किस मुहूर्त में सीएम का शपथ लेना डीके शिवकुमार के लिए रहेगा बेहतर? करीबी ज्योतिषी ने किया अलर्ट
DK Shivakumar Swearing in ceremony Date: बेंगलुरु के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डीके शिवकुमार के सीएम पद की शपथ ग्रहण के लिए 5 जून को सबसे शुभ तारीख बताया है.

कर्नाटक सीएम पद से सिद्धारमैया के इस्तीफा देने के बाद डीके शिवकुमार अब राज्य के अगले सीएम होंगे. डीके शिवकुमार के सीएम पद की शपथ ग्रहण को लेकर बेंगलुरु के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और आध्यात्मिक गुरु राजगुरु द्वारकानाथ गुरुजी (बेल्लूर शंकरणारायण द्वारकानाथ) ने 5 जून को सबसे शुभ तारीख बताया है.
राजगुरु द्वारकानाथ गुरुजी कर्नाटक के जाने-माने ज्योतिषाचार्य हैं और लंबे समय से डी.के. शिवकुमार के व्यक्तिगत ज्योतिषीय सलाहकार माने जाते हैं. दोनों के बीच दशकों पुराना संबंध है और शिवकुमार महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसलों, चुनावों और नेतृत्व परिवर्तन जैसे मुद्दों पर अक्सर उनकी सलाह लेते रहे हैं.
शपथ ग्रहण के लिए तीन शुभ तारीखें सुझाईं
ज्योतिषाचार्य बेल्लूर द्वारकानाथ के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व और विशेष रूप से गांधी परिवार की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने शपथ ग्रहण के लिए 31 मई, 5 जून और 6 जून की तारीखें सुझाई हैं. इनमें 5 जून को उन्होंने सबसे अधिक शुभ और अनुकूल बताया है.
सिद्धरमैया के समर्थकों से सावधान रहने की सलाह
राजगुरु द्वारकानाथ का दावा है कि यदि डी.के. शिवकुमार इस ग्रह-नक्षत्रों के अनुकूल समय में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं तो यह उनके राजनीतिक भविष्य और प्रशासनिक कार्यकाल के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा. एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में बेल्लूर द्वारकानाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डी.के. शिवकुमार के सामने कई राजनीतिक चुनौतियां होंगी. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया व्यक्तिगत रूप से उनके लिए मुश्किलें खड़ी नहीं करेंगे, लेकिन उनके समर्थकों की गतिविधियां कुछ बाधाएं पैदा कर सकती हैं.
उन्होंने कहा, 'प्रभावी शासन के लिए शिवकुमार को पर्याप्त आजादी मिलनी चाहिए. अतीत में आंतरिक सत्ता संघर्षों ने प्रशासन को प्रभावित किया है, इसलिए उन्हें राजनीतिक संतुलन बनाए रखते हुए विकास और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करना होगा.
केंद्र से टकराव नहीं, सहयोग की नीति अपनाएं
द्वारकानाथ गुरुजी ने यह भी सलाह दी कि डी.के. शिवकुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अत्यधिक आक्रामक रुख अपनाने से बचना चाहिए. उनके अनुसार, राज्य और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय से प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलते हैं और जनता को अधिक लाभ मिलता है.
बेंगलुरु की समस्याओं का समाधान बड़ी चुनौती
द्वारकानाथ का मानना है कि मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार का कार्यकाल आसान नहीं होगा. उनके सामने राजनीतिक चुनौतियों के साथ-साथ बेंगलुरु की बुनियादी समस्याओं को दूर करने, सुशासन स्थापित करने और जनता का विश्वास मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी.
डीके शिवकुमार के राजनीतिक उत्थान पर बोलते हुए बेल्लूर द्वारकानाथ ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे ईश्वरीय कृपा, कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प है. उन्होंने स्वयं को केवल एक माध्यम बताते हुए कहा कि शिवकुमार की गहरी आस्था, अथक कार्यशैली और मार्गदर्शन स्वीकार करने की प्रवृत्ति ने उन्हें मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
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