50 रुपये में सीखें मशरूम की खेती, यूपी सरकार दे रही ट्रेनिंग
युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मशरूम की खेती के लिए 6 दिन का विशेष प्रशिक्षण दे रही है. अगर आप भी मशरुम की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है.

मशरुम की खेती कम जगह में शुरू होने वाला एक बेहतरीन व्यवसाय है. यह युवाओं के लिए रोजगार का एक अच्छा साधन बन सकता है. खास बात यह है कि इसे बढ़ावा देने के लिए यूपी सरकार एक विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने जा रही है. यह कार्यक्रम 6 सितंबर से 20 मार्च तक चलने वाला है. जिसमें 50-50 लोगों के बैच बनाकर उन्हें 6 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके लिए इच्छुक व्यक्तियों को केवल 50 रुपए देने होंगे. यह कार्यक्रम यूपी के राज्य मशरुम प्रयोगशाला, अलीगंज (लखनऊ) में दिया जाएगा. इस ट्रेनिंग में युवाओं को मशरुम को वैज्ञानिक तरीके से उगाना, उसकी सही देखभाल करना और बाजार में बेचने जैसी जानकारी दी जाएगी.
युवाओं को मिलेगा फायदा
मशरुम की मांग अब बाजार में बढ़ रही है. ऐसे में यह युवाओं और किसानों के लिए बेहतर आय का एक अच्छा स्त्रोत बनकर उभरा है. मशरुम को उगाने के लिए कम जगह लगती है. वहीं यह कम लागत में आसानी से शुरू किया जाने वाला व्यवसाय है. ऐसे में युवा और किसान इसे कम लागत में शुरू कर के अच्छी आमदनी कमा सकते हैं. हालांकि मशरुम की नियमित देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में इस प्रशिक्षण के माध्यम से किसान को इससे जुड़ी जानकारी के बारे में सिखने को मिलेगा. इस प्रशिक्षण में युवाओं को मशरुम उगाने के आसान तरीके सिखाएं जाएंगे. इसी के साथ नए-नए प्रयोग से मशरुम को कैसे उगाया जा सकता है व उनकी देखभाल कैसे की जाती है यह भी सिखाया जाएगा.
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50 रुपए शुल्क में मिलेगा प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण की खास बात यह है कि सरकार केवल 50 रुपए शुल्क में यह प्रशिक्षण दे रही है. प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए किसानों को उद्यान विभाग में जाकर अपना पंजीकरण कराना जरूरी है. जैसे ही संभवित बैच का समय निश्चित होगा लोगों को उसकी जानकारी पहले से ही दे दी जाएगी. इस प्रशिक्षण में 50 लोगों के बैच बनाकर उन्हें 6 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस प्रशिक्षण का मुख्य उदेश्य किसानों और युवाओं की आय में बढ़ोतरी करना है. वहीं जो किसान और युवा स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है. हालांकि किसानों को अपना रहने-खाने का खर्च खुद देखना होगा. इसके लिए सरकार की ओर से कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है.
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