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हर साल एक ही फसल... इससे मिट्टी को कितना नुकसान?

हर साल एक ही फसल उगाने से मिट्टी कमजोर हो सकती है. जानें इससे मिट्टी को क्या-क्या नुकसान होता है और इसे बचाने का आसान तरीका क्या है.

Disadvantages of growing same crop every year: बहुत से किसान हर साल अपने खेत में एक ही तरह की फसल उगाते हैं. कभी फायदे के लिए, तो कभी बस आदत की वजह से. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार एक ही फसल लगाने से मिट्टी को काफी नुकसान होता है? आइए जानते हैं इससे मिट्टी पर क्या असर पड़ता है और क्यों इससे बचना चाहिए.

मिट्टी की ताकत कम हो जाती है

हर फसल को मिट्टी से अलग-अलग तरह की चीजें चाहिए होती हैं. जैसे कोई फसल मिट्टी से ज्यादा पानी खींचती है, तो कोई और चीज ज्यादा लेती है. अगर हर साल एक ही फसल लगाई जाए, तो मिट्टी से बार-बार वही चीजें निकलती रहती हैं. धीरे-धीरे मिट्टी में वो चीजें कम पड़ने लगती हैं, जिससे मिट्टी कमजोर हो जाती है. इससे अगली बार फसल भी पहले जितनी अच्छी नहीं होती और उपज कम होने लगती है. किसान को यह भी समझ नहीं आता कि आखिर फसल कम क्यों हो रही है, जबकि दिक्कत मिट्टी के अंदर ही चल रही होती है.

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कीड़े-मकोड़े और बीमारी बढ़ने लगती है

जब एक ही फसल बार-बार लगाई जाती है, तो उससे जुड़े कीड़े और बीमारियां भी उसी खेत में जमा होती रहती हैं. ये कीड़े मिट्टी में या पौधों के बचे हुए हिस्सों में छिपे रहते हैं और अगली फसल पर फिर से हमला कर देते हैं. समय के साथ यह दिक्कत और बढ़ती जाती है, जिससे किसान को ज्यादा दवा छिड़कनी पड़ती है. ज्यादा दवा डालने से भी मिट्टी पर बुरा असर पड़ता है, और यह एक चक्र बन जाता है जो मिट्टी को धीरे-धीरे और खराब करता जाता है.

मिट्टी सख्त होने लगती है

मिट्टी के अंदर अच्छे बैक्टीरिया और छोटे-छोटे जीव होते हैं, जो मिट्टी को अच्छा बनाए रखते हैं. ये जीव मिट्टी को हल्का और भुरभुरा बनाए रखने में मदद करते हैं. जब एक ही फसल बार-बार लगाई जाती है, तो यह सब गड़बड़ हो जाता है. मिट्टी सख्त होने लगती है, और उसमें पानी सोखने की ताकत भी कम हो जाती है. बारिश का पानी सही से मिट्टी के अंदर नहीं जा पाता और ऊपर से ही बह जाता है. यह आगे चलकर खेती के लिए बड़ी दिक्कत बन सकता है, क्योंकि सख्त मिट्टी में पौधों की जड़ें भी ठीक से फैल नहीं पातीं.

फसल पर पड़ता है सीधा असर

मिट्टी कमजोर होने और कीड़े बढ़ने की वजह से धीरे-धीरे फसल की क्वालिटी और मात्रा दोनों कम होने लगती हैं. किसान को पहले जितनी फसल पाने के लिए ज्यादा खाद और दवा डालनी पड़ती है, जिससे खेती का खर्च भी बढ़ जाता है. कई बार इतना खर्च करने के बाद भी फसल पहले जैसी अच्छी नहीं मिल पाती, जिससे किसान को नुकसान झेलना पड़ता है.

क्या है इसका आसान हल?

इस दिक्कत से बचने का सबसे आसान तरीका है हर साल अलग-अलग फसल उगाना. जैसे एक साल दाल वाली फसल लगाई जाए, तो अगले साल कोई अनाज वाली फसल लगाई जाए. इससे मिट्टी को हर बार कुछ नया मिलता रहता है, और मिट्टी अच्छी बनी रहती है. दाल वाली फसलें मिट्टी को कुछ चीजें वापस भी देती हैं, जिससे अगली फसल को फायदा मिलता है.

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