एक्सप्लोरर

ग्रीन कार या सिर्फ भ्रम? Plug-in Hybrid वाहनों पर ICCT की रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Plug-in Hybrid Cars: ICCT की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Plug-in Hybrid वाहन वास्तविक परिस्थितियों में आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में पांच गुना तक ज्यादा CO2 उत्सर्जन कर सकते हैं.

Plug-in Hybrid Cars: पिछले कुछ वर्षों में Plug-in Hybrid Electric Vehicles यानी PHEV को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में काफी बढ़ावा मिला है. इन वाहनों में इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल इंजन दोनों का इस्तेमाल होता है, जिससे कम ईंधन खपत और कम उत्सर्जन का दावा किया जाता है. कई देशों में इन्हें ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया है. लेकिन अब एक नई रिपोर्ट ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 

इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन यानी ICCT द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है कि वास्तविक उपयोग के दौरान Plug-in Hybrid वाहन आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में कहीं अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित कर सकते हैं. रिपोर्ट सामने आने के बाद ऑटो इंडस्ट्री और पर्यावरण विशेषज्ञों के बीच नई बहस शुरू हो गई है. इससे भविष्य की वाहन नीतियों और ग्रीन मोबिलिटी रणनीतियों पर भी असर पड़ सकता है.

वास्तविक दुनिया में क्यों बढ़ जाता है उत्सर्जन?

ICCT के अध्ययन के अनुसार Plug-in Hybrid वाहनों का वास्तविक CO2 उत्सर्जन आधिकारिक परीक्षण आंकड़ों से औसतन पांच गुना तक ज्यादा पाया गया. रिपोर्ट में बताया गया कि कई वाहन मालिक अपनी कारों को नियमित रूप से चार्ज नहीं करते, जिसके कारण वाहन ज्यादा समय तक पेट्रोल इंजन पर निर्भर रहते हैं. आधिकारिक परीक्षण आमतौर पर आदर्श परिस्थितियों में किए जाते हैं, जहां बैटरी पूरी तरह चार्ज होती है और इलेक्ट्रिक मोड का अधिक उपयोग होता है. 

लेकिन रोजमर्रा की ड्राइविंग में तस्वीर अलग हो सकती है. यदि बैटरी चार्ज न हो तो PHEV एक सामान्य पेट्रोल वाहन की तरह व्यवहार करता है और उत्सर्जन बढ़ जाता है. अध्ययन में यह भी संकेत दिया गया कि कंपनी द्वारा बताए गए उत्सर्जन आंकड़े और वास्तविक सड़क उपयोग के परिणामों के बीच बड़ा अंतर मौजूद है. यही कारण है कि इन वाहनों की पर्यावरणीय उपयोगिता पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है.

यह भी पढ़ें: एक ही गुच्छे में कई चाबियां रखना कार के लिए पड़ सकता है महंगा, वजह जानिए

क्या Plug-in Hybrid का भविष्य खतरे में है?

रिपोर्ट के सामने आने के बाद कई विशेषज्ञों का मानना है कि Plug-in Hybrid तकनीक पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसकी सफलता काफी हद तक उपयोग के तरीके पर निर्भर करती है. यदि वाहन मालिक नियमित रूप से बैटरी चार्ज करते हैं और अधिकतम दूरी इलेक्ट्रिक मोड में तय करते हैं, तो उत्सर्जन को काफी कम किया जा सकता है. दूसरी तरफ कई नीति निर्माता अब शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा प्रभावी समाधान मान रहे हैं. 

यूरोप समेत कई बाजारों में PHEV को मिलने वाली प्रोत्साहन योजनाओं की समीक्षा भी की जा रही है. ऑटो कंपनियां भी अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए पूरी तरह इलेक्ट्रिक मॉडलों पर अधिक निवेश कर रही हैं. ICCT की यह रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण संकेत देती है कि केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि उसका वास्तविक उपयोग भी पर्यावरणीय प्रभाव तय करता है. आने वाले समय में ग्रीन मोबिलिटी की बहस में यह मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

यह भी पढ़ें: कार में नहीं है टचस्क्रीन? आपका स्मार्टफोन ही कर देगा सारा काम, जानिए आसान तरीका

हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

ग्रीन कार या सिर्फ भ्रम? Plug-in Hybrid वाहनों पर ICCT की रिपोर्ट से मचा हड़कंप
ग्रीन कार या सिर्फ भ्रम? Plug-in Hybrid वाहनों पर ICCT की रिपोर्ट से मचा हड़कंप
किन सड़कों पर कटता है आपका सबसे महंगा चालान? सफऱ करने से पहले जान लीजिए ये डिटेल्स
किन सड़कों पर कटता है आपका सबसे महंगा चालान? सफऱ करने से पहले जान लीजिए ये डिटेल्स
एक ही गुच्छे में कई चाबियां रखना कार के लिए पड़ सकता है महंगा, वजह जानिए
एक ही गुच्छे में कई चाबियां रखना कार के लिए पड़ सकता है महंगा, वजह जानिए
कैसे बुक कर सकते हैं 8 रुपये KM वाली प्रीमियम कैब सर्विस? अभी राइड पर मिल रही 50 परसेंट छूट
कैसे बुक कर सकते हैं 8 रुपये KM वाली प्रीमियम कैब सर्विस? अभी मिल रही 50 परसेंट छूट
Advertisement

वीडियोज

Khan Sir Controversy: खान सर के सरेंडर से पहले कोचिंग के बाहर हाई अलर्ट | Patna Coaching Firing
US Iran War Updates: Trump का बदलता मूड..युद्ध में लाएगा शांति? | Hormuz | Breaking | Latest News
Khan Sir Controversy: आज कोर्ट में सरेंडर करेंगे खान सर? | Patna Coaching Firing
Khan Sir Controversy: खान सर की होने वाली है गिरफ्तारी? | Patna Coaching Firing | Breaking | Bihar
US Iran War Updates: Hormuz पर बड़ी कार्रवाई के बाद Trump का बयान | Khamenei | Breaking |Latest News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पुतिन ने भारत को फिर दिया 5वीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट का ऑफर, प्रतिबंधों की धमकी पर अमेरिका-यूरोप को जमकर सुनाया
पुतिन ने भारत को फिर दिया 5वीं पीढ़ी के Su-57 का ऑफर, प्रतिबंधों की धमकी पर US-यूरोप को सुनाया
CJP Protest: 'यह अच्छी बात है कि...', कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर संजय राउत का बड़ा बयान
'यह अच्छी बात है कि...', कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर संजय राउत का बड़ा बयान
Explained: सड़कों, चौराहों, शहरों और अब यूनिवर्सिटी का नेम चेंज! बीजेपी को आखिर नाम बदलने से हासिल क्या होता है?
चौराहों, शहरों और अब यूनिवर्सिटी का नेम चेंज! बीजेपी को आखिर नाम बदलने से हासिल क्या होता है?
सिर्फ वैभव सूर्यवंशी नहीं, भारत की टी20 टीम में इस खिलाड़ी को भी पहली बार मिली जगह
सिर्फ वैभव सूर्यवंशी नहीं, भारत की टी20 टीम में इस खिलाड़ी को भी पहली बार मिली जगह
झूठे आरोपों का कबूलनामा कर बुरी फंसी शिल्पा शिंदे, अब होगी कार्रवाई? AICWA ने महाराष्ट्र के सीएम से कर दी है अपील
झूठे आरोपों के खिलाफ शिल्पा शिंदे पर अब होगी कार्रवाई? एआईसीडब्ल्यूए ने की ये तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बवाल, हिट लेकर पहुंचा शख्स, कहा- 'भारत को नेपाल-बांग्लादेश बनाने वालों...'
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बवाल, हिट लेकर पहुंचा शख्स, कहा- 'भारत को नेपाल-बांग्लादेश बनाने वालों...'
इंदौर में स्ट्रीट डॉग का आतंक, डॉक्टर-नर्स समेत 42 लोगों को काटा; कुत्ते की तलाश में नगर निगम
इंदौर में स्ट्रीट डॉग का आतंक, डॉक्टर-नर्स समेत 42 लोगों को काटा; कुत्ते की तलाश में नगर निगम
Best Drinks for Liver Health: फैटी लिवर में बड़े काम की हैं ये पांच ड्रिंक, पीते ही जिगर को मिलेगी जोरदार ठंडक
फैटी लिवर में बड़े काम की हैं ये पांच ड्रिंक, पीते ही जिगर को मिलेगी जोरदार ठंडक
Embed widget