एक्सप्लोरर

खेतों में केमिकल डालना बंद करें, घर पर बनाएं ऑर्गेनिक खाद, कम खर्च में फसल देगी छप्परफाड़ मुनाफा

Organic Fertilizer Making Tips: केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल बंद करके किसान अब घर के किचन वेस्ट और केंचुए की मदद से नेचुरल खाद तैयार कर सकते हैं. यह बेहद कम खर्च में छप्परफाड़ मुनाफा देती है.

Organic Fertilizer Making Tips:  खेतों में अंधाधुंध केमिकल फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल करने से न सिर्फ हमारी मिट्टी की उपजाऊ शक्ति खत्म हो रही है, बल्कि खेती की लागत भी लगातार बढ़ती जा रही है. इसका सीधा असर किसानों की जेब और लोगों की सेहत दोनों पर पड़ रहा है. इस समस्या का सबसे बेस्ट और परमानेंट सोल्यूशन है कि हम केमिकल छोड़ें और घर पर ही प्राकृतिक तरीके से बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद तैयार करें. 

घर के किचन से निकलने वाले वेस्ट और डेली यूज की चीजों से बनने वाली यह खाद पूरी तरह नेचुरल होती है, जिससे मिट्टी को सारे जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इस देसी फॉर्मूले को अपनाने से आपकी लागत लगभग जीरो हो जाएगी और फसलों की क्वालिटी इतनी शानदार होगी कि आपको मार्केट में इसके बहुत ऊंचे दाम मिलेंगे.

किचन वेस्ट और केंचुए से बनाएं खाद

घर पर बेस्ट क्वालिटी की ऑर्गेनिक खाद बनाने के लिए आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है. बल्कि आपके किचन से रोजाना निकलने वाला कचरा ही इसका सबसे बड़ा सोर्स है. सब्जी और फलों के छिलके, बची हुई चायपत्ती और सूखे पत्तों को एक बड़े गड्ढे या कंपोस्ट बिन में इकट्ठा करना शुरू करें. इस कचरे को जल्दी और बेहतर तरीके से सड़ाने के लिए इसमें थोड़ा सा गोबर और केंचुआ मिला दें. 

यह भी पढ़ें: बिना खेत के ऐसे उगा सकते हैं स्ट्रॉबेरी की फसल, हर सीजन में रहती है डिमांड

केंचुए इस पूरे वेस्ट को बहुत तेजी से खाकर बेहतरीन वर्मीकंपोस्ट यानी केंचुआ खाद में बदल देते हैं. जिसे खेती के लिए ब्लैक गोल्ड कहा जाता है. इस खाद में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होते हैं. जो पौधों की जड़ों को मजबूत बनाने और उनके तेजी से विकास में सबसे ज्यादा मददगार साबित होते हैं.

कम लागत में मिट्टी का कायाकल्प 

इस घरेलू ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह मिट्टी की जलधारण क्षमता यानी पानी रोकने की ताकत को बढ़ा देती है. जिससे फसलों को बार-बार सींचने की जरूरत नहीं पड़ती. केमिकल खाद की तरह इसके इस्तेमाल से मिट्टी कड़क नहीं होती. बल्कि लंबे समय तक भुरभुरी और उपजाऊ बनी रहती है. 

होती है अच्छी खासी बचत

लागत की बात करें तो चूंकि यह खाद पूरी तरह मुफ्त की चीजों से तैयार होती है. इसलिए किसानों का बाजार से महंगे फर्टिलाइजर खरीदने का मोटा खर्च सीधे-सीधे बच जाता है. जब कम खर्च में फसल की पैदावार तीन गुना तक बढ़ जाती है. तो किसानों को सीधा छप्परफाड़ मुनाफा मिलता है. इस मॉडर्न और इको-फ्रेंडली तरीके को अपनाकर आप अपनी जमीन को भी बंजर होने से बचा सकते हैं और अपनी कमाई को भी डबल कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें: हर बार नीलगाय कर देती है फसल को बर्बाद, ये देसी तरीका अपनाएं किसान

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Farmers Success Stories: भारत के ऐसे किसान, जिन्होंने बदल दी खेती की तस्वीर
भारत के ऐसे किसान, जिन्होंने बदल दी खेती की तस्वीर
 Tomato Farming Tips: टमाटर की फसल कभी नहीं होगी खराब, बस कर लें ये उपाय
टमाटर की फसल कभी नहीं होगी खराब, बस कर लें ये उपाय
गांव में शुरू करें बत्तख पालन, होगी अच्छी कमाई
गांव में शुरू करें बत्तख पालन, होगी अच्छी कमाई
ड्रैगन फ्रूट खेती का सही मौसम, जानें कब मिलेगी बंपर पैदावार
ड्रैगन फ्रूट खेती का सही मौसम, जानें कब मिलेगी बंपर पैदावार
Advertisement

वीडियोज

Pawan Singh की शादी पर Radhe Maa का बड़ा Prediction, 45 की उम्र में मिलेगी Loving Wife!
Ramayana के VFX Trolls पर Ranbir Kapoor का जवाब, बोले- लोग CG Critics बन गए हैं
Pati Brahmachari:😍Isha-Suraj के बीच दिखी केमिस्ट्री, पर इस खुशी के पीछे का राज क्या? #sbs
Bollywood News: संजू-सलमान की जोड़ी! फिल्म में सलमान खान और संजय दत्त का धमाकेदार स्पेशल एक्शन कैमियो देखने को मिलेगा (13.08.26)
Batwara 1947 vs Awarapan 2: Screens की लड़ाई में कौन मारेगा बाजी?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'पहले परमाणु अटैक करेगा पाकिस्तान', इस प्रोफेसर का दावा, पहले की भविष्यवाणियां हुईं सच
'पहले परमाणु अटैक करेगा पाकिस्तान', इस प्रोफेसर का दावा, पहले की भविष्यवाणियां हुईं सच
अभिजीत दीपके बोले, 'एक धर्मेंद्र प्रधान के रेजिग्नेशन से क्या...'
अभिजीत दीपके बोले, 'एक धर्मेंद्र प्रधान के रेजिग्नेशन से क्या...'
'जिसे चाहा वो मिला नहीं...', पवन सिंह को हुआ था एकतरफा प्यार, एक्ट्रेस को कर चुके डेट
'जिसे चाहा वो मिला नहीं...', पवन सिंह को हुआ था एकतरफा प्यार, एक्ट्रेस को कर चुके डेट
श्रीलंका में क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ियों से विवाद, कोच की मौत से मचा हड़कंप
श्रीलंका में क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ियों से विवाद, कोच की मौत से मचा हड़कंप
सुखबीर बादल पर हमले को राजनाथ सिंह ने बताया चिंताजनक, बोले- लोकतंत्र में…
सुखबीर बादल पर हमले को राजनाथ सिंह ने बताया चिंताजनक, बोले- लोकतंत्र में…
फैसले से पीछे हटा बार काउंसिल, CJI का विरोध करने वाले लॉ ग्रेजुएट्स से हटाई रोक
फैसले से पीछे हटा बार काउंसिल, CJI का विरोध करने वाले लॉ ग्रेजुएट्स से हटाई रोक
'ये BJP-RSS की मनुवादी सोच का नतीजा', खरगे के शुद्धिकरण वाले बयान पर बोले राहुल गांधी
'ये BJP-RSS की मनुवादी सोच का नतीजा', खरगे के शुद्धिकरण वाले बयान पर बोले राहुल गांधी
विपक्ष का हंगामा, संसद ठप! लोकसभा में 19%, राज्यसभा में 39% काम के साथ खत्म मानसून सत्र
विपक्ष का हंगामा, संसद ठप! लोकसभा में 19%, राज्यसभा में 39% काम के साथ खत्म मानसून सत्र
Embed widget