12 अगस्त की रात 100 टूटते तारे, लेकिन मानसून बनेगा दीवार! जानें दिल्ली, मुंबई समेत आपके शहर में दिखेगी या नहीं ‘तारों की बारिश’
Surya Grahan 2026: 12 अगस्त की रात आसमान से 100 टूटते तारों की बारिश हो सकती है. लेकिन दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत कई शहरों में मानसून इस दुर्लभ नजारे पर पर्दा डाल सकता है.

Surya Grahan 2026: 12 अगस्त की रात सूर्य ग्रहण के बाद आसमान में एक और बड़ा नजारा दिखाई देगा. अगर मौसम ने साथ दिया तो रात के अंधेरे में हर कुछ मिनट बाद एक चमकती लकीर नजर आ सकती है. यह रोशनी कुछ सेकंड में गायब हो जाएगी.
इन्हें आम बोलचाल में टूटते तारे कहा जाता है. वास्तव में ये तारे नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से आने वाले बेहद छोटे कण होते हैं. पृथ्वी के वायुमंडल से टकराते ही ये जल उठते हैं. इसी घटना को Perseid Meteor Shower यानी पर्सिड उल्का वर्षा कहा जाता है.
2026 में इसका नजारा खास हो सकता है. 12 अगस्त को अमावस्या रहेगी. आसमान में चंद्रमा की रोशनी नहीं होगी. अंधेरा अधिक होने से कमजोर उल्काएं भी दिखाई दे सकती हैं. लेकिन भारत में मानसून इस अद्भुत नजारे और लोगों के बीच सबसे बड़ी दीवार बन सकता है.
क्या सच में एक घंटे में 100 टूटते तारे दिखेंगे?
Perseid Meteor Shower के दौरान आदर्श परिस्थिति में प्रति घंटे करीब 100 उल्काएं दिखाई दे सकती हैं. अमेरिकन मेटियोर सोसायटी ने 2026 के लिए इसकी अधिकतम दर 100 उल्का प्रति घंटे बताई है. उस रात चंद्रमा शून्य प्रतिशत प्रकाशित होगा. इससे देखने की परिस्थितियां सामान्य वर्षों के मुकाबले बेहतर रहेंगी.
इसका अर्थ यह नहीं कि शहर की छत से हर व्यक्ति को 100 टूटते तारे दिखाई देंगे. यह संख्या बिल्कुल साफ आसमान, अंधेरी जगह और प्रकाश प्रदूषण न होने की स्थिति के लिए है.
शहरों में स्ट्रीट लाइट, ऊंची इमारतें, धूल और बादल इनकी संख्या घटा सकते हैं. महानगर में किसी व्यक्ति को घंटेभर में केवल 5 से 15 उल्काएं भी दिखाई दे सकती हैं. घने बादल रहे तो एक भी उल्का नजर नहीं आएगी.
भारत में किस समय देखें तारों की बारिश?
उल्का वर्षा 12 अगस्त की देर रात से 13 अगस्त की सुबह तक सबसे अच्छी देखी जा सकती है. भारत में रात करीब 11 बजे के बाद आसमान देखना शुरू करें. बेहतर अवसर 13 अगस्त की रात 2 बजे से सुबह 4:30 बजे के बीच मिल सकता है.
इस समय Perseus तारामंडल उत्तर-पूर्वी आसमान में ऊपर आ जाएगा. हालांकि केवल उसी दिशा में देखने की जरूरत नहीं है. उल्काएं पूरे आसमान में कहीं भी दिखाई दे सकती हैं.
NASA के अनुसार Perseid Meteor Shower 12 अगस्त की शाम से 13 अगस्त की सुबह तक अपने चरम के आसपास रहेगा. अमावस्या के कारण आसमान भी स्वाभाविक रूप से अधिक अंधेरा होगा. यही स्थिति इस साल की उल्का वर्षा को विशेष बना रही है.
दिल्ली-NCR: बादलों के बीच मिल सकता है मौका
दिल्ली में 12 अगस्त को दिन के समय आंशिक धूप और गर्म मौसम का अनुमान है. हालांकि क्षेत्र में बारिश और बादलों की आवाजाही बनी हुई है. इसलिए रात में आसमान पूरी तरह साफ रहने की गारंटी नहीं है.
यदि देर रात बादल छंटते हैं तो दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों में उल्काएं दिखाई दे सकती हैं. इसके लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से दूर अंधेरी जगह, गुरुग्राम की बाहरी सीमा या हरियाणा की ओर खुला क्षेत्र बेहतर हो सकता है. मुख्य दिल्ली में प्रकाश प्रदूषण के कारण नजारा कमजोर रहेगा.
दिखने की संभावना: मध्यम है, लेकिन बादलों पर निर्भर रहेगी.
मुंबई: बारिश और घने बादल बिगाड़ सकते हैं नजारा
मुंबई में 12 अगस्त को बादल, तेज हवा और हल्की बारिश का पूर्वानुमान है. 13 अगस्त की सुबह भी आसमान ज्यादातर बादलों से ढका रह सकता है. ऐसे में उल्का वर्षा दिखाई देने की संभावना काफी कम है.
समुद्र किनारे खुला आसमान जरूर मिलता है, लेकिन बादल हटे बिना इसका फायदा नहीं होगा. बादलों में थोड़ी देर के लिए अंतराल बनता है तो कुछ चमकीली उल्काएं नजर आ सकती हैं.
दिखने की संभावना: बहुत कम.
कोलकाता: भारी बारिश बन सकती है सबसे बड़ी बाधा
कोलकाता में 12 अगस्त को बादल और लगातार बारिश का अनुमान है. कुछ समय तेज बारिश भी हो सकती है. 13 अगस्त को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
घने मानसूनी बादलों के कारण यहां आसमान देखने का अवसर मिलना मुश्किल है. उल्का वर्षा आकाश में होगी, लेकिन जमीन से नजर नहीं आएगी.
दिखने की संभावना: बेहद कम.
बेंगलुरु: आधी रात के बाद बादल हटे तो बनेगी बात
बेंगलुरु में 12 अगस्त को बादल छाए रहने और कुछ हिस्सों में बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने का अनुमान है. दिन की बारिश थमने के बाद देर रात बादलों में अंतराल बन सकता है.
शहर के भीतर रोशनी अधिक है. नंदी हिल्स और बाहरी क्षेत्रों की ओर खुली व अंधेरी जगह बेहतर हो सकती है, लेकिन बारिश या बिजली चमकने की स्थिति में बाहर जाने का जोखिम न लें.
दिखने की संभावना: कम से मध्यम.
चेन्नई: बादलों के बीच चमकीली उल्का दिख सकती है
चेन्नई में 12 अगस्त को अधिकांश समय बादल रहने और दोपहर में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश का अनुमान है. यदि देर रात बादल कमजोर पड़े तो समुद्र की ओर खुले आसमान में कुछ उल्काएं दिखाई दे सकती हैं.
शहर की रोशनी से दूर जाना जरूरी होगा. मरीना बीच जैसे रोशन इलाके के बजाय बाहरी और सुरक्षित अंधेरा क्षेत्र अधिक उपयोगी रहेगा.
दिखने की संभावना: कम से मध्यम.
जयपुर और अहमदाबाद: खुला मैदान मिलेगा, साफ आसमान नहीं
जयपुर में बादल और हल्की बारिश का अनुमान है. बिजली और गरज की चेतावनी भी दी गई है. अहमदाबाद में सुबह बारिश के बाद अधिकांश समय आसमान बादलों से घिरा रह सकता है.
दोनों शहरों के बाहरी इलाके प्रकाश प्रदूषण से बचा सकते हैं. इसके बावजूद वास्तविक दृश्यता बादलों पर निर्भर रहेगी.
जयपुर में संभावना: कम.
अहमदाबाद में संभावना: कम.
क्या मोबाइल से खींच सकते हैं टूटते तारे?
मोबाइल को ट्राइपॉड पर स्थिर रखें. कैमरे में Night या Pro Mode चुनें. Exposure 10 से 20 सेकंड रखा जा सकता है. फ्लैश बंद करें और डिजिटल जूम का प्रयोग न करें.
आंखों को अंधेरे के अनुकूल होने में करीब 20 से 30 मिनट दें. बार-बार मोबाइल स्क्रीन देखने से बचें. उल्काएं देखने के लिए दूरबीन की जरूरत नहीं है. खुली आंखों से आसमान का बड़ा हिस्सा देखना अधिक उपयोगी है.
सबसे जरूरी बात मौसम है. 12 अगस्त की रात निकलने से पहले अपने शहर का ताजा पूर्वानुमान जरूर देखें. बारिश, गरज या बिजली की चेतावनी हो तो खुले मैदान और पहाड़ी स्थान पर न जाएं. तारों की यह बारिश दोबारा भी आएगी, लेकिन खराब मौसम में जोखिम उठाना समझदारी नहीं है.
यह भी पढ़ें- मोबाइल पर लाइव सूर्य ग्रहण देखा तो क्या लगेगा दोष? 12 अगस्त से पहले जान लें शास्त्र का नियम
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
















