ब्राजील में E100 पर आसानी से फर्राटा भर रहीं गाड़ियां तो भारत में इतनी दिक्कत क्यों? जानें वजह
Flex-Fuel: ब्राजील में कई सालों से पेट्रोल में बड़ी मात्रा में एथेनॉल मिलाया जा रहा है. वहां बड़ी संख्या में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां चलती हैं, जो पेट्रोल के साथ-साथ प्योर एथेनॉल पर भी चल सकती हैं.

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता और दूसरे कारणों के चलते कई देश अब एथेनॉल मिक्स फ्यूल को तेजी से अपना रहे हैं. भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और अब देशभर में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि एथेनॉल को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं. इन्हीं में से एक बड़ा सवाल यह भी है कि जब ब्राजील में 100 फीसदी एथेनॉल से गाड़ियां आसानी से चल रही हैं तो भारत में E20 फ्यूल इस्तेमाल करने से लोगों को दिक्कतों का सामना क्यों करना पड़ रहा है?
अगर एथेनॉल के उपयोग की बात करें तो ब्राजील दुनिया के सबसे सफल देशों में गिना जाता है. वहां पिछले कई सालों से पेट्रोल में बड़ी मात्रा में एथेनॉल मिलाया जा रहा है. इतना ही नहीं, वहां बड़ी संख्या में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां चलती हैं, जो सामान्य पेट्रोल के साथ-साथ बहुत ज्यादा एथेनॉल मिक्स फ्यूल या प्योर एथेनॉल पर भी चल सकती हैं. आइए जानते हैं कि ब्राजील में कैसे गाड़ियां आसानी से E100 फ्यूल पर भी चल सकती हैं?
ब्राजील में एथेनॉल फ्यूल से क्यों नहीं शिकायत?
ब्राजील ने 2003 में बड़े पैमाने पर फ्लेक्स-फ्यूल कारें लॉन्च की. इन कारों का इंजन, फ्यूल लाइन, रबर सील और इंजेक्टर को इस तरीके से तैयार किया गया कि ये गाड़ियां आसानी से नॉर्मल पेट्रोल से E100 फ्यूल पर चल सकें. कार में ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है कि कार के इंजन की सेटिंग फ्यूल के हिसाब से बदल दी जाती है. वहीं दूसरा कारण यह भी है कि वहां एथेनॉल फ्यूल पेट्रोल के मुकाबले बेहद सस्ता मिलता है और लोगों को इसकी लागत कम माइलेज के बावजूद सही पड़ती है. यही वजह है कि वहां के लोगों को प्योर एथेनॉल फ्यूल से कोई समस्या नहीं है..
क्या होता है एथेनॉल?
एथेनॉल एक तरह का बायोफ्यूल है, जिसे मुख्य रूप से गन्ना मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है. जब इसे पेट्रोल में मिलाया जाता है तो फ्यूल का यूज ज्यादा ईको-फ्रेंडली माना जाता है. पेट्रोल में एथेनॉल की जितनी मात्रा मिलाई जाती है, उसी के आधार पर उसका नाम रखा जाता है. उदाहरण के लिए E20 का मतलब है कि उसमें 20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल है. इसी तरह E85 में 85 प्रतिशत और E100 में लगभग पूरी तरह एथेनॉल का यूज होता है.
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