कार में नए टायर पीछे लगाएं या आगे, क्या है सही तरीका?
कार के सिर्फ दो टायर बदलवाने हैं तो नए टायर आगे लगाने की बजाय पीछे लगाने की सलाह दी जाती है. जानें इसके पीछे की वजह और टायर बदलते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

कार के टायर सड़क पर आपकी सुरक्षा का सबसे जरूरी हिस्सा होते हैं. कई बार चारों टायर एक साथ बदलने की जरूरत नहीं पड़ती और लोग सिर्फ दो नए टायर खरीदते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल रहता है कि नए टायर आगे लगाए जाएं या पीछे. आमतौर पर नए टायर पीछे लगाने की सलाह दी जाती है. इसका कारण कार की पकड़ और गीली सड़क पर उसकी स्थिरता से जुड़ा है. मिशेलिन भी सिर्फ दो नए टायर लगाने की स्थिति में उन्हें पीछे लगाने की सलाह देता है.
नए टायर पीछे लगाने की सलाह क्यों दी जाती है?
जब कार के सिर्फ दो टायर बदले जाते हैं, तो पुराने टायरों की तुलना में नए टायरों में ज्यादा ट्रेड और बेहतर ग्रिप होती है. अगर इन्हें पीछे लगाया जाता है तो गीली या फिसलन वाली सड़क पर कार का पिछला हिस्सा ज्यादा स्थिर रहता है. पीछे के टायरों की पकड़ कम होने पर कार का पिछला हिस्सा अचानक घूमने या फिसलने लगता है. इसे ओवरस्टीयरिंग या फिशटेलिंग जैसी स्थिति कहा जाता है. ऐसी स्थिति को संभालना ड्राइवर के लिए मुश्किल हो सकता है. नए टायर पीछे लगाने से इस जोखिम को कम करने में मदद मिलती है. हालांकि कुछ लोग आगे इंजन लोड को देखते हुए नए टायरों को आगे लगवाते हैं और पुरानों को पीछे फिट कर देते हैं.
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चारों टायर बदलना सबसे अच्छा तरीका
अगर बजट और टायरों की स्थिति इजाजत देती है तो चारों टायर एक साथ बदलना बेहतर रहता है. इससे चारों पहियों पर टायरों की पकड़ और घिसावट का स्तर लगभग एक जैसा रहता है. इससे कार की हैंडलिंग और ब्रेकिंग ज्यादा संतुलित रहती है. मिशेलिन के मुताबिक नए टायर लगाते समय एक ही साइज और सही टाइप के टायर इस्तेमाल किए जाने चाहिए. टायर का साइज कार के दरवाजे पर लगे स्टिकर या कंपनी की ओनर मैनुअल में दिया जाता है.
टायर बदलते समय इन बातों का रखें ध्यान
सिर्फ नए टायर लगाने से काम पूरा नहीं होता. टायर बदलने के बाद सही एयर प्रेशर, व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग भी चेक करानी चाहिए. टायर की साइडवॉल पर दिए साइज और स्पीड रेटिंग को भी कार की कंपनी द्वारा बताए गए मानक के अनुसार रखना जरूरी है. पुराने टायरों में दरार, असामान्य घिसावट या ट्रेड कम दिखे तो उनकी जांच करानी चाहिए. टायरों का एयर प्रेशर भी नियमित रूप से चेक करना चाहिए. सही टायर और सही मेंटेनेंस कार की सड़क पर पकड़ और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी हैं.
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