दिल्ली में अब इतना आसान नहीं चालान को नजरअंदाज करना, इस नए नियम से बढ़ेगी परेशानी
Delhi Traffic Challan: नए नियम का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगर कोई शख्स अपने ट्रैफिक चालान को कोर्ट में चुनौती देना चाहता है तो उसे पहले चालान राशि का 50% हिस्सा जमा करना होगा.

दिल्ली में ट्रैफिक नियमों को लेकर सरकार काफी सख्त हो गई है. बढ़ते सड़क हादसों, बार-बार नियम तोड़ने और लाखों लंबित चालानों की समस्या को देखते हुए सरकार ने ट्रैफिक चालान से जुड़े नियमों में हाल ही में बदलाव किया है. अब सिर्फ चालान कटना ही परेशानी नहीं होगा, बल्कि उसे नजरअंदाज करना भी भारी पड़ सकता है. नया सिस्टम पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है ताकि हर चालान की निगरानी हो सके और समय पर कार्रवाई की जा सके.
नए नियम का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगर कोई शख्स अपने ट्रैफिक चालान को कोर्ट में चुनौती देना चाहता है तो उसे पहले चालान राशि का 50% हिस्सा जमा करना होगा. यानी पहले पैसे जमा करने होंगे, उसके बाद ही कोर्ट में सुनवाई होगी. सरकार का मानना है कि इससे फर्जी या बेवजह की कानूनी चुनौतियां कम होंगी और लोग नियमों को गंभीरता से लेंगे.
चालान भरने के लिए क्या हैं नए नियम?
सरकार ने चालान भुगतान के लिए तय समय सीमा भी रखी है. चालान कटने के बाद शख्स के पास 45 दिन का समय होगा. इस दौरान वह या तो जुर्माना भर सकता है या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए उसे चुनौती दे सकता है. अगर 45 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की गई तो सिस्टम यह मान लेगा कि शख्स ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है. इसके बाद अगले 30 दिनों में पेमेंट करना जरूरी होगा. अगर फिर भी भुगतान नहीं किया गया, तो 15 दिन की अंतिम मोहलत दी जाएगी, जिसके बाद सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
नई व्यवस्था पूरी तरह हाई-टेक और डिजिटल होगी. अब कैमरों और ऑटोमैटिक सिस्टम की मदद से चालान जारी किए जाएंगे. ई-चालान सीधे वाहन मालिक के मोबाइल नंबर और ईमेल पर भेजा जाएगा. ऑनलाइन सूचना लगभग 3 दिन में मिल जाएगी, जबकि डाक से नोटिस पहुंचने में लगभग 15 दिन लग सकते हैं. इसलिए सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में मोबाइल नंबर और पता अपडेट रखें.
लापरवाही करने पर क्या होगा?
अगर कोई शख्स चालान भरने में लापरवाही करता है तो उसका असर सीधे वाहन से जुड़ी सेवाओं पर पड़ेगा. रोड टैक्स जमा करना, ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू करवाना, वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े काम और अन्य सरकारी सेवाएं रोकी जा सकती हैं. इतना ही नहीं वाहन को Not To Be Transacted की श्रेणी में डाल दिया जाएगा, यानी जब तक चालान नहीं भरा जाएगा, तब तक गाड़ी से जुड़ा कोई काम नहीं हो पाएगा. जरूरत पड़ने पर कोर्ट के आदेश से वाहन जब्त भी किया जा सकता है.
सरकार ने बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी सख्त रुख अपनाया है. अगर कोई व्यक्ति एक साल में 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसे गंभीर अपराधी माना जाएगा. ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है या हमेशा के लिए रद्द भी हो सकता है. इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना और लापरवाह ड्राइविंग पर रोक लगाना है.
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Source: IOCL

























