बसंत पंचमी पर बारिश होना शुभ या डराने वाले बदलावों का संकेत, क्या कहते हैं धर्म ज्योतिष
Rainfall on Basant Panchami 2026: 23 जनवरी को तड़के से दिल्ली-NCR समेत कई स्थानों पर तेज बारिश हो रही है. बसंत पंचमी के दिन बारिश होना डराती है या उम्मीद जगाती है. जानें ज्योतिष में छिपा बड़ा संकेत.

Rainfall on Basant Panchami 2026: पंचांग के मुताबिक आज 23 जनवरी को माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है. आज देशभर में बसंत पंचमी या सरस्वती पूजा (Saraswati Puja) का पर्व मनाया जा रहा है. बसंत पंचमी का पर्व वसंत ऋतु के आगमन का भी प्रतीक है. ऐसे में आज के दिन बारिश (Rain) होना क्या संकेत देता है, आइए जानते हैं.
बसंत पंचमी पर झमाझम बारिश और काले बादल का डेरा
23 जनवरी को बसंत पंचमी पर अलसुबह तेज बारिश शुरू हो गई और आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल दिया. हालांकि मौसम विभान (IMD) ने पहले ही 23 जनवरी के लिए बारिश का अलर्ट (Weather Report) जारी किया था. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और आसपास के स्थानों में शुक्रवार को तेज बारिश हो रही है. साथ ही आंधी-बिजली का भी अनुमान है. एक ओर बारिश से लोगों को परेशानी हो रही है, तो वहीं इसे शुभ-अशुभ संकेतों से भी जोड़ा जा रहा है.
बारिश केवल मौसमी घटना नहीं, छिपा है गहरा संकेत
बसंत पंचमी का त्योहार मां सरस्वती को समर्पित है. साथ ही उसे ऋतुराज वसंत के आगमन से भी जोड़ा जाता है. इस पावन दिन पर सभी विद्या, बुद्धि, कला और नवचेतना की पूजा करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं. लेकिन जब बसंत पंचमी के दिन बारिश हो जाए, तो कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो जाती हैं. इसके साथ मन में यह सवाल भी आता है कि, पावन दिन पर बारिश होना कहीं शुभ-अशुभ संकेत तो नहीं. बता दें कि धर्म और ज्योतिष दृष्टि से बारिश होना केवल मौसमी घटना नहीं, बल्कि इसे विशेष संकेत माना जाता है.
शास्त्रों में क्या संकेत
शास्त्र के अनुसार, वसंत ऋतु की शुरुआत के दिन वर्षा होना समृद्धि का सूचक है. माना जाता है कि, बसंत पंचमी पर अगर हल्की और शांत बारिश हो तो यह शुभ होती है और मां सरस्वती कृपा बरसाती है. ऐसी बारिश ज्ञान, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाती है.
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन चंद्रमा मीन राशि में हैं, जिसे अधिकांशत: शुभ माना जाता है. मीन राशि के स्वामी गुरु हैं और गुरु ग्रह के प्रभाव में हुई बारिश को ज्ञान, धर्म और नैतिक मूल्यों की मजबूती से जोड़ा जाता है. लेकिन राहु-केतु या शनि का प्रभाव प्रबल हो और तेज या फिर असामान्य बारिश हो, तो इसे मौसम चक्र में बदलाव और आने वाले समय में प्राकृतिक असंतुलन का संकेत माना जाता है.
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