एक्सप्लोरर

Jyeshta Month 2022 : ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष आज से शुरू, इन 5 कामों को भूलकर भी न करें, नाराज हो सकती हैं लक्ष्मी जी

Lakshmi Puja In Jyeshta Month 2022 : 31 मई से ज्येष्ठ यानि जेठ मास का शुक्ल पक्ष आरंभ हो चुका है. ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में इन कामों को नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि इससे लक्ष्मी जी नाराज हो जाती हैं.

Jyeshta Month 2022 shukla paksha :  ज्येष्ठ मास भगवान विष्णु का प्रिय मास मे से एक है. ज्येष्ठ शुक्ल के बारे में शास्त्रों में भी बताया गया है. आज से यानि 31 मई 2022, मंगलवार से ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष आरंभ हो चुका है. ज्येष्ठ शुक्ल में लक्ष्मी जी का आशीर्वाद कैसे पाएं और किन कामों को नहीं करना चाहिए, आइए जानते हैं.

ज्येष्ठ मास कब समाप्त हो रहा है? (Jyeshta Month 2022 Start and End Date)
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास 17 मई 2022 को आरंभ हुआ था. ज्येष्ठ मास का समापन 14 जून 2022 को होगा. आज से ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष आरंभ हो चुका है.

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष (31 मई से 14 जून 2022) के प्रमुख व्रत और त्योहार (Hindu Calendar Jyeshta 2022)

  1. 03 जून, शुक्रवार: विनायक चतुर्थी (Vinayaka Chaturthi 2022)
  2. 07 जुलाई, गुरुवार: मासिक दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami 2022)
  3. 09 जून, गुरुवार: गंगा दशहरा (Ganga Dussehra 2022 Date)
  4. 10 जून, शुक्रवार: निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2022)
  5. 12 जून, रविवार: प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2022)
  6. 14 जून, मंगलवार: ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत, वट पूर्णिमा व्रत (Vat Purnima 2022)

ज्येष्ठ मास में लक्ष्मी जी की पूजा का महत्व (Lakshmi Puja 2022)
ज्येष्ठ मास में लक्ष्मी जी की पूजा का विशेष महत्व है. शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले शुक्रवार के दिन लक्ष्मी जी की विधि पूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. जिन लोगों के जीवन में धन संबंधी कोई भी परेशानी है. उन्हें ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में लक्ष्मी जी की पूजा करने से उत्तम फल प्राप्त होता है. इस बार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी जिसे निर्जला एकादशी कहा जाता है, वो शुक्रवार के दिन पड़ रही है. इस एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है. सभी एकादशी व्रतों में इसे सबसे कठिन माना गया है. इस व्रत को नियम पूर्वक करने से भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

लक्ष्मी जी हो जाती हैं नाराज
ज्येष्ठ मास में लक्ष्मी जी यदि आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो इन 5 कामों को भूलकर भी न करें, इससे लक्ष्मी जी छोड़कर चली जाती हैं-

  1. स्वच्छता (Cleanliness)- लक्ष्मी जी को स्वच्छता अधिक प्रिय है. इसलिए गदंगी से दूर रहें. घर को स्वच्छ रखें. स्वच्छ वस्त्र धारण करें. घर मे मकड़ी का जाले नहीं होने चाहिए.
  2. अन्न का आदर करें (Respect the food)- लक्ष्मी जी उस व्यक्ति को अपना आशीर्वाद नहीं देती हैं जो अन्न और जल का आदर नहीं करते हैं. भोजन करते समय अन्न को नहीं छोड़ना चाहिए. जल का महत्व समझना चाहिए. ज्येष्ठ मास में जल का दान करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं.
  3. लोभ (Do Not Covet)- लक्ष्मी जी को लोभ करने वाले लोग पसंद नहीं हैं. जो लोग दूसरों के धन का लोभ करते हैं, उन्हें लक्ष्मी जी छोड़कर चली जाती हैं.
  4. क्रोध और अहंकार (Anger and Arrogance)- लक्ष्मी जी को क्रोध और अहंकार करने वाले लोग कतई पसंद नहीं है. ऐसे लोगों को लक्ष्मी जी बहुत जल्दी छोड़कर चली जाती हैं.
  5. आलस (Laziness)- आलसी व्यक्तियों को लक्ष्मी जी अपना आशीर्वाद नहीं देती हैं. इसलिए आलस का त्याग करना चाहिए. अनुशासन का पालन और परिश्रम करने वालों को लक्ष्मी जी की विशेष कृपा रहती है.

Disclaimer : यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Weekly Horoscope : इन 6 राशियों के लिए आने वाले 7 दिन होने जा रहे हैं बहुत ही विशेष, जानें साप्ताहिक राशिफल

Weekly Horoscope : तुला, वृश्चिक, धनु और इन राशियों को इस सप्ताह देना होगा ध्यान, नहीं तो हो सकता है नुकसान

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Aaj ka Love Rashifal 28 May 2026: क्यों तुला राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा बेहद रोमांटिक और रिश्तों में आएगी नई मिठास?
क्यों तुला राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा बेहद रोमांटिक और रिश्तों में आएगी नई मिठास?
Success Tips: संतान की तरक्की और सफलता के लिए करें यह चमत्कारी उपाय, दूर होगी नकारात्मकता और बढ़ेगा आत्मविश्वास
संतान की तरक्की और सफलता के लिए करें यह चमत्कारी उपाय, दूर होगी नकारात्मकता और बढ़ेगा आत्मविश्वास
Rashifal 28 May 2026: किन राशियों को मिलेगा भगवान शंकर का आशीर्वाद? पढ़ें मेष से मीन का दैनिक राशिफल
गुरुवार को बन रहा है प्रदोष व्रत का शुभ संयोग! इन 3 राशियों पर मेहरबान होंगे भोलेनाथ, जानें मेष से मीन का दैनिक राशिफल
जून 2026 में किसकी नौकरी सुरक्षित और कौन रहेगा खतरे में? ग्रहों से समझें
जून 2026 का ग्रह गोचर: क्या AI और Layoff बदल देंगे भारत की Corporate दुनिया?

वीडियोज

Bollywood News: रामचरण की ‘पेड्डी’ के प्रमोशन में बवाल, भोपाल से बेंगलुरु तक हाई वोल्टेज ड्रामा (27.05.26)
Jackie Shroff ने बताया ‘Bhidu’ का असली मतलब, पर्यावरण और पेड़ लगाने को लेकर की खास अपील
Bakrid 2026: Varanasi में नगर निगम का बड़ा एक्शन, बंद कराई बकरा मंडी | Qurbani Controversy |Breaking
Honda City facelift 2026 HEV hybrid first look | #honda #hondacity #autolive
The Most Affordable Chetak | #chetak #bajajchetak #affordable #autolive

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
जन सुराज के चीफ प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, 'नीतीश कुमार जब कमजोर पड़े तो...'
जन सुराज के चीफ प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, 'नीतीश कुमार जब कमजोर पड़े तो...'
वॉर और डील पर ईरान की मीडिया के दावों से भड़का व्हाइट हाउस, कहा- सब झूठी और मनगढ़ंत कहानियां
वॉर और डील पर ईरान की मीडिया के दावों से भड़का व्हाइट हाउस, कहा- सब झूठी और मनगढ़ंत कहानियां
UCC पर हिमंत का कांग्रेस पर बड़ा हमला, ओवैसी बोले- मुसलमानों पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश; असम विधानसभा से बिल पास
असम में UCC बिल पास: बहुविवाह पर रोक, लिव-इन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, ओवैसी बोले मुसलमानों पर...
नीट पेपर लीक विवाद पर कमेंट की वजह से विशाल ददलानी को इंडियन आइडल से निकाला गया? कंपोजर ने किया रिएक्ट
नीट पेपर लीक विवाद पर कमेंट की वजह से विशाल ददलानी को इंडियन आइडल से निकाला गया?
अब मार्च से मई के बीच नहीं खेला जाएगा IPL? BCCI इन महीनों में शिफ्ट करने का बना रही प्लान
अब मार्च से मई के बीच नहीं खेला जाएगा IPL? BCCI इन महीनों में शिफ्ट करने का बना रही प्लान
मोदी कैबिनेट का राशन को लेकर बड़ा फैसला, 80 करोड़ लोगों पर पड़ेगा सीधा असर  
मोदी कैबिनेट का राशन को लेकर बड़ा फैसला, 80 करोड़ लोगों पर पड़ेगा सीधा असर  
बहू को ससुराल में 'एडजस्ट' करने की सलाह देना क्रूरता नहीं, आपसी रंजिश के लिए कानून का दुरुपयोग गलत : सुप्रीम कोर्ट
बहू को ससुराल में 'एडजस्ट' करने की सलाह देना क्रूरता नहीं, आपसी रंजिश के लिए कानून का दुरुपयोग गलत : सुप्रीम कोर्ट
Heatwave Health Risks: हीटवेव से ब्रेन और किडनी पर हो रहा असर, गर्मी के इन खतरनाक लक्षणों को कतई न करें इग्नोर
हीटवेव से ब्रेन और किडनी पर हो रहा असर, गर्मी के इन खतरनाक लक्षणों को कतई न करें इग्नोर
Embed widget