दिल्ली फ्यूल पॉलिसी: इस शख्स ने कौड़ियों के दाम बेची Jaguar Land Rover, अब सरकार ने लिया यू-टर्न
Fuel Ban in Delhi: दिल्ली में लागू हुए फ्यूल बैन की वजह से कई गाड़ी मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. एक शख्स को 65 लाख की लैंड रोवर सिर्फ 8 लाख में बेचनी पड़ी. आइए जानते हैं.

Delhi Vehicles Fuel Policy: दिल्ली में लागू की गई पुरानी गाड़ियों पर फ्यूल बैन पॉलिसी कई वाहन मालिकों के लिए मुश्किलों का कारण बन गई थी. इस नियम के चलते एक व्यक्ति को अपनी करोड़ों की गाड़ी कबाड़ के भाव में बेचनी पड़ी. हालांकि अब दिल्ली सरकार ने ये फैसला वापस ले लिया है और इस नियम में बदलाव की बात कर रही है.
दिल्ली में नई फ्यूल पॉलिसी
दिल्ली में लागू नई फ्यूल पॉलिसी के तहत, अब 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों को “End-of-Life” (EOL) की श्रेणी में रखा गया था. इस नियम के बाद ऐसे वाहनों को न तो सड़क पर चलाने और न ही उन्हें किसी भी पेट्रोल, डीजल या CNG स्टेशन से फ्यूल देने की अनुमति थी.
दरअसल, सरकार ने यह फैसला वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से लिया था, क्योंकि पुराने वाहनों का दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब करने में लगभग 28% योगदान है.
औने-पौने दाम में बिकी करोड़ों की गाड़ियां
दिल्ली के रहने वाले नितिन गोयल को इस नीति का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने 2013 में एक जगुआर लैंड रोवर खरीदी थी जिसकी कीमत 65 लाख थी. लेकिन इस नीति के चलते उन्हें वह गाड़ी सिर्फ 8 लाख में हिमाचल प्रदेश के एक व्यक्ति को बेचनी पड़ी.
इतना ही नहीं, उनकी एक और कार-मर्सिडीज सी-क्लास 220 CDI स्पोर्ट्स लिमिटेड एडिशन, जिसकी कीमत 40 लाख थी, वह सिर्फ 4 लाख में बिक गई. नितिन गोयल का सवाल था कि जब BS4 गाड़ियां 2020 तक बेची जा सकती थीं, तो 2013 की गाड़ियां अचानक कैसे "बेकार" हो गईं?
दिल्ली सरकार ने लिखा आयोग को पत्र
इस प्रतिबंध के दो दिन बाद ही दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से इस नियम को निलंबित करने की अपील की. दिल्ली के पंपों को निर्देश दिया गया था कि वे 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को फ्यूल न दें. इस आदेश पर जनता के भारी विरोध के बाद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह प्रतिबंध व्यवहारिक नहीं है और इसके तकनीकी लागू होने में समस्याएं आ रही हैं. उन्होंने कहा कि जनता इस नियम से नाखुश है और सरकार उनके साथ खड़ी है.
जब्त गाड़ियां कैसे पाएं वापस?
बता दें कि 1 जुलाई 2025 से यह फ्यूल प्रतिबंध लागू हुआ, जिसके बाद 60 से अधिक दोपहिया और एक दर्जन चार-पहिया वाहन जब्त किए गए. अगर आपकी गाड़ी जब्त हो गई है, तो उसे वापस पाने के लिए आपको तीन काम करने होंगे- पहला हलफनामा देना होगा कि गाड़ी को दिल्ली से बाहर किसी अन्य राज्य में ले जाया जाएगा. दूसरा -10,000 का चालान जमा करना होगा. साथ ही परिवहन विभाग की ओर से जब्ती पर हुआ खर्च भी मालिक को चुकाना होगा.
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Source: IOCL






















