इस तरह से सोएंगे तो कभी नहीं होगी स्लिप डिस्क की दिक्कत- जान लें सही तरीका
गलत पोस्चर में सोने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, जो स्लिप डिस्क की वजह बनता है. पीठ के बल या करवट लेकर तकिए के सही इस्तेमाल से सोने का तरीका रीढ़ को सुरक्षित और दर्द मुक्त रखता है.

आजकल कम उम्र में ही कमर दर्द और स्लिप डिस्क की शिकायत आम होती जा रही है, और इसकी एक बड़ी वजह गलत तरीके से सोना भी है. दिनभर की थकान के बाद रात की नींद शरीर को आराम देने के लिए होती है, लेकिन अगर सोने का तरीका सही न हो, तो यही नींद रीढ़ की हड्डी पर उल्टा असर डाल सकती है. स्लिप डिस्क की समस्या तब होती है जब रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद जैली जैसा डिस्क अपनी जगह से खिसक जाता है और नसों पर दबाव डालने लगता है. सही सोने का तरीका अपनाकर इस दिक्कत के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
पीठ के बल सोते समय रखें यह सावधानी
अगर पीठ के बल सोने की आदत है, तो घुटनों के नीचे एक पतला तकिया रखना फायदेमंद रहता है. इससे कमर का प्राकृतिक कर्व बना रहता है और रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम पड़ता है। बहुत नरम गद्दे पर पीठ के बल सोने से कमर का हिस्सा नीचे की तरफ धंस जाता है, जिससे डिस्क पर दबाव बढ़ सकता है. इसलिए ऐसा गद्दा चुनना चाहिए जो न बहुत सख्त हो और न बहुत मुलायम, ताकि रीढ़ अपनी सामान्य स्थिति में बनी रहे.
करवट लेकर सोने का सही तरीका
करवट लेकर सोना कमर के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इसमें भी एक जरूरी बात का ध्यान रखना पड़ता है. दोनों घुटनों के बीच एक तकिया रखने से कूल्हे और रीढ़ की हड्डी एक सीध में रहते हैं, जिससे कमर पर मरोड़ नहीं पड़ता. बिना तकिए के करवट लेकर सोने पर ऊपर वाला पैर नीचे की तरफ खिंच जाता है, जिससे रीढ़ में हल्का ट्विस्ट आ जाता है और यही आदत लंबे समय में स्लिप डिस्क का कारण बन सकती है. समय-समय पर करवट बदलते रहना भी जरूरी है, ताकि शरीर के एक तरफ ज्यादा दबाव न बने.
पेट के बल सोने से बचना ही बेहतर
पेट के बल सोना कमर के लिए सबसे कम फायदेमंद पोजीशन मानी जाती है, क्योंकि इसमें गर्दन को एक तरफ मोड़कर रखना पड़ता है और कमर के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ जाता है. अगर किसी को यह पोजीशन ज्यादा आरामदायक लगती है, तो पेट के नीचे एक पतला तकिया रखने से कमर पर पड़ने वाला दबाव थोड़ा कम किया जा सकता है. हालांकि जिन लोगों को पहले से कमर दर्द की शिकायत रहती है, उन्हें यह पोजीशन पूरी तरह अवॉइड करने की सलाह दी जाती है.
यह भी पढ़ें: शराब पीने के बाद उपद्रव क्यों करने लगते हैं लोग? जान लें वजह
तकिए की ऊंचाई का भी रखें ध्यान
सिर्फ सोने की पोजीशन ही नहीं, बल्कि तकिए की ऊंचाई भी रीढ़ की सेहत में बड़ी भूमिका निभाती है. बहुत ऊंचा या बहुत सपाट तकिया गर्दन और कमर के बीच तालमेल बिगाड़ सकता है. पीठ के बल सोने वालों को पतला तकिया और करवट लेकर सोने वालों को थोड़ा मोटा तकिया इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि गर्दन और रीढ़ एक सीध में बनी रहे. सही तकिया चुनने से नींद के दौरान गर्दन में अकड़न और कमर दर्द दोनों की समस्या कम हो जाती है.
यह भी पढ़ें: कपड़ों पर पड़ जाता है परफ्यूम का दाग? जानें लगाने का सही तरीका



















