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शुगर फ्री मिठास वाली इस फसल की खेती कराएगी तगड़ी कमाई, एक बार लगाकर 5 साल तक बरसेंगे पैसे

Stevia Cultivation Tips: चीनी से 300 गुना मीठी स्टीविया की खेती शुगर-फ्री मार्केट में काफी पॉपुलर हो रही है. इसकी बुवाई सिर्फ एक बार करनी होती है. 5 साल तक लगातार किसान तगड़ा प्रॉफिट कमा सकते हैं.

Stevia Cultivation Tips: आज के वक्त में अपनी सेहत को लेकर बहुत से लोग सजग हो रहे हैं. इसलिए लोग खाने में चीनी का कम इस्तेमाल कर रहे हैं. और यही वजह है कि खेती में कई चीजें ऐसी उगाई जा रही हैं जो कि चीनी का अल्टरनेट बन के आ रही हैं. अगर आप भी कुछ ऐसा करने की सोच रहे हैं. तो स्टीविया यानी मीठी तुलसी की खेती आपके लिए एक बेहतरीन मौका हो सकती है. चीनी के बजाय शुगर-फ्री ऑप्शंस की वजह से बाजार में स्टीविया की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है.

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह चीनी से करीब 300 गुना ज्यादा मीठी होती है. लेकिन इसमें कैलोरी बिल्कुल जीरो होती है. किसानों के लिहाज से यह फसल इसलिए फायदे का सौदा है क्योंकि इसकी बुवाई सिर्फ एक बार करनी पड़ती है और इसकी फसल से अगले 5 साल तक लगातार उपज मिलती रहती है. जिससे बंपर कमाई का रास्ता खुल जाता है.

कम लागत और आसान देखरेख 

स्टीविया की खेती की शुरुआत करने के लिए बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं होती है. एक एकड़ खेत में स्टीविया उगाने के लिए शुरुआती खर्च काफी सीमित रहता है. जिसमें पौधों की खरीद, खेत की तैयारी और खाद-पानी का खर्च शामिल है. इसकी खेती के लिए बहुत ज्यादा पानी या बहुत महंगे फर्टिलाइजर्स की जरूरत नहीं पड़ती.  

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जिससे लागत काफी कम हो जाती है. एक बार पौधे लगाने के बाद यह बहुत तेजी से फैलते हैं और इनकी पत्तियां ही असली कमाई का जरिया होती हैं. इस फसल की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे मवेशी या दूसरे जानवर भी नहीं खाते जिससे फसल के खराब होने या नुकसान का खतरा बिल्कुल न के बराबर हो जाता है.

5 साल तक लगातार कमाई 

स्टीविया की खेती से होने वाली आमदनी लंबी और फिक्स होती है. एक बार खेत में पौधे लगाने के बाद साल में तीन से चार बार इसकी पत्तियों की कटाई की जा सकती है. इन कटी हुई पत्तियों को सुखाकर बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जाता है. आज के समय में बड़ी-बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियां, फूड ब्रांड्स और हर्बल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियां सीधे किसानों से स्टीविया की सूखी पत्तियां खरीद रही हैं. 

इतनी हो सकती है कमाई

एक एकड़ से सालाना औसतन 1 से 1.25 लाख रुपये तक की शुद्ध बचत आराम से हो जाती है. इस हिसाब से देखें तो 5 साल के पूरे साइकिल में बिना किसी दोबारा बुवाई के खर्च के किसान 6 लाख तक का नेट प्रॉफिट आसानी से कमा सकते हैं.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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