स्मृति ईरानी-राम माधव की वापसी, अमित मालवीय को जगह नहीं, क्या सच हुई कुंडली की भविष्यवाणी?
BJP New Team: स्मृति ईरानी और राम माधव की बड़ी वापसी हुई, जबकि अमित मालवीय का नाम सूची में नहीं है. जानें BJP की कुंडली ने क्या संकेत दिया था.

BJP New Team Astrology Prediction: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. 65 सदस्यों वाली इस टीम में अनुभव, सामाजिक समीकरण और आगामी चुनावों की रणनीति साफ दिखाई देती है. लेकिन सूची के तीन फैसलों ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है. स्मृति ईरानी और राम माधव की शीर्ष संगठन में वापसी हुई है, जबकि लंबे समय से BJP के डिजिटल अभियान का प्रमुख चेहरा रहे अमित मालवीय का नाम घोषित टीम में नहीं है.
स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है.
नई टीम की घोषणा से पहले BJP की कुंडली पर आधारित ABP Live ने अपने ज्योतिषीय विश्लेषण में अप्रत्याशित वापसी, पुराने संगठनात्मक समीकरणों में बदलाव, महिला नेतृत्व के उभार और डिजिटल कम्युनिकेशन में परिवर्तन के संकेत दिए गए थे. सूची सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या कुंडली की वह भविष्यवाणी सच साबित हुई?
स्मृति ईरानी को मिली राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी
BJP ने स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाकर उन्हें एक बार फिर सक्रिय संगठनात्मक राजनीति के केंद्र में ला दिया है. 2024 का लोकसभा चुनाव हारने और केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होने के बाद उनकी अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं.
राष्ट्रीय महामंत्री का पद केवल औपचारिक जिम्मेदारी नहीं है. इस पद पर नियुक्त नेता राज्यों के संगठन, चुनाव प्रबंधन, सदस्यता अभियान और केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों को जमीन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे में स्मृति ईरानी को किसी चुनावी राज्य, महिला मतदाताओं से जुड़े बड़े अभियान या राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक जिम्मेदारी दी जा सकती है.
नितिन नबीन की टीम में विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है.
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राम माधव की वापसी ने क्यों चौंकाया?
राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाना नई टीम के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेशों में से एक है. वह पहले BJP के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं और जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर तथा गठबंधन प्रबंधन से जुड़ी पार्टी की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.
कुछ वर्षों से वह BJP की शीर्ष राष्ट्रीय टीम से बाहर थे. अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में उनकी वापसी बताती है कि पार्टी अनुभव, वैचारिक रणनीति और संवेदनशील राज्यों में राजनीतिक प्रबंधन को फिर महत्व दे रही है.
राम माधव के साथ वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एस. नागराज, प्रो. तारिक मंसूर और डॉ. मधुचंद कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है.
इससे यह भी साफ है कि नितिन नबीन की टीम केवल युवा चेहरों वाली टीम नहीं है. इसमें पुराने अनुभव और नए चुनावी नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है.
अमित मालवीय का नाम सूची में नहीं
नई टीम का सबसे अधिक चर्चा में रहने वाला फैसला BJP के डिजिटल और सोशल मीडिया तंत्र से जुड़ा है. लंबे समय से पार्टी के IT सेल और ऑनलाइन राजनीतिक अभियान का प्रमुख चेहरा रहे अमित मालवीय का नाम घोषित 65 सदस्यीय टीम में नहीं है.
पार्टी ने छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया संयोजक बनाया है. प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को सोशल मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है.
यह नियुक्ति BJP की डिजिटल रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत देती है. अब पार्टी सोशल मीडिया संचालन को एक व्यक्ति केंद्रित व्यवस्था के बजाय अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों वाली टीम के माध्यम से आगे बढ़ा सकती है.
हालांकि यहां एक तथ्यात्मक अंतर समझना जरूरी है. अमित मालवीय का नाम नई राष्ट्रीय टीम में नहीं है, लेकिन पार्टी ने अलग से यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनकी IT विभाग से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां समाप्त कर दी गई हैं. 'सोशल मीडिया संयोजक' और 'IT विभाग प्रमुख' दो अलग पद हो सकते हैं. इसलिए आधिकारिक स्पष्टीकरण आने तक यह कहना अधिक सटीक होगा कि अमित मालवीय को घोषित नई राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली है.
घोषणा से पहले कुंडली में क्या संकेत मिले थे?
नई टीम आने से पहले BJP की कुंडली का विश्लेषण किया गया था. इसमें संगठन में अचानक परिवर्तन, पुराने शक्ति-समीकरणों के टूटने, कम चर्चित अथवा कुछ समय से मुख्य भूमिका से दूर नेताओं की वापसी और महिला चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई थी.
घोषणा से पहले प्रकाशित BJP कुंडली के विश्लेषण को यहां पढ़ सकते हैं- BJP की नई टीम में उलटफेर? दिग्गज बाहर, नए चेहरों की एंट्री!
इसमें यह भी बताया गया था कि नई टीम की सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक संवाद और डिजिटल कम्युनिकेशन हो सकता है. अब राम माधव तथा स्मृति ईरानी की वापसी और सोशल मीडिया टीम में बदलाव को उन्हीं संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है.
स्मृति ईरानी की वापसी के पीछे शुक्र का संकेत
BJP की उपलब्ध कुंडली 6 अप्रैल 1980, सुबह 11:45 बजे, नई दिल्ली के समय पर आधारित है. इस कुंडली में अभी चंद्र महादशा के अंतर्गत शुक्र की अंतर्दशा चल रही है.
शुक्र BJP की कुंडली में पंचम भाव का स्वामी होकर अपनी वृषभ राशि में स्थित है. पंचम भाव नई रणनीति, भविष्य का नेतृत्व, जनसंपर्क और राजनीतिक प्रस्तुति का प्रतिनिधित्व करता है. शुक्र महिला नेतृत्व और सार्वजनिक प्रभाव का भी कारक माना जाता है.
इसी आधार पर पहले विश्लेषण में कहा गया था कि नई टीम में महिलाओं को केवल संख्या पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि प्रभावशाली जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. स्मृति ईरानी को सीधे राष्ट्रीय महामंत्री बनाना इस ज्योतिषीय संकेत का सबसे मजबूत उदाहरण माना जा सकता है.
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में वसुंधरा राजे सिंधिया, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, डॉ. भारती प्रवीण पवार और डॉ. मधुचंद कर शामिल हैं. इससे महिला नेतृत्व की उपस्थिति केवल एक पद तक सीमित नहीं रहती.
राम माधव की वापसी और अष्टम भाव का मंगल
BJP की दशमांश कुंडली में मंगल अष्टम भाव में स्थित है. ज्योतिष में अष्टम भाव अचानक परिवर्तन, पुराने समीकरणों के टूटने, पर्दे के पीछे हुए फैसलों और अप्रत्याशित वापसी से जुड़ा माना जाता है.
नई टीम से पहले किए गए विश्लेषण में इसी आधार पर कहा गया था कि किसी ऐसे नेता को अचानक बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जो कुछ समय से मुख्य संगठनात्मक भूमिका से दूर रहा हो.
राम माधव की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में वापसी इस संकेत के काफी करीब दिखाई देती है. उनकी नियुक्ति केवल एक पद भरने का फैसला नहीं, बल्कि BJP की आने वाली वैचारिक, कूटनीतिक और क्षेत्रीय रणनीति का संकेत भी हो सकती है.
अमित मालवीय और कमजोर बुध का कनेक्शन
BJP की कुंडली में बुध लग्न और चतुर्थ भाव का स्वामी है, लेकिन उसका षड्बल अनुपात 0.79 है. यह आवश्यक बल से कम है. बुध संगठन के आंतरिक संवाद, सोशल मीडिया, प्रवक्ताओं, सूचना तंत्र और केंद्र-प्रदेश समन्वय का कारक है.
घोषणा से पहले के विश्लेषण में कमजोर बुध को नई टीम की सबसे संवेदनशील कड़ी बताया गया था. यह संभावना जताई गई थी कि पार्टी डिजिटल कम्युनिकेशन, प्रवक्ता तंत्र और संदेश पहुंचाने के तरीके में बदलाव कर सकती है.
अमित मालवीय का नई सूची में न होना और दीपक म्हस्के के नेतृत्व में पांच सदस्यीय सोशल मीडिया टीम बनना इसी दिशा में बड़ा प्रयोग दिखाई देता है. पार्टी ने डिजिटल जिम्मेदारी को कई चेहरों में बांटकर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संदेश के बेहतर समन्वय की कोशिश की है.
लेकिन कमजोर बुध यह चेतावनी भी देता है कि नई सोशल मीडिया टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग बयानों, अतिआक्रामक प्रतिक्रिया और तथ्यात्मक विवादों से बचने की होगी.
65 सदस्यीय टीम में किन समीकरणों पर जोर?
नई राष्ट्रीय टीम में अलग-अलग राज्यों, सामाजिक वर्गों और चुनावी जरूरतों को जगह दी गई है. उत्तर प्रदेश के कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है. हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री, डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव सहित कई नेताओं को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक मोर्चों के लिए भी नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं.
पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी और डॉ. संबित पात्रा को नॉर्थ ईस्ट संयोजक बनाया गया है. अनिल बलूनी को मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिली है. आशीष उषा अग्रवाल, प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव मीडिया सह-संयोजक बनाए गए हैं.
इन नियुक्तियों से स्पष्ट है कि BJP ने चुनाव प्रबंधन के साथ मीडिया और सोशल मीडिया तंत्र को अलग-अलग टीमों में पुनर्गठित किया है.
सितंबर के बाद शुरू होगी असली परीक्षा
BJP के 2026-27 के वर्षफल में 6 सितंबर से राहु की मुद्दा दशा शुरू होगी. राहु नेटवर्क विस्तार, नए राजनीतिक प्रयोग, डिजिटल माध्यम और बड़े अभियानों से जुड़ा माना जाता है.
इसलिए नई टीम की वास्तविक सक्रियता सितंबर से अक्टूबर के बीच दिखाई दे सकती है. इस दौरान पदाधिकारियों को राज्यों का प्रभार, सदस्यता अभियान, चुनावी कार्यक्रम और विपक्ष के खिलाफ बड़े राजनीतिक अभियानों की जिम्मेदारी मिल सकती है.
स्मृति ईरानी और राम माधव को कौन-से राज्य या अभियान सौंपे जाते हैं तथा दीपक म्हस्के की नई सोशल मीडिया टीम पार्टी के डिजिटल संदेश को किस तरह बदलती है, इस पर सबसे अधिक नजर रहेगी.
क्या वास्तव में सच हुई भविष्यवाणी?
घोषणा से पहले BJP की कुंडली में चार प्रमुख संकेत सामने आए थे. बड़े संगठनात्मक बदलाव, अप्रत्याशित वापसी, महिला नेतृत्व को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और डिजिटल कम्युनिकेशन में परिवर्तन.
स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी, अमित मालवीय का घोषित सूची में न होना और नई सोशल मीडिया टीम का गठन इन संकेतों से स्पष्ट समानता रखते हैं.
ज्योतिष किसी राजनीतिक फैसले का वैज्ञानिक प्रमाण या निश्चित परिणाम नहीं है. लेकिन इस मामले में घोषणा से पहले ग्रहों के आधार पर जिन क्षेत्रों में बदलाव की संभावना व्यक्त की गई थी, वास्तविक सूची में उन्हीं क्षेत्रों में महत्वपूर्ण फेरबदल दिखाई दिया है. अब अगला सवाल टीम के नामों का नहीं, उसके प्रदर्शन का है. आने वाले चुनाव बताएंगे कि नितिन नबीन का यह प्रयोग BJP के लिए कितना सफल साबित होता है.
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