(Source: ECI/ABP News)
क्या शो-बाजी के चक्कर में आपने भी लगवा लिए ओवरसाइज टायर, जानें कार के लिए यह कितना खतरनाक?
कार के लिए कंपनी की ओर से तय किए गए टायर साइज को ध्यान में रखकर ही उसका डिजाइन और बैलेंस बनाया जाता है. ऐसे में जब ओवर साइज टायर लगाए जाते हैं तो गाड़ी की हैंडलिंग और स्टेबिलिटी बदल जाती है.

आजकल कार को अलग और दमदार लुक देने के लिए लोग आफ्टरमार्केट या ओवरसाइज टायर लगवाना पसंद करते हैं. हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण भारत तक यही ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जहां लोग चौड़े और बड़े टायर लगाकर अपनी गाड़ी को आकर्षक बनाते हैं. दिखावे के इस शौक के पीछे कई ऐसे नुकसान छुपे होते हैं, जो न सिर्फ गाड़ी की परफॉर्मेंस पर असर डालते हैं. बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप भी शो-बाजी के चक्कर में ओवरसाइज टायर लगवाते हैं, तो यह आपकी कार के लिए कितना खतरनाक हो सकता है.
हैंडलिंग और स्टेबिलिटी पर पड़ता है असर
कार के लिए कंपनी की ओर से तय किए गए टायर साइज को ध्यान में रखकर ही उसका डिजाइन और बैलेंस बनाया जाता है. ऐसे में जब ओवर साइज टायर लगाए जाते हैं तो गाड़ी की हैंडलिंग और स्टेबिलिटी बदल जाती है. खासकर हाई स्पीड या गीली सड़कों पर गाड़ी को कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा गलत साइज या कम ग्रीप वाले टायरों के कारण ब्रेक लगाने पर गाड़ी को रुकने में ज्यादा समय लग सकता है. यह कंडीशन अचानक ब्रेक लगाने के समय खतरनाक साबित हो सकती है और हादसों का कारण बन सकती है.
माइलेज पर पड़ता है सीधा असर
बड़े और छोटे टायरों से गाड़ी को चलाने में ज्यादा ताकत लगती है, जिससे इंजन पर लोड बढ़ता है. इसका सीधा असर फ्यूल का पर पड़ता है और माइलेज कम हो जाता है. इसके साथ ही ऐसे टायर जल्दी घिसते भी है, जिससे उनकी लाइफ भी कम हो जाती है. वहीं ओवर साइज टायर गाड़ी के सस्पेंशन पर भी एक्स्ट्रा दबाव डालते हैं. इससे सस्पेंशन पार्ट्स जल्दी खराब हो सकते हैं और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ जाता है.
स्पीडोमीटर और परफॉर्मेंस में भी हो सकती है गड़बड़ी
टायर का साइज बदलने से गाड़ी की स्पीडोमीटर और ऑडोमीटर की रीडिंग भी गलत हो सकती है. इससे आप असली स्पीड का अंदाजा लगा नहीं पाते, जो ट्रैफिक नियम के लिहाज से भी समस्या बन सकता है. वहीं गाड़ी में तय मानकों से अलग टायर लगाने को कई मामलों में अवैध भी माना जाता है. इससे न सिर्फ चालान कट सकता है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में इंश्योरेंस क्लेम भी प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा कई कंपनियां ऐसे बदलाव पर गाड़ी की वारंटी भी खत्म कर देती है.
गाड़ी में ओवर साइज टायर लगाना कब हो सकता है सही?
अगर आप अपनी गाड़ी में ऑफ- रोडिंग या हाई परफॉर्मेंस जरूरतों के लिए आफ्टरमार्केट टायर का इस्तेमाल करते हैं तो ओवर साइज टायर लगवा सकते हैं. लेकिन इसके लिए भी एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी होता है, जिससे गाड़ी की सुरक्षा और संतुलन बना रहे. वहीं गाड़ी के टायर बदलने से पहले आपको कंपनी के निर्देशों को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है.
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