डॉ. उलूपी बोराह सीनियर फेलो, सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज
डॉ. उलूपी बोराह सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज (CENJOWS) में एक 'डिस्टिंग्विश्ड फेलो' (Distinguished Fellow) हैं. CENJOWS भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधीन तीनों सेनाओं (थल, जल और नभ) के संयुक्त रणनीतिक मामलों पर काम करने वाला एक शीर्ष थिंक-टैंक है. उन्होंने भारत के इस प्रतिष्ठित संस्थान से अपनी शिक्षा पूरी की है, जो अपनी उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय शोध संस्कृति के लिए जाना जाता है. जापान के इस प्रमुख विश्वविद्यालय से जुड़ने के कारण उन्हें पूर्वी एशिया की राजनीति और सुरक्षा का जमीनी व व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ है. उनकी वर्तमान भू-राजनीति में सबसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र की हलचलों पर उनकी गहरी पकड़ है, साथ ही, क्वाड (QUAD) के संदर्भ में और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच जापान की रक्षा रणनीतियों का आकलन उनका मुख्य क्षेत्र है. समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक नौसैनिक संतुलन पर उनका विशेष ध्यान रहता है. आज के दौर में सेमीकंडक्टर केवल एक तकनीकी पुर्जा नहीं, बल्कि एक बड़ा भू-राजनीतिक हथियार बन चुका है. डॉ. बोराह तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा के इसी अंतर्संबंध (Tech-Geopolitics) पर विशेषज्ञता रखती हैं.