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हाईवे की खराब क्वालिटी पर सरकार सख्त, 11 अफसर हटे

Highway Collapse Action: राष्ट्रीय राजमार्गों के धंसने और घटिया निर्माण पर केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बताया कि 11 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया गया है.

Highway Collapse Action: हमारे देश में इन दिनों हाईवे को लेकर जमकर चर्चा चल रही है. क्योंकि, देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों, पुलों और फ्लाईओवरों के धंसने तथा घटिया निर्माण की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है. सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त न करने का संदेश देते हुए मंत्रालय ने बड़े पैमाने पर जवाबदेही तय की है. संसद के उच्च सदन राज्यसभा में इस मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस बड़ी सख्त कार्रवाई का पूरा ब्योरा पेश किया.

बता दें कि, सरकार की ओर से दिए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, पिछले दो सालों के दौरान बनाए गए कई हाईवे प्रोजेक्ट्स में आई खामियों के लिए जिम्मेदार 11 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है. इसके साथ ही लापरवाही और अपने कार्य में कोताही बरतने के आरोप में 11 अन्य अधिकारियों के खिलाफ कड़े अनुशासनात्मक कदम भी उठाए गए हैं. सरकार की इस बड़ी कार्रवाई से साफ हो गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के काम में भ्रष्टाचार और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आइए जानतें हैं पूरी खबर क्या है.

कई बार आ चुकीं हैं हाईवे धंसने की घटनाएं  

बता दें कि, पिछले कुछ समय से देश के अलग-अलग राज्यों से नए बने राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और पुलों के क्षतिग्रस्त होने तथा धंसने की खबरें लगातार सामने आ रही थीं. संसद में दिए गए जवाब के अनुसार, गुजरात, केरल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और मेघालय सहित कई राज्यों में कुल 19 राजमार्ग परियोजनाओं में खामियां और खराबी पाई गईं.

इनमें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास अंकलेश्वर में पुल का हिस्सा धंसने जैसी हाई-प्रोफाइल घटनाएं भी शामिल हैं. इसके अलावा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही समय बाद गड्ढे बनने की शिकायतें आई थीं. इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे जिसके आधार पर दोषी अफसरों और एजेंसियों की पहचान कर यह सख्त कदम उठाया गया है.


हाईवे की खराब क्वालिटी पर सरकार सख्त, 11 अफसर हटे

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लापरवाह ठेकेदारों पर भारी जुर्माना

आपको बता दें कि, सिर्फ सरकारी अफसरों पर ही नहीं बल्कि घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों, निर्माण कंपनियों और थर्ड-पार्टी अथॉरिटी इंजीनियर्स पर भी एक्शन लिया गया है. मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि खामियां पाए जाने पर कई एजेंसियों के ठेके रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें डिबार किया गया है और ब्लैकलिस्ट में डाला गया है. इसके साथ ही दोषी कंपनियों पर भारी वित्तीय जुर्माना भी ठोका गया है.


हाईवे की खराब क्वालिटी पर सरकार सख्त, 11 अफसर हटे

स्वतंत्र संस्थाओं कर रहीं हैं जांच 

बता दें कि, सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सरकार ने निगरानी और जांच की प्रणाली को और मजबूत कर दिया है. किसी भी दुर्घटना या संरचनात्मक खराबी की स्थिति में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की गाइडलाइंस के तहत प्रारंभिक रिपोर्ट 3 दिन में और विस्तृत अंतिम रिपोर्ट 7 दिन के भीतर सौंपना अनिवार्य कर दिया गया है.

वहीं, इसके अलावा एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों का स्वतंत्र रोड सेफ्टी ऑडिट और स्ट्रक्चरल ऑडिट आईआईटी तथा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान जैसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थाओं से कराया जा रहा है. बारिश और जलजमाव के कारण होने वाले नुकसान को रोकने के लिए वाटर ड्रेनेज सिस्टम और स्लोप प्रोटेक्शन के मानकों को भी अब पहले से ज्यादा कड़ा किया जा रहा है.

जवाबदेही तय करने का संदेश

जानकारी दें दे कि, भारत में साल 2014 के बाद से राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क तेजी से फैला है और यह नेटवर्क 91,000 किलोमीटर से बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो चुका है. इस त्वरित विस्तार के बीच गुणवत्ता बनाए रखना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है. संसद में गडकरी द्वारा दी गई इस जानकारी से स्पष्ट संदेश जाता है कि सरकार बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगी.

अधिकारियों की बर्खास्तगी और कंपनियों की डीबारिंग से पूरे निर्माण क्षेत्र में एक कड़ा संदेश गया है. आने वाले समय में नए प्रॉजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के साथ-साथ उनकी टिकाऊ क्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को डिजिटल कैमरों और रियल-टाइम ट्रैकिंग के जरिए और ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: नई Baleno-Fronx में होंगे बड़े बदलाव, जानें डिटेल

हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

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