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अब पुरानी गाड़ी को EV में बदलने पर मिलेगी 50 हजार तक की सब्सिडी, जानें क्या है प्लान?
दिल्ली सरकार पुरानी पेट्रोल-डीजल कारों को EV में बदलने पर 50,000 की सब्सिडी देने की तैयारी कर रही है. इसका मकसद राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करना है. आइए पूरे प्लान के बारे में जानते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर
Source : FREEPIK
दिल्ली सरकार अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0 के तहत एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. सरकार अब उन लोगों को प्रोत्साहन देना चाहती है, जो अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को स्क्रैप करने की बजाय इलेक्ट्रिक वाहन में बदलना चाहते हैं. इस योजना के तहत पहले 1,000 वाहनों को EV में बदलने पर 50,000 तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है. इसका मकसद राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है.
अभी प्रस्ताव के स्तर पर है योजना
- दरअसल, ये योजना फिलहाल प्रस्ताव के रूप में तैयार की गई है और इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी है. मंजूरी मिलने के बाद इसे पब्लिक डोमेन में रखा जाएगा, ताकि आम लोग और दूसरे स्टेकहोल्डर्स इस पर अपनी राय दे सकें. सरकार चाहती है कि इस नीति के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर कदम बढ़ाएं और पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आए.
क्या होती है रेट्रोफिटिंग?
- रेट्रोफिटिंग का मतलब होता है किसी पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को इलेक्ट्रिक गाड़ी में बदलना. इस प्रक्रिया में कार के इंजन, फ्यूल टैंक और दूसरे हिस्सों को हटाकर उनकी जगह इलेक्ट्रिक मोटर, बैटरी और कंट्रोल सिस्टम लगाए जाते हैं. इससे गाड़ी पूरी तरह इलेक्ट्रिक बन जाती है और बिना धुआं छोड़े चलती है. इसका फायदा यह है कि लोग अपनी पुरानी गाड़ी को इस्तेमाल में रख सकते हैं और नई कार खरीदने का खर्च भी बचा सकते हैं.
रेट्रोफिटिंग पर क्यों दिया जा रहा है जोर?
- सरकार का मानना है कि रेट्रोफिटिंग एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि इससे नई गाड़ी खरीदे बिना प्रदूषण कम किया जा सकता है. हालांकि, अब तक यह प्रक्रिया काफी महंगी होने की वजह से ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो पाई है. इसी समस्या को देखते हुए दिल्ली सरकार सब्सिडी देने पर विचार कर रही है, ताकि आम लोगों के लिए यह बदलाव आसान और सस्ता हो सके.
आगे क्या है योजना?
- आने वाले समय में सरकार इस सेक्टर में रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी निवेश बढ़ा सकती है. साथ ही रेट्रोफिटिंग से जुड़े विशेषज्ञों को जोड़कर इसे सुरक्षित और मानक के मुताबिक बनाने पर काम किया जाएगा. अगर यह योजना लागू होती है, तो दिल्ली EV को अपनाने में एक नया उदाहरण पेश कर सकती है.
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Source: IOCL
























