरह शांत तरीके से चलती है. डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले पर EV मोड और इलेक्ट्रिक रेंज दिखाई देती है. शहर में कार का ड्राइविंग फील किसी इलेक्ट्रिक कार जैसा ही महसूस होता है. इसमें इंजन का शोर नहीं होता और एक्सीलरेशन भी काफी स्मूद रहता है. ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान भी कार की ड्राइविंग आरामदायक रहती है.
  • इलेक्ट्रिक मोड का एक और फायदा यह है कि शहर में पेट्रोल इंजन को बार-बार चालू करने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे ड्राइविंग ज्यादा शांत रहती है और ईंधन की खपत भी कम की जा सकती है. यानी अगर रोजाना का सफर सीमित दूरी का है और कार को नियमित रूप से चार्ज किया जा सकता है, तो शहर में ज्यादातर सफर इलेक्ट्रिक पावर पर किया जा सकता है.

जब चाहिए पावर, तब पेट्रोल इंजन तैयार

  • E53 की खासियत सिर्फ इलेक्ट्रिक ड्राइविंग तक सीमित नहीं है. अगर आपको कार की पूरी ताकत और इंजन की आवाज का मजा लेना है तो अलग-अलग ड्राइविंग मोड का इस्तेमाल किया जा सकता है. Sport Plus मोड चुनने पर पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर मिलकर ज्यादा आक्रामक प्रदर्शन देते हैं. इस मोड में कार का AMG परफॉर्मेंस कैरेक्टर साफ महसूस होता है.
  • इसके अलावा ड्राइवर बैटरी की इलेक्ट्रिक रेंज को बचाकर भी रख सकता है. यानी अगर आपको पता है कि आगे शहर में इलेक्ट्रिक मोड का ज्यादा इस्तेमाल करना है, तो बैटरी की चार्जिंग को बाद के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है. इस तरह कार को जरूरत के हिसाब से EV, हाइब्रिड या परफॉर्मेंस कार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है.


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Strong Hybrid से कैसे अलग है Plug-in Hybrid?

  • आम Strong Hybrid कारों में भी पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी होती है, लेकिन उनकी बैटरी छोटी होती है और कार सीमित दूरी तक ही इलेक्ट्रिक मोड में चल पाती है. वहीं Plug-in Hybrid में बड़ी बैटरी दी जाती है, जिसे बाहरी चार्जर से भी चार्ज किया जा सकता है. इसी वजह से Plug-in Hybrid कार ज्यादा दूरी तक सिर्फ इलेक्ट्रिक पावर पर चल सकती है.
  • Mercedes-AMG E53 में 21.2kWh की बड़ी बैटरी इसी वजह से महत्वपूर्ण है. रोजाना की छोटी दूरी के लिए इसका EV मोड इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि लंबी दूरी के सफर में पेट्रोल इंजन की मदद उपलब्ध रहती है. यानी ड्राइवर को इलेक्ट्रिक कार की सीमित रेंज की चिंता कम होती है और पेट्रोल कार की तरह लंबे सफर पर बार-बार चार्जिंग की जरूरत भी नहीं पड़ती.

भारतीय सड़कों पर कैसी है?

  • E53 का व्हीलबेस स्टैंडर्ड मॉडल वाला है, लेकिन भारतीय सड़कों के हिसाब से इसका ग्राउंड क्लीयरेंस और राइड क्वालिटी काफी अच्छी महसूस होती है. सामान्य गड्ढों और खराब सड़कों पर कार आसानी से चल सकती है. हालांकि बहुत बड़े या बेहद तेज गड्ढों पर सावधानी बरतनी होगी. कुल मिलाकर इतनी परफॉर्मेंस वाली कार के हिसाब से इसकी रोजमर्रा की उपयोगिता अच्छी है.
  • कार के केबिन में ब्लैक और रेड कलर का कॉम्बिनेशन दिया गया है, जो इसके AMG परफॉर्मेंस कैरेक्टर को दिखाता है. इसके अलावा इसमें प्रीमियम इंटीरियर और आधुनिक फीचर्स मिलते हैं. छोटा व्हीलबेस होने के बावजूद केबिन में पर्याप्त जगह मिलती है, इसलिए यह कार सिर्फ तेज चलाने के लिए नहीं बल्कि रोजाना इस्तेमाल के लिए भी व्यावहारिक नजर आती है.
  • Mercedes-AMG E53 Plug-in Hybrid की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये है. जाहिर तौर पर यह एक महंगी कार है, लेकिन इसकी खासियत यह है कि इसमें एक ही पैकेज में दो अलग-अलग तरह का अनुभव मिलता है. शहर में इसे इलेक्ट्रिक कार की तरह शांत और स्मूद तरीके से चलाया जा सकता है, जबकि खाली सड़क या हाईवे पर इसका पेट्रोल इंजन और AMG सेटअप शानदार परफॉर्मेंस देता है.

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