भारत में एक साथ काम करेंगे Honda और Nissan, सामने आया बड़ा मास्टर प्लान
Honda and Nissan Partnership: ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़ा धमाका होने जा रहा है. होंडा और निसान भारत में मिलकर काम करने की तैयारी में हैं. जानिए क्या है दोनों जापानी कंपनियों का मास्टर प्लान.

Honda and Nissan Partnership: भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट मारुती सुजुकी और टोयोटा एक साथ मिलकर काम करती हैं. जिससे दोनों कंपनियां की गाड़ियां इन दिनों खूब बिक रही हैं. दोनों कंपनियों की सफलता देखकर अब मार्केट में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. दुनिया की दो दिग्गज जापानी कार कंपनियां होंडा और निसान अब भारत में एक साथ मिलकर काम करने का बड़ा मास्टर प्लान बना रही हैं.
चाइनीज ऑटो कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर और इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दोनों कंपनियों ने यह कदम उठाया है. तो चलिए जानतें हैं कि, दोनों कंपनियों का मास्टर प्लान क्या है.
कॉस्ट कटिंग पर होगा फोकस
बता दें कि, भारत में किसी भी कंपनी को अपना मार्केट बनाना है तो उसे सबसे पहले अपनी कॉस्ट कटिंग पर फोकस करना होगा. होंडा और निसान दोनों ही समझती हैं कि अलग-अलग काम करने में खर्च बहुत ज्यादा आता है. इस पार्टनरशिप का मुख्य उद्देश्य भारत में बड़े पैमाने पर लोकलाइजेशन करना है.
जब दोनों कंपनियां मिलकर भारतीय वेंडर्स और सप्लायर्स से पार्ट्स खरीदेंगी तो उनकी लागत काफी कम हो जाएगी. इस रणनीति से ना सिर्फ भारत में बनने वाली कारों की कीमत कम रखने में मदद मिलेगी, बल्कि दोनों कंपनियां यहां से पार्ट्स को दुनिया के दूसरे देशों में मौजूद अपने प्लांट्स में भी एक्सपोर्ट कर सकेंगी. जिसके चलते दोनों ही कंपनी मुनाफे में रह सकती है.
यह भी पढ़ें: हादसा होने से पहले ही खुल जाएंगे Airbags, Tesla की नई टेक्नोलॉजी ने सभी को चौंकाया
भारत में बनाना होगा मार्केट
बता दें कि, मारुती सुजुकी, टोयोटा, महिंदा और टाटा के आगे निसान और होंडा का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है. निसान को जहां उसकी कॉम्पैक्ट एसयूवी मैग्नाइट से नई लाइफलाइन मिली है. वहीं होंडा अपनी मिड-साइज एसयूवी एलिवेट और सिटी के भरोसे आगे बढ़ रही है.
दोनों कंपनियों के लीडर्स ने माना है कि भारत जैसे बड़े मार्केट में टिके रहने के लिए उन्हें अपनी स्ट्रैटेजी को और ज्यादा मजबूत करना होगा. ऐसे में दोनों का एक साथ आना एक विन-विन सिचुएशन की तरह है. जिससे दोनों को ही बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी और भविष्य में भारत में मार्केट भी बढ़ सकता है.
इससे ग्राहकों को क्या होगा फायदा?
अब इस खबर के बाद सभी के दिमाग में सवाल आता है कि, इस डील से आम जनता को क्या फायदा होगा. आपको बता दें कि, आमतौर पर ऐसी बड़ी पार्टनरशिप के जमीनी नतीजे दिखने में कुछ सालों का वक्त लगता है. हालांकि इस अलायंस से ग्राहकों को सीधे तौर पर दो बड़े फायदे होंगे. पहला, आने वाले समय में होंडा और निसान की कारों में हमें एक जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी और हाइब्रिड या ईवी पावरट्रेन देखने को मिल सकते हैं.
जबकि दूसरा, पार्ट्स की कॉमन सोर्सिंग होने की वजह से गाड़ियों की सर्विसिंग और मेंटेनेंस का खर्च भी काफी हद तक कम हो जाएगा. यह मास्टर प्लान न सिर्फ इन दोनों कंपनियों का भविष्य बदलेगा, बल्कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को भी एक नई दिशा दे सकता है.
यह भी पढ़ें: किन-किन देशों में एथेनॉल से चल रहीं गाड़ियां, वहां कितना कामयाब रहा यह सिस्टम?




















