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Green Chili Cultivation: किसानों को मालामाल बना देगी हरियाली मिर्च, तीखी उपज के लिये अपनायें ये तरीका

Farming Technique: जैविक विधि से मिर्च की खेती करने पर कम मेहनत में ही अधिक मिर्चों का उत्पादन ले सकते हैं. इस प्रकार समय, श्रम और पैसों की काफी बचत होती है.

Green Chili Farming: हरी मिर्च को खरीफ सीजन (Kharif Season) की एक प्रमुख सब्जी फसल कहते हैं, जिसे सुखाकर मसाले के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. वैसे तो साल में कई बार हरी मिर्च की फसल (Green Chili Farming) लगाई जाती है, लेकिन मानसून में इसकी खेती करके बंपर उत्पादन लेने में मदद मिलती है. इस दौरान मिर्च की बुवाई से लेकर कटाई तक सभी काम सावधानी से करने चाहिये. खासकर मिर्ची की बुवाई के लिये उन्नत किस्मों (Advanced Varieties of Chili)  का ही चयन करना चाहिये, जिससे फसल में जोखिम की संभावना कम रहे.

इस तरह करें मिर्च की खेती (Process of Green Chili Cultivation) 
मध्यम वर्षा वाले स्थानों पर मिर्च की फसल लगा सकते हैं. ध्यान रखें कि ज्यादा बारिश और ज्याद गर्मी से भी फसल को नुकसान हो सकता है.

  • इसकी खेती के लिये बलुई या दोमट मिट्टी में जल निकासी का प्रबंध करें और जैविक विधि से खेत को तैयार करें.
  • बेहतर उत्पादन के लिये खेत में कंपोस्ट खाद जरूर डालें, जिससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की पूर्ति हो सके और अलग से उर्वरकों का प्रयोग न करना पड़े.
  • बता दें कि जैविक विधि से मिर्च की खेती करने पर कम मेहनत में ही अधिक मिर्चों का उत्पादन ले सकते हैं. इस प्रकार समय, श्रम और पैसों की काफी बचत होती है.


Green Chili Cultivation: किसानों को मालामाल बना देगी हरियाली मिर्च, तीखी उपज के लिये अपनायें ये तरीका

मिर्च के पौधों की रोपाई (Plantation of Green chili Plants)
मिर्च की खेती के लिये इसके उन्नत बीजों से पौधे तैयार करने चाहिये. इसके लिये नर्सरी में जीवांश की मदद से बीजों की बुवाई करें.

  • पौधशाला में बुवाई के बाद 4 से 8 सप्ताह में मिर्च के पौधे तैयार हो जाते हैं, जिनकी जुलाई के अंत तक खेत में रोपाई कर देनी चाहिये.
  • रोपाई से पहले माइकोराइजा की 5 मिली. मात्रा एक लीटर पानी में घोलकर मिर्च के पौधों की जड़ों का उपचार करना चाहिये.
  • बता दें कि बीजों का और पौधों का उपचार करने से पौधे बिना जोखिम के तेजी से बढ़ते हैं. 
  • रोपाई के समय खेत की मिट्टी में हल्की नमी बनायें और लाइनों में पौधों को लगायें, जिससे निराई-गुडाई में आसानी रहे.
  • मिर्च की रोपाई के लिये हमेशा कम धूप और शाम का समय बेहतर रहता है.


Green Chili Cultivation: किसानों को मालामाल बना देगी हरियाली मिर्च, तीखी उपज के लिये अपनायें ये तरीका

खेत में डालें भरपूर खाद (Nutrition Management in Green Chili Field) 
हरी मिर्च की फसल (Green Chili Crop) से अधिक उत्पादन लेने और मिट्टी में पोषण की कमी को पूरा करने में खाद-उर्वरक (Organic Fertilizer) अहम भूमिका अदा करते हैं. ऐसे में खेत तैयार करते समय 50 क्विंटल वर्मीकंपोस्ट (Vermi Compost for Chili Farming) या 80 से 100 क्विंटल गोबर की खाद को प्रति एकड़ खेत में मिला दें. इसी के साथ मिट्टी की जांच (Soil Test) के आधार पर खेत में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की उचित मात्रा का भी इस्तेमाल करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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